23/05/2026
केराना से उठी एक ऐतिहासिक शैक्षिक पहल, “Dare 2 Design & Invent” ने बच्चों को दिया अंतरराष्ट्रीय मंच का आत्मविश्वास
आज के समय में शिक्षा केवल किताबें पढ़ने और परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रह गई है। दुनिया तेजी से बदल रही है। Artificial Intelligence, Robotics, Innovation, Design Thinking और Problem Solving जैसे विषय भविष्य की पहचान बन चुके हैं। ऐसे समय में यदि ग्रामीण और छोटे शहरों के बच्चों को भी वही अवसर मिलें, जो बड़े महानगरों और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के छात्रों को मिलते हैं, तो वे भी दुनिया के मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
इसी सोच को साकार करने का काम द न्यू हाइट्स अकैडमी, केराना ने किया है।
द न्यू हाइट्स अकैडमी के चेयरमैन इमरान सिद्दीकी की पहल पर अमेरिका की प्रतिष्ठित Eastern Michigan University के सहयोग से “Dare 2 Design & Invent” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 17 मई से 23 मई 2026 तक विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। इस ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत Eastern Michigan University, USA से प्रोफेसर Shiri Gandhi अपनी टीम के साथ विशेष रूप से केराना आईं और लगातार आठ दिनों तक छात्रों के साथ रहकर उन्हें Innovation और Invention की ट्रेनिंग दी।
यह केवल एक वर्कशॉप नहीं थी, बल्कि बच्चों की सोच बदलने वाला एक अंतरराष्ट्रीय अनुभव था।
ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मिला अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर
चेयरमैन इमरान सिद्दीकी लंबे समय से इस सोच पर काम कर रहे हैं कि ग्रामीण और सेमी अर्बन क्षेत्रों के बच्चों को भी वही अवसर मिलने चाहिए, जो बड़े शहरों और लाखों रुपये फीस वाले इंटरनेशनल स्कूलों के छात्रों को मिलते हैं। अमेरिका में रहते हुए उन्होंने दुनिया की आधुनिक शिक्षा प्रणाली को करीब से देखा और महसूस किया कि बच्चों को केवल रटने वाली शिक्षा नहीं, बल्कि सोचने, बनाने और नई चीजें विकसित करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
इसी उद्देश्य से Eastern Michigan University के साथ यह विशेष शैक्षिक साझेदारी की गई, ताकि केराना और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा और Exposure मिल सके।
आठ दिन तक चला Innovation और Creativity का वातावरण
प्रोफेसर Shiri Gandhi और उनकी टीम पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में ही रुकीं। उन्होंने दिन और रात बच्चों के साथ समय बिताया। छात्रों के साथ लगातार बातचीत की, उनके विचार सुने और उन्हें नए तरीके से सोचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों ने भाग लिया। छात्रों को जूनियर और सीनियर समूहों में विभाजित किया गया। हर समूह ने मिलकर अलग अलग समस्याओं पर चर्चा की, Brainstorming की और फिर उनके समाधान खोजने का प्रयास किया।
बच्चों ने छोटे छोटे मॉडल बनाए, Prototype तैयार किए, नए Ideas प्रस्तुत किए और टीमवर्क के माध्यम से उन्हें वास्तविक रूप देने का प्रयास किया।
इस दौरान बच्चों को सिखाया गया:
• Design Thinking क्या होती है
• Brainstorming कैसे की जाती है
• किसी Idea को Reality में कैसे बदला जाता है
• Teamwork और Leadership कैसे विकसित होती है
• Problem Solving Skills कैसे मजबूत की जाती हैं
• Innovation को वास्तविक जीवन से कैसे जोड़ा जाता है
• Presentation और Communication Skills कैसे बेहतर की जाती हैं
बच्चों ने सीखा कि केवल पढ़ाई ही सफलता का रास्ता नहीं है, बल्कि Creativity, Innovation और Confidence भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
बच्चों में आया बड़ा बदलाव
कार्यक्रम समाप्त होने तक छात्रों के अंदर एक स्पष्ट बदलाव दिखाई दिया। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने खुलकर अपने विचार रखने शुरू किए। उन्होंने महसूस किया कि वे भी बड़े सपने देख सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
आठ दिनों तक बच्चे पूरी लगन और उत्साह के साथ कार्यक्रम में जुड़े रहे। उन्होंने अपनी नियमित अकादमिक पढ़ाई से अलग हटकर नए तरीके से सीखने का अनुभव प्राप्त किया। कई छात्रों ने ऐसे Ideas प्रस्तुत किए, जिन पर आगे और काम किया जाएगा।
Eastern Michigan University के साथ पूरे वर्ष जारी रहेगा प्रशिक्षण
यह कार्यक्रम केवल आठ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। Eastern Michigan University के माध्यम से अब पूरे वर्ष ऑनलाइन और रिमोट ट्रेनिंग जारी रहेगी। छात्रों को लगातार Mentorship और Guidance दी जाएगी ताकि वे अपने Ideas को आगे विकसित कर सकें।
विशेष बात यह है कि “Dare 2 Design & Invent” कार्यक्रम दुनिया के 15 से अधिक देशों में चल रहा है। इसमें अमेरिका, कनाडा, श्रीलंका, अफ्रीकी देशों और यूरोप के कई देशों के छात्र भाग लेते हैं।
आने वाले समय में इस कार्यक्रम का एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी होगा, जिसमें चयनित छात्रों को अमेरिका जाकर Eastern Michigan University में भाग लेने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय और विद्यालय मिलकर इस पहल को आगे बढ़ा रहे हैं ताकि छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने का अवसर मिल सके।
विद्यालय परिवार का रहा महत्वपूर्ण योगदान
इस कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के प्रिंसिपल विवेक कुमार उपाध्याय, शिक्षकों और पूरे स्टाफ का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार किया, जहां बच्चे खुलकर सीख सकें, सोच सकें और नए प्रयोग कर सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम
“Dare 2 Design & Invent” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सोच की शुरुआत है। यह पहल साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर दिए जाएं, तो ग्रामीण भारत के बच्चे भी दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
द न्यू हाइट्स अकैडमी, केराना द्वारा शुरू की गई यह पहल न केवल शामली जिले बल्कि पूरे भारत के शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक उदाहरण बन रही है।