08/12/2020
जब इतना ताम-झाम छैड़ ही दिया है तो, साथ ही #हरियाणा वाले की मांग क्यों नी रख सकते?
किससे डरते हो? आपने जो पंजाब के किसानों से भाईचारा दिखाया है तो उनका भाईचारा भी देख लो।
ऐसा आंदोलन बार-बार नी होगा जो-जो अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं है लगे हाथ सबको रखनी चाहिए जैसे राकेश टिकैत जी गन्ना पेंमट आदि की रख रहे है।
एक मांग मनवाने से घर को मत चले जाना अबतक जो-जो कृषि सुधार नियम-कानून चाहते हो वह बनवा लो, बने या ना बने अपनी मांगें तो रखा। वैसे तो बड़ा कहते हो किसानों के लिए ये होना चाहिए वो होना चाहिए तो अब वे मांगे कहाँ गायब हो गई?
कुछ लोग कहेंगे इससे आंदोलन में भिखराव होगा किसानों में टकराव होगा,
क्यों होगा? किस लिए होगा? क्या तुम्हारी मांग टकराव पैदा करने वाली है या अपने हक SYL की बात करने वाली।
बड़े अफसोस की बात है अबतक एक भी किसान हिमायती, किसान नेता ने SYL के बारे में कोई बात नी कि ना खुले मंच से पंजाब के किसानों से अपील की।
उन्हें डर है कहीं कोई पंजाब का किसान उखड़ ना जाए, पंजाब वाले तो बाद में पहले हमारे हरियाणा वाले ही उखड़ेगें, कहेंगे ये बातें अब नी करनी यहाँ नी करनी।
क्यों तुम्हारी मांग गलत है या SYL के पानी से पंजाब को नुकसान होता है? पंजाब को तो 1₹ का भी नुकसान नी होगा।
क्या यह बात तुम वहाँ बैठे पंजाब के किसानों को समझा नी सकते? या वे तुम्हें समझना ही नी चाहते।
यदि पंजाब के किसान सोचते है हरियाणा के किसानों को साल में 2 महीने पानी देने से उनके सुखा पड़ जाएगा तो उनकी गलतफहमी भी दूर करनी चाहिए कि हम तुमसे पानी नी मांग रहे जो पानी पाकिस्तान में एक्सट्रा जा रहा है वह मांग रहे है।
अब तक किसी पत्रकार ने भी वहाँ पंजाब के किसानों से SYL के मुद्दे पर बात नी कि क्यों पिटाई होने का डर लगता है या पंजाब के किसानों के रुठने का?
अपने SYL मुद्दे के लिए बोलो और पंजाब-हरियाणा के भाईचारे के जो रुके मारे जा रहे है वह भी तोल लो कि भाईचारा केवल एक तरफा है या दोंनो में है।
👑किसान_एकता_जिन्दाबाद
॥जय हरियाणा, जय हिन्द ॥