26/10/2024
राजनीति के आधर पर समाज की मूवमेंट आगे बढ़ती है _____
मान्यवर कांशीरम साहब
( लखनऊ 25 ऑगस्ट 2003)
ગુજરાત ના મદારીથી પ્રચંડ પ્રભાવિત મહા પ્રચંડ મૂર્ખ સુધી આ પોસ્ટ પહોંચાડવા નમ્ર વિનંતી. જેથી એ ભાતિયા વાળો ચમચો મદારી અને એની પ્લાસ્ટિક ની નાની ચમચીઓ ને ખબર પડે કે આ લડાઈ બંધારણીય જોગવાઈ માં મળેલ સો ચોરસવાર જમીન મેળવવની લડાઈ નથી . આ લડાઈ સ્વાભિમાન ની લડાઈ છે . આ લડાઈ બરાબરી ની લડાઈ છે . આ લડાઈ સમાનતા ની લડાઈ છે . આગળ આ પોસ્ટ વાંચશો આટલે સમજાઈ જશે . સંપૂર્ણ વાંચવા માટે ખૂબ ખૂબ આભાર ..!
સાથે સાથે ખૂબ ખૂબ આભાર બહુજન સંગઠક ,નઇ દિલ્લી, અંક 27 ,2003.
जाती के आधार पर जैसा कारोबार इस देश मे चल रहा है , इसको इस तरह से चलना नहीं चाहिए । हम सब लोग इंसान है , इंसान को इंसान की तरह आगे बढ़ना चाहिए और दुसरोको भी आगे बढ़ने की कोशिस करनी चाहिए । इसी के आधार पर समाज की मूवमेंट आगे बढ़ती रहती है । महार को बुरा लगा तो महार ने मूवमेंट चलाई , चमार को बुरा लगा तो चमार ने मूवमेंट चलाई ,किसी और को को बुरा लगा तो उसने मूवमेंट चलाई । इस तरह से देश भर मे मूवमेंट चलती रही । रही राजनीति की बात , तो राजनीति के आधार पर मूवमेंट चलती है और आगे बढ़ती है , इसलिए मुजे भी आप लोगों (बहुजन समाज ) को ये बताना है की राजनीति को हम कितना भी भला-बुरा कहे लेकिन राजनीति के आधार पर मूवमेंट चलती है , राजनीति कोई बुरी चीज नहीं है , अच्छी बुरी जो भी है , लेकिन राजनीति के आधार पर बात आगे बढ़ती है । वैसे आज मायावती के कहने को मई सुन रहा था की ये मुख्यमंत्री बनी । वैसे तो ये तीन बार मुख्यमंत्री बनी लेकिन तीसरी बार चौदह पंद्रह महीनों के लिए मुख्यमंत्री बनी तो उन्हों ने 25 हजार लोगों को नोकरी का , रोजी रोटी का बंदोबस्त किया , क्योंकि मायावती मुख्यमंत्री बनी । देश मे वैसे तो बीस पच्चीस मुख्यमंत्री है , लेकिन मायावती बनी तो उसने इस आधार के ऊपर की शेड्यूलड ट्राइब और ओबीसी का हिस्सा ,दूसरे लोग जो आगे बढ़े है , उन्होंने इनका हिस्सा मार है , उनका हिस्सा छिना तो बैकलोग हो गया । तो मायावती ने ये चौदा परंदराह महीनों मे बैक्लॉग को भरा । बैक्लॉग भरने पर 25,000 लोगों को नोकरी मिली । ये क्यों हुआ क्योंकि वो मुख्यमंत्री है। अब भारत भर मे बीस पच्चीस मुख्यमंत्री है । उनके प्रदेशों मे भी स। s . c. , s . t . , o . b . c . का हिस्सा मारा गया है , अगर सारे प्रदेशों मे बी sc ,st , obc का बैकलोग भरा जाता तो वह भी लाखों लोगों को नोकरी मिलती । ये सोचने वाली बात है , इस लिए राजनीति कोई बुरी चीज नहीं है ।
मान्यवर कांशीराम साहब ने आगे कहा की मैंने मायावती को बोला है की आब तो मैं भी बोलने लगहू की , बहुतसा काम बहुत लोगों से हो शकता है , अगर सही आदमी सही जगह हो । अगर मैं प्रधानमंत्री बनता हु तो मैं बहुत काम कर शकता हु । आज हमारे देश मे 87 टन कोयला जमीन के नीचे पड़ा है । लेकिन आज का प्रधान मंत्री , जिसकी जिम्मेदारी है कोयला निकाल ने की , वो कोयला निकाल ने के लिए लोगों को इसलिए नहीं लगता है की कोयला निकाल ने वाले लोग ना ब्राह्मण है , न क्षत्रिय है , न वैश्य है , वोतों शूद्र या अतिशूद्र है । इस लिए आज का प्रधान मंत्री कोयला निकालने का काम नहीं कर रहा है । क्योंकि शूद्र अतिक्षुद्र को नोकरी पर लगाना होगा । ( 2003 માં કયો પ્રધાનમંત્રી હતો પૂછજો તમારા આજ ના મદારી ને . અને એ પણ પૂછજો પ્રાઈવેટિકરણ કોણ લાવ્યું ? આવી નોકરી માં એસસી એસટી ઓબીસી ને લેવા ના પડે આટલે પ્રાઈવેટિકરણ લાવ્યા આ મદારીના આકા ) इस देश मे आज (2003 ) पाँच लाख लोग कोयला निकालने का काम कर रहे है । अगर आज मई प्रधानमंत्री होता तो आज मई 50 लाख लोगों को आज ही कोयला निकाल ने की नोकरी देता ।
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(बहुजन संगठक , नई दिल्ली , अंक 3,जनवरी 2000)
____________मान्यवर कांशीराम साहब
मार्च 1997 बहुजन सरकार बनी तो तब उस से पहले जो भी सरकार पिछले 30 सालों से बनी है । चाहे वो जनता पार्टी हो, जनता दल की हो ,बीजेपी की हो , कॉंग्रेस की हो हर सरकार ने शेड्यूल कास्ट को धोका देने का काम किया है । हम लोग नर लगते थे की ____ '' जो जमीन सरकारी है __वो जमीन हमारी है ।'' इस नारे से प्रभावित होकर उन्हों ने इनकी भूख दूर करने के लिए जमीन के पत्ते देना शुरु किया । कागज के ऊपर पत्ते देना शुरू कर दिए । इस तरह 7 लाख एकड़ जमीन उन्होंने कागज के ऊपर ददेदी । लेकिन जमीन के ऊपर एक एकड़ नहीं दिया । तब मई ने शेड्यूल कास्ट के अधिकारियों को कहा की 45 जिलों की डिप्टी कलेक्टर ओर ssp शेड्यूल कास्ट के लगता हु ताकि दोनों आपस मे एक दुसरेको कूपरेट करे ओर सहयोग मे रहे मैं उन पार्टी ओ को घेर कर रखता हु । ताकि कोई पार्टी चू ----चा न करे । मैं यह चू चा रोकता हु आप लोग कब्जा दो । मैं देखकर दाङ राहगाय की जो अधिकारी पार्टी के गुलम थे थे उन्हों ने 180 दिन का काम सिर्फ 100 दिन मे कर पूरा कर दिया । 7 लाख अक्कड़ जमीन के जो पट्टे जो कागज पर थे , उसे जमीन के ऊपर दे दिए ।
इसी तरह हमारे लोगों को गुमराह करने के लिए बाबा साहब अंबेडकर का नाम लेकर उन्हों ने '' अंबेडकर ग्राम विकास योजना '' बनाई । उसके बाद जब हमारी सरकार बनी तो मैं ने हमारे अधिकारियों से कहा की इस योजना को आप उत्तर प्रदेश मे लागू करो । यह काम भी हमारे अधिकारियों ने 100 दिन मे ही पूरी योजना लागू की । जो 11 पॉइंट की थी और 9,500 करोड़ की लागत की योजना लागू की ।
કહેવાનો મતલબ દલિત.. દલિત .. ની ચીસો પડી દલિત રાજનીતિ કરી, સમાજ ને ગુમરાહ ના થવું આવો બહુજન મુવમેન્ટ ને સમજીએ ને નિષ્ઠાથી કામ કરશું ને પરિણામ પણ લવશું ને સમૃદ્ધ સાંજ નું નિર્માણ જમીની લેવલ પર જરૂર લાવીશું .
જય ભારત
જય ભીમ ..