04/05/2026
एसयूसीआई (सी) के राज्य सचिव चंडीदास भट्टाचार्य ने चुनाव परिणामों के बारे में कहा है—
"सबसे पहले, मैं चुनाव बाद हो रहे हमलों और जवाबी हमलों की तीखी निंदा करता हूँ। साथ ही, यह भी सच है कि अधिकांश सीटों पर भाजपा की यह जीत इसलिए नहीं है कि पश्चिम बंगाल की जनता ने इस दल की राजनीति, हिंदुत्ववादी सांप्रदायिकता और गतिविधियों का समर्थन किया है। केंद्र और विभिन्न राज्यों में सत्ता में रहकर यह दल किस तरह जनविरोधी और व्यापक भ्रष्टाचार वाली गतिविधियाँ कर रहा है, जन आंदोलनों को बेरहमी से कुचल रहा है और प्रशासन का नग्न रूप से पार्टी के पक्ष में चुनाव में इस्तेमाल करता है—यह पश्चिम बंगाल की जनता से छिपा नहीं है।
इसके बावजूद, 15 वर्षों की तृणमूल सरकार के कुशासन, सिंडिकेट राज, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी स्तरों पर व्याप्त भ्रष्टाचार से जनता आक्रोशित थी और इस सरकार का परिवर्तन चाहती थी। संघर्षशील वामपंथ के आधार पर किसी विकल्प शक्ति के न होने का लाभ उठाकर, केंद्र की सरकारी सत्ता का इस्तेमाल कर और चुनाव आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं का उपयोग कर लाखों लोगों के मताधिकार को छीनकर भाजपा राज्य की सत्ता में आसीन हुई है।
हमारा दृढ़ मत है कि सरकार बदलने के बावजूद जनजीवन के किसी भी संकट का समाधान नहीं होगा, बल्कि वह लगातार बढ़ता ही जाएगा। क्योंकि जो भी दल सत्ता में आता है, वह पूंजीवाद के हित में शोषण, लूट और अत्याचार जारी रखता है। भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल सहित सभी सत्तारूढ़ दलों का चरित्र एक जैसा है।
अतः, आने वाले दिनों में पूंजीवादी शोषण को उखाड़ फेंकने के क्रांतिकारी लक्ष्य और उन्नत नैतिकता के आधार पर, जनजीवन की विभिन्न माँगों को लेकर एक शक्तिशाली और एकजुट जन आंदोलन खड़ा करना होगा। हम जनता से उस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करते हैं। साथ ही, चुनाव बाद होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए चुनाव आयोग सहित प्रशासन के सभी स्तरों से प्रभावी भूमिका निभाने की माँग करते हैं।"