Keorak the village

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हमारे गाँव का गौरव: कैथल की राजनीति के शिखर पुरुष - जैलदार राव नरसिंह दास जी 🚩नमस्कार क्योड़क वासियों,आज "KEORAK THE VIL...
24/04/2026

हमारे गाँव का गौरव: कैथल की राजनीति के शिखर पुरुष - जैलदार राव नरसिंह दास जी 🚩

नमस्कार क्योड़क वासियों,
आज "KEORAK THE VILLAGE" पेज के माध्यम से हम अपनी मिट्टी के उस महान व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं, जिन्होंने न केवल हमारे गाँव का नाम रोशन किया, बल्कि दशकों तक हरियाणा और कैथल की राजनीति की दिशा तय की।
शख्सियत: स्वर्गीय जैलदार राव नरसिंह दास जी (क्योड़क)

1. राजनीति के 'किंगमेकर' और अटूट प्रभाव:
एक दौर था जब कैथल की राजनीति का केंद्र हमारा गाँव क्योड़क हुआ करता था। राव साहब का कद इतना विशाल था कि विधानसभा चुनावों के लिए टिकटों का चयन और उम्मीदवारों का फैसला उनके मशवरे के बिना अधूरा था। वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी संस्था थे, जिनके पास बड़े-बड़े राजनेता मार्गदर्शन के लिए आते थे।

2. जब प्रधानमंत्री स्वयं मिलने कैथल पहुँचीं:
आज के दौर में नेताओं का दिल्ली जाना आम बात है, लेकिन उस समय की कद्दावर प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी का स्वयं चलकर कैथल आना और राव नरसिंह दास जी से मुलाकात करना उनके राष्ट्रीय प्रभाव का जीता-जागता प्रमाण है। साथ साझा की गई तस्वीर उस ऐतिहासिक पल की गवाह है, जो आज भी हर क्योड़क वासी का सीना गर्व से चौड़ा कर देती है।

3. न्यायप्रिय जैलदार की विरासत:
ब्रिटिश काल से लेकर आजाद भारत के शुरुआती दशकों तक, 'जैलदार' के रूप में उनकी पहचान एक निष्पक्ष और न्यायप्रिय व्यक्ति की थी। आसपास के दर्जनों गाँवों के विवाद उनके दरबार में सुलझाए जाते थे। उनका फैसला पत्थर की लकीर माना जाता था क्योंकि उसमें सच्चाई और लोक-कल्याण की भावना होती थी।

4. समाज सेवा और विकास की नींव:
आज क्योड़क जिस सामाजिक और राजनीतिक चेतना के लिए जाना जाता है, उसकी नींव राव नरसिंह दास जी ने ही रखी थी। उन्होंने शिक्षा, किसानों के हक और गाँव की एकता के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रेरणादायी हैं।

निष्कर्ष:
ऐसी महान आत्माएं युगों में एक बार जन्म लेती हैं। पूज्य राव नरसिंह दास जी का जीवन हमें सिखाता है कि पद से बड़ा व्यक्तित्व होता है और शक्ति का असली उपयोग समाज की सेवा में है।

अगर आपके पास राव नरसिंह दास जी के जीवन से जुड़ा कोई किस्सा या पुरानी याद है, तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

कोटि-कोटि नमन! 🙏💐

राव सुरेंद्र सिंह क्योड़क हरियाणा के कैथल क्षेत्र के एक प्रभावशाली सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व माने जाते हैं। उनका नाम...
21/04/2026

राव सुरेंद्र सिंह क्योड़क हरियाणा के कैथल क्षेत्र के एक प्रभावशाली सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व माने जाते हैं। उनका नाम विशेष रूप से क्योड़क गांव और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक नेतृत्व, पंचायती फैसलों और गुर्जर समाज में सम्मान के कारण जाना जाता है। नीचे उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है:

पारिवारिक पृष्ठभूमि
राव सुरेंद्र सिंह एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं।
उनके पिता स्वर्गीय राव नरसिंह जी जैलदार कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे और अपने समय के प्रभावशाली नेता माने जाते थे।

बताया जाता है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी उनसे मिलने कैथल आई थीं, जो इस परिवार के राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है।

राजनीतिक सफर
राव सुरेंद्र सिंह का राजनीतिक करियर कई दलों से जुड़ा रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीति की बदलती परिस्थितियों को भी दर्शाता है:

शुरुआत में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस (कांग्रेस) की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे (पारिवारिक प्रभाव के कारण)

बाद में उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ज्वॉइन की
इसके बाद वे हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP/हजका) से जुड़े
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हजका की ओर से कैथल सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया

हालांकि चुनाव से ठीक पहले उन्होंने राजनीतिक रूप से बड़ा कदम उठाते हुए:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वॉइन कर ली
और भाजपा के टिकट पर कैथल से विधानसभा चुनाव लड़ा
यह “रातों-रात टिकट बदलने” वाला निर्णय उस समय क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय रहा।

सामाजिक प्रभाव और पहचान
राजनीति के अलावा, राव सुरेंद्र सिंह की असली ताकत उनका सामाजिक प्रभाव माना जाता है:
क्षेत्र में पंचायती फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है
गांव और आसपास के इलाकों में लोग उन्हें एक निर्णायक और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में देखते हैं

गुर्जर समाज में उनका विशेष सम्मान है
समाज के हर कार्य—चाहे वह विवाद सुलझाना हो, सामाजिक आयोजन हो या जरूरतमंदों की मदद—में वे सक्रिय रहते हैं

व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं
मजबूत सामाजिक पकड़
विभिन्न राजनीतिक दलों में अनुभव
स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेतृत्व
समाज के प्रति सक्रियता और उपलब्धता

निष्कर्ष
राव सुरेंद्र सिंह क्योड़क उन क्षेत्रीय नेताओं में से हैं जिनकी पहचान सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक नेतृत्व और समुदाय में उनकी पकड़ उन्हें खास बनाती है।

विकास तंवर क्योड़क (Vikas Tanwar Keorak) कैथल जिले के गांव क्योड़क से संबंध रखने वाले एक सक्रिय युवा नेता और समाज सेवक ह...
19/04/2026

विकास तंवर क्योड़क (Vikas Tanwar Keorak) कैथल जिले के गांव क्योड़क से संबंध रखने वाले एक सक्रिय युवा नेता और समाज सेवक हैं। उनकी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा काफी चर्चा में रही है। उनके बारे में मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
1. पृष्ठभूमि और शिक्षा
विकास तंवर मूल रूप से क्योड़क गांव के रहने वाले हैं। राजनीति में आने से पहले वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहते थे। अपनी सुख-सुविधाओं वाली विदेशी लाइफ छोड़कर वे अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा के लिए वापस भारत आए। उनके इस कदम को स्थानीय युवाओं के बीच काफी सराहा गया।
2. राजनीतिक सफर
• BJP से शुरुआत: राजनीति की शुरुआत में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े थे। 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान कैथल में रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ बीजेपी की रणनीति में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी।
• वर्तमान स्थिति: वर्तमान में वे कांग्रेस पार्टी (विशेषकर दीपेंद्र हुड्डा गुट) के साथ सक्रिय नजर आते हैं। वे आगामी पुंडरी विधानसभा के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं और "काम बोलता है" जैसे नारों के साथ क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
3. सामाजिक सक्रियता और संघर्ष
• जनता की आवाज: वे किसानों के मुद्दों, स्थानीय भ्रष्टाचार और नगरपालिका से जुड़ी समस्याओं पर मुखर रहते हैं।
• जेल यात्रा: राजनीतिक विरोध और प्रदर्शनों के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा है। हाल ही में उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने और फिर रिहा होने की खबरें स्थानीय मीडिया (जैसे कैथल ब्रेकिंग टीवी) में काफी चर्चा में रही थीं।
4. मुख्य उद्देश्य
उनका मुख्य ध्यान पुंडरी क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिलाने, भ्रष्टाचार को खत्म करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है। वे सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अपनी 'ललकार' और 'न्याय की लड़ाई' के लिए जाने जाते हैं।

1962 के भारत-चीन युद्ध में कैथल के इन वीरों ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, उसकी जानकारी उनकी रेजिमेंट और उस समय के युद...
18/04/2026

1962 के भारत-चीन युद्ध में कैथल के इन वीरों ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, उसकी जानकारी उनकी रेजिमेंट और उस समय के युद्ध क्षेत्र के इतिहास से मिलती है।
यहाँ प्रत्येक शहीद का उनके गाँव और रेजिमेंट के अनुसार संभावित विवरण दिया गया है:
1. सिपाही जिले सिंह (Sipahi Jile Singh)
• गाँव: क्योडक
• रेजिमेंट: राजपूत रेजिमेंट (Rajput Regiment)
• इतिहास: 1962 के युद्ध में राजपूत रेजिमेंट की बटालियनों (विशेषकर 2 राजपूत) ने अरुणाचल प्रदेश (NEFA) के नामका चू (Namka Chu) और वालोंग सेक्टर में सबसे भीषण लड़ाई लड़ी थी। चीनी सेना की भारी संख्या के बावजूद, सिपाही जिले सिंह और उनके साथियों ने आखिरी गोली और आखिरी सांस तक मुकाबला किया था।
2. सिपाही कर्म चन्द (Sipahi Karam Chand)
• गाँव: बालू गादड़ पट्टी
• रेजिमेंट: ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स (Brigade of The Guards)
• इतिहास: गार्ड्स रेजिमेंट एक विशिष्ट (Elite) रेजिमेंट है। 1962 में '4 गार्ड्स' बटालियन नामका चू सेक्टर में तैनात थी। सिपाही कर्म चन्द ने हिमालय की कठिन पहाड़ियों में दुश्मन को रोकने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
3. सिपाही वीरसा सिंह और सिपाही अमरीक सिंह (Sipahi Veersa Singh & Amreek Singh)
• गाँव: मण्डवाल
• रेजिमेंट: सिख लाइट इन्फैंट्री (Sikh L.I.)
• इतिहास: ये दोनों वीर योद्धा एक ही गाँव और एक ही रेजिमेंट से थे। सिख लाइट इन्फैंट्री ने 1962 में वालोंग की लड़ाई में अपना लोहा मनवाया था। इस रेजिमेंट के सैनिकों ने दुश्मन के कई हमलों को नाकाम किया था। मण्डवाल के इन दोनों सपूतों ने एक साथ देश की रक्षा करते हुए शहादत प्राप्त की।
4. सिपाही सरजू (Sipahi Sarju)
• गाँव: मुन्दड़ी
• रेजिमेंट: सिख लाइट इन्फैंट्री (Sikh L.I.)
• इतिहास: मुन्दड़ी गाँव के सिपाही सरजू भी सिख एल.आई. का हिस्सा थे। यह रेजिमेंट अपनी निडरता के लिए जानी जाती है। 1962 के युद्ध में विषम परिस्थितियों और बर्फबारी के बीच इन्होंने मोर्चे को संभाला था।
5. सिपाही मनसा राम (Sipahi Mansa Ram)
• गाँव: मोहना
• रेजिमेंट: राजपूत रेजिमेंट (Rajput Regiment)
• इतिहास: मोहना गाँव के सिपाही मनसा राम ने भी राजपूत रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास को अपने रक्त से सींचा। उन्होंने युद्ध के दौरान शत्रु सेना को कड़ी टक्कर दी और मातृभूमि की रक्षा में शहीद हो गए।

तस्वीर कैथल (हरियाणा) के दो महान शहीदों के सम्मान में लगे शिलालेख (Plaque) की है। ये दोनों वीर 1971 के भारत-पाकिस्तान यु...
17/04/2026

तस्वीर कैथल (हरियाणा) के दो महान शहीदों के सम्मान में लगे शिलालेख (Plaque) की है। ये दोनों वीर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए शहीद हुए थे।
यहाँ इन दोनों शहीदों के बारे में जानकारी दी गई है:
1. शहीद नरसिंह (Shaheed Nar Singh)
• गाँव: क्योडक (Keorak), जिला कैथल, हरियाणा।
• रेजीमेंट/यूनिट: 22 राजपूत रेजीमेंट (22 Rajput Regiment)।
• युद्ध: 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध (पूर्वी मोर्चे पर, जिसे अब बांग्लादेश कहा जाता है)।
• प्रमुख जानकारी: * शहीद नरसिंह ने 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
• उनकी यूनिट (22 राजपूत) ने युद्ध के दौरान 'ऑपरेशन कैक्टस लिली' के तहत बोयरा और चौगाछा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी।
• सम्मान: उनकी स्मृति में उनके पैतृक गाँव क्योडक के सरकारी स्कूल का नाम 'शहीद नरसिंह राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय' रखा गया है। गाँव में उनकी एक भव्य प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
2. सूबेदार सरदारा सिंह (Subedar Sardara Singh)
• गाँव: काकौत (Kakot), जिला कैथल, हरियाणा।
• पद (Rank): सूबेदार।
• रेजीमेंट: राजपूत रेजीमेंट (संभवतः 22 राजपूत, जैसा कि शिलालेख में 'राजपूत' शब्द उनके नाम के साथ जुड़ा है)।
• युद्ध: 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध।
• प्रमुख जानकारी: * सूबेदार सरदारा सिंह एक अनुभवी जेसीओ (Junior Commissioned Officer) थे।
• 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में उन्होंने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए वीरतापूर्वक दुश्मनों का सामना किया और वीरगति प्राप्त की।

गाँव क्योड़क हरियाणा के सबसे बड़े गांवों में से एक है। चलो आज इसकी ऐतिहासिक महत्वत्ता पर बात करते है इसके कुछ प्रसिद्ध कि...
11/04/2026

गाँव क्योड़क हरियाणा के सबसे बड़े गांवों में से एक है।

चलो आज इसकी ऐतिहासिक महत्वत्ता पर बात करते है इसके कुछ प्रसिद्ध किस्से बताओ जो नई पीढ़ी को नहीं पता।

चर्चा कॉमेंट बॉक्स में 👇🏻

Dr. Sohan Lal Keorak 🙏🙏रसायन विभाग के डॉ. सोहन लाल युवा वैज्ञानिक अवार्ड 2023 से सम्मानितशोध के क्षेत्र में तीसरा पेटेंट...
03/04/2026

Dr. Sohan Lal Keorak 🙏🙏

रसायन विभाग के डॉ. सोहन लाल युवा वैज्ञानिक अवार्ड 2023 से सम्मानित
शोध के क्षेत्र में तीसरा पेटेंट हुआ ग्रांट,
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई

कोए सचिन का फैन पावै..😍कोए रॉनल्डो नै बेस्ट बतावै..👍🏻अपणी तै छाती चौड़ी होजा सै 💪🏼जित भी जिक्र क्योड़क वाले  #दीप्पे_नेसी...
01/04/2026

कोए सचिन का फैन पावै..😍
कोए रॉनल्डो नै बेस्ट बतावै..👍🏻
अपणी तै छाती चौड़ी होजा सै 💪🏼
जित भी जिक्र क्योड़क वाले #दीप्पे_नेसी का आवै..

Best Raider and Catcher Keorak

संदीप गुर्जर गांव कयोडक जिला  कैथल हरियाणा"हमें भूलने की बहुत बड़ी बीमारी हो गई है, किस-किस को याद है कि..."भाई ने टुक प...
30/03/2026

संदीप गुर्जर
गांव कयोडक जिला कैथल हरियाणा

"हमें भूलने की बहुत बड़ी बीमारी हो गई है, किस-किस को याद है कि..."

भाई ने टुक पार्ट इन ऑस्ट्रेलियन रेसलिंग चैंपियनशिप एंड वन कैनबरा वर्ल्ड कप गोल्ड मैंडल इन मेरी बेनियान ओपन सिल्वर ऑस्ट्रेलिया नेशनल चैंपियनशिप ब्रोंज मेडल जीतकर गाँव और देश का नाम रोशन किया है

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सूचना बिट्टू पुत्र श्रीनिवास Vpo क्योडक  जिला कैथल जो कि 17 मार्च 2026 शाम 5 बजे से लापता है। जिसके पास Tvs ki Rider bik...
21/03/2026

सूचना
बिट्टू पुत्र श्रीनिवास Vpo क्योडक जिला कैथल जो कि 17 मार्च 2026 शाम 5 बजे से लापता है। जिसके पास Tvs ki Rider bike है जिस भी भाई को इसके पता चले तो कृपा नीचे दिए गए नं पर संपर्क करें 8059266925 साहिल
9729030806 सोनू

10/03/2026

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