17/05/2026
Thank you Janmaitri Magazine
हे प्रिय! बस थोड़ा पढ़ लेना!
जब पलकें बोझिल हो जायें
अश्रु न जब धीरज रख पायें
मौन मुखर होकर जब बोले
शब्द सभी अवकाश मनायें
मुझे स्मरण तब कर लेना
साथ जिएंगे हम उस पल को।
हे प्रिय! बस थोड़ा पढ़ लेना
मेरे इस अंतस्तल को ॥1॥