21/08/2026
करनाल, दिनांक 21 अगस्त, 2026
नशे की मांग खत्म होगी, तभी नशे की आपूर्ति मिटेगी , नशे का सेवन केवल सामाजिक बुराई नहीं, एक आर्थिक अपराध भी है- संजय कुमार
नशा मुक्त भारत बनने से ही साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल में नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत सेमिनार आयोजित
भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (ICAR-NDRI), करनाल ने भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (हरियाणा पुलिस) के साथ संयुक्त सहयोग से “एक नशा-मुक्त समाज के निर्माण में शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं की भूमिका” विषय पर एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री संजय कुमार, IPS, अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), हरियाणा ने शिरकत की।
अपने मुख्य भाषण में मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार, IPS ने इस बात पर जोर दिया कि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बल पर नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए एक सामूहिक सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता है। यह रेखांकित करते हुए कि व्यसन किस प्रकार व्यक्तिगत क्षमता को नष्ट करता है, पारिवारिक स्थिरता को भंग करता है और राष्ट्रीय विकास में बाधा डालता है, उन्होंने छात्रों से अपनी ऊर्जा को अनुसंधान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने का आग्रह किया। ICAR-NDRI के संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का आह्वान करते हुए उन्होंने सभी से अपने निकटतम दायरे में कम से कम एक व्यक्ति का मार्गदर्शन और काउंसलिंग करने का अनुरोध किया ताकि उन्हें मादक पदार्थों के सेवन से बचाया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने आश्वासन दिया कि हरियाणा पुलिस अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई कर रही है। साथ ही उन्होंने ‘नशा मुक्त भारत’ के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करने के लिए शैक्षणिक समुदाय से सतर्क, नशा-मुक्त परिसर बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार, IPS ने राष्ट्रीय शिक्षा, अनुसंधान और छात्रों के सर्वांगीण विकास में ICAR-NDRI के अग्रणी योगदान की सराहना की। उन्होंने प्रत्येक संकाय सदस्य और छात्र का आह्वान किया कि वे अपने निकटतम सामाजिक दायरे में कम से कम एक व्यक्ति को मादक पदार्थों और सभी प्रकार के व्यसन से दूर रखने में मदद करने और काउंसलिंग प्रदान करने का संकल्प लेकर मेंटरशिप का जिम्मा संभालें। श्री संजय कुमार ने सभा प्रतिभागियों को सामूहिक ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी का आधिकारिक संदेश भी प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य सार यह था कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश की युवा पीढ़ी का शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सुदृढ़ और नशामुक्त होना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री जी ने देशव्यापी ‘जन भागीदारी’ आंदोलन का आह्वान किया और शैक्षणिक संस्थानों तथा परिवारों से आग्रह किया कि वे सामाजिक झिझक व कलंक को समाप्त करें, खुले संवाद को बढ़ावा दें और व्यसन से उबर रहे व्यक्तियों के साथ सहानुभूति, सहयोग और सम्मान का व्यवहार करें।
श्री अशोक कुमार,भा.पु.से. पुलिस महानिरीक्षक, करनाल मंडल, करनाल, ने बताया कि जो भी लोग समाज में नशा बेचते है आप तुरन्त पुलिस को बताये आपका नाम गुप्त रखा जायेगा। क्योंकि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे परिवार एवं समाज पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसलिए नशे के विरुद्ध लड़ाई में पुलिस के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस अपराध एवं नशा मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता एवं निवारक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. धीर सिंह, निदेशक, ICAR-NDRI ने शैक्षणिक परिसरों के साथ जुड़ने की हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की इस सक्रिय पहल की सराहना की। पुलिस प्रशासन को NDRI के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए डॉ. धीर सिंह ने मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और करुणामय दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस बात पर जोर दिया कि समाज को उनके संरचित पुनर्वास, पुनर्मिलन और देखभाल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं उत्पादक समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें कृषि, पशुपालन, शिक्षा, खेल और कौशल विकास जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। दूध एवं दुग्ध उत्पादों से जुड़ा डेयरी क्षेत्र ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार स्वस्थ जीवनशैली और आत्मनिर्भरता, एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न साकार करेगा।
कार्यशाला में NDRI के छात्रों द्वारा ऊर्जावान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें मादक पदार्थों के सेवन के खतरों को दर्शाने वाला एक विचारोत्तेजक नुक्कड़ नाटक और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व एकता को उजागर करने वाला एक देशभक्तिपूर्ण नृत्य शामिल था। कार्यक्रम के समन्वय में NDRI स्टूडेंट काउंसिल के सक्रिय सहयोग को व्यापक रूप से सराहा गया।
सम्मानित अतिथियों में श्री सुनील कुमार, डीआईजी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, श्री आनंद शर्मा डीसी करनाल और श्री नरेंद्र बिजारणिया, IPS, पुलिस अधीक्षक, करनाल शामिल थे। इस कार्यशाला में NDRI और ICAR संस्थानों के विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों और छात्रों के साथ-साथ डॉ. रतन तिवारी, निदेशक, ICAR-IIBWR और डॉ. एन.एच. मोहन, निदेशक, ICAR-IARI ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ICAR-NDRI के निदेशक एवं कुलपति डॉ. धीर सिंह ने की।