05/06/2023
*प्रेस नोट।*
आज एसएफआई काँगड़ा मे महाविद्यालय बैजनाथ्,थुरल,लंज,देहरी,नागरोटा
के साथियों द्वारा ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से पर्यावरण से सम्बन्धित पोस्टर बना कर एक जागरूकता पैदा की गई की हमे पेड़ पौधे हमरा वातावर कितना जरूरी है
जिला काँगड़ा के सह सचिव यक्षप से बात करते हुए मीडिया से पर्यावर पर कहा की।
यह सही है कि मानव जीवन के समक्ष आज चुनौतियां ही चुनौतियां हैं। पर्यावरण की चुनौती इनमें सबसे बड़ी है। मानव के सुखमय जीवन को व्यतीत करने के लिए यह आवश्यक है कि हमारा पर्यावरण साफ सुथरा हो। विज्ञान ने जैसे-जैसे प्रगति हासिल की है वैसे-वैसे पर्यावरण की चुनौती हमारे सामने आ खड़ी हुई है। पर्यावरण प्रदूषण एक विश्वव्यापी समस्या है। पेड़-पौधे, मानव, पशु-पक्षी सभी उसकी चपेट में है। कलकारखानों से निकलने वाला उत्सर्जन, पेड़ पौधों की कटाई, वायु प्रदूषण ने मानव जीवन के समक्ष संकट खड़ा कर दिया है।एक सर्वेक्षण के अनुसार वायु प्रदूषण से केवल 36 शहरों में प्रतिवर्ष 51 हजार 779 व्यक्तियों की अकाल मृत्यु हो जाती है। कोलकाता, कानपुर और हैदराबाद में वायु प्रदूषण से होने वाली मृत्यु दर पिछले तीन-चार वर्षों में दुगुनी हो गई है। एक अनुमान के अनुसार भारत में प्रदूषण के कारण हर दिन करीब 150 लोग मर जाते हैं और हजारों लोग फेफड़े और हृदय की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। दूसरी सबसे बड़ी समस्या जल प्रदूषण की है। कारखानों का कचरा, प्रदूषित जल नदी, तालाबों में निःसंकोच छोड़ दिया जाता है। इससे जल स्रोत प्रदूषित हो गये हैं और कालान्तर में यही जल पीने से हमारा स्वास्थ्य बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है और हम अनेक जानलेवा बीमारियों से पीड़ित हो गये। इसके अलावा वृक्षों की अंधाधुंध कटाई ने भी पर्यावरण को बहुत अधिक क्षति पहुंचाई है। विश्व में हर साल एक करोड़ हैक्टेयर से अधिक वन काटा जाता है। भारत में 10 लाख हैक्टेयर वन प्रतिवर्ष काटा जा रहा है। वनों के कटने से वन्यजीव भी लुप्त होते जा रहे हैं। वनों के क्षेत्रफल के नष्ट हो जाने से रेगिस्तान के विस्तार में मदद मिल रही है।
अंत मे उन्होंने कहा कि एसएफआई हमेशा से छात्रों को इस बारे मे जानकारी देती रही है ओर आगे भी देती रहेगी ओर् पर्यावरण के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी।