Praveen Kumar Mishra

Praveen Kumar Mishra प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उत्तर प्रदेश (राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी) | जिला अध्यक्ष RBM | जिला सचिव (INTUC) |कासगंज (U.

P.) | एक आम भारतीय की आवाज़। किसानों की पीड़ा | । सच्चा जनसेवक| Contact - 8279735137

30/07/2026
🇮🇳 BSNLजैसी हालत होगी ISRO की,जहॉ 2019 तक एक भी प्राईवेट कंपनी नही थी आज 400 प्लस प्राईवेट कंपनी,,मोदी सरकार का अड़ानी,अं...
28/07/2026

🇮🇳 BSNLजैसी हालत होगी ISRO की,जहॉ 2019 तक एक भी प्राईवेट कंपनी नही थी आज 400 प्लस प्राईवेट कंपनी,,मोदी सरकार का अड़ानी,अंबानी प्रेम देश को खत्म न कर दे,,

🇮🇳 इसरो की बर्बादी की पटकथा 2023 में मोदी सरकार ने फाइनल कर दी थी। लिखी तो यह 2018 से जा रही थी।

🇮🇳 देश की गौरवगाथा के स्वर्णिम अध्याय इसरो को अब मित्रों के बीच 'कद्दू कटेगा तो सब में बंटेगा' की तर्ज पर निपटाया जा रहा है।
🇮🇳 इसरो की सबसे बड़ी पूंजी उसकी बौद्धिक संपदा और वैज्ञानिक हैं। इसे ही लुटवाया जा रहा है और यह लूट देश के लिए राम मंदिर की लूट से भी ज्यादा गंभीर लूट है।

🇮🇳 120 वैज्ञानिक इसरो को अलविदा कह गए हैं। क्यों?
क्या मोदी सरकार ने ही पूरे सुनियोजित तरीके से नीति बनाकर उन्हें इस रास्ते पर धकेला है?

🇮🇳 ISRO में निजी क्षेत्र की भागीदारी और बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग को औपचारिक रूप देने के लिए वर्ष 2023 में मोदी सरकार⁠ भारतीय अंतरिक्ष नीति लाई। इसका उद्देश्य था इसरो की बौद्धिक संपदा में मित्रों के लिए सेंधमारी का रास्ता बनाना।

🇮🇳 इस नीति में तय किया गया कि इसरो अब ऑपरेशनल स्पेस सिस्टम, रॉकेट निर्माण और सैटेलाइट असेंबलिंग जैसे कामों को पूरी तरह निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को आउटसोर्स करेगा। लेकिन इन निजी कंपनियों को इस काम के लिए ऐसे वैज्ञानिक चाहिए थे, जो इसरो की जरूरतों और कामकाज को समझते हों।

🇮🇳 इस नीति के फलस्वरूप आज अडानी ग्रुप एक बड़ी एयरोस्पेस कॉर्पोरेट इकाई के रूप में इसरो के साथ उपग्रह असेंबलिंग, कलपुर्जे बनाने और रॉकेट तकनीक के कमर्शियलाइजेशन में बड़ी भूमिका निभा रहा है। अडानी समूह अपनी रक्षा और अंतरिक्ष इकाई Adani Defence & Aerospace और अधिग्रहित की गई कंपनियों के माध्यम से इसरो के बड़े आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट्स और सैटेलाइट निर्माण से गहराई से जुड़ा हुआ है।

🇮🇳बेंगलुरु स्थित अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज को अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने 2019 तक अधिग्रहित कर लिया था। आज यह इसरो के सबसे प्रमुख निजी भागीदारों में से एक है। यानी नीति आने से पांच साल पहले ही मित्र ने लाभ उठाने की तैयारी शुरू कर दी थी।

🇮🇳 इस कंपनी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने इसरो के Earth Observation Satellite (EOS-04) या 'Risat-1A' को पूरी तरह से असेंबल, इंटीग्रेट और टेस्ट (AIT) किया।

🇮🇳 इसरो के 'वर्कहॉर्स' कहे जाने वाले PSLV रॉकेट के निर्माण को पूरी तरह निजी हाथों में आउटसोर्स करने के लिए इसरो की वाणिज्यिक शाखा (NSIL) से बोलियां आमंत्रित करवाई गई थीं। इस दौड़ में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के साथ मिलकर अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (AEL) ने एक बड़ा कंसोर्टियम बनाया, जो इसरो के रॉकेट आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से शामिल है।

🇮🇳 अब करते हैं अन्य कंपनियों की बात। वर्ष 2023 में इसरो में सेंधमारी के लिए आई नई नीति से 400 से अधिक निजी स्पेस टेक स्टार्टअप पैदा हुए हैं।

🇮🇳 स्काईरूट एयरोस्पेस इसरो के साथ समझौता करने वाला पहला प्रमुख निजी स्टार्टअप है। यह 'विक्रम' सीरीज के लॉन्च वाहनों (रॉकेट) का निर्माण कर रहा है।

🇮🇳 इसकी स्थापना इसरो के ही दो पूर्व वैज्ञानिकों पवन कुमार चांदना और नागा भारत डाका ने 2018 में की थी। यानी उन्हें और उनके निवेशकों को पांच साल पहले से ही भनक थी कि इसरो का कद्दू कटेगा। इस स्टार्टअप में देश ही नहीं विदेश से भी निवेश हुआ। निवेशकों में सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड, टेमासेक, दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर्स में से एक ब्लैकरॉक, गूगल और व्हाट्स ऐप से जुड़े रहे अधिकारी भी शामिल हैं।

🇮🇳 अग्निकुल कॉस्मोस स्टार्टअप 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन और छोटे उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए वाहन बना रहा है। इस स्टार्टअप को आईआईटी मद्रास के होनहारों ने 2017 में शुरू कर दिया था।

🇮🇳 इसरो संपदा पर मंडरा रहीं ऐसी अन्य कंपनियों में अनंत टेक्नोलॉजीज, पिक्सेल, ध्रुव स्पेस, गेलेक्साई जैसे करीब छोटे-बड़े 400 स्टार्टअप और कंपनियां हैं। सबकी कहानी कहने बैठे तो पोस्ट नहीं पूरी किताब लिखनी पड़ेगी।
इन सभी निजी कंपनियों को वैज्ञानिक चाहिए और वैज्ञानिक पेड़ पर नहीं लगते। वे इसरो से उठाने पड़ेंगे। सरकार भी जानती है कि वैज्ञानिक देशभक्त हैं। ऐसे नहीं जाएंगे। उन्हें इसरो छोड़ने के लिए परेशान करना पड़ेगा। उनके प्रोजेक्ट लटकाने पड़ेंगे। फंड अटकाने पड़ेंगे।

🇮🇳 आपको याद होगा कि जब चंद्रयान -3 की सफलता की खबर आई थी, तब मीडिया के एक कौने में यह भी खबर छपी थी कि इस अभियान के लिए जरूरी कलपुर्जे बनाने वाले सरकारी उपक्रम हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के इंजीनियरों और कर्मचारियों का वेतन सरकार कई महीने से रोके हुए थी। अगर नेता की नियत साफ़ न हो तो बहुत हथकंडे होते हैं।

देश खतरे में है -- हिन्दुओं से चौकीदार गद्दी छोड़ना नहीं चाहते। आरक्षण समाज में ज़हर की तरह घुल चुका है। नेता अपनी सीटें...
28/07/2026

देश खतरे में है -- हिन्दुओं से

चौकीदार गद्दी छोड़ना नहीं चाहते। आरक्षण समाज में ज़हर की तरह घुल चुका है। नेता अपनी सीटें छोड़ने को तैयार नहीं हैं। पुलिस सही-गलत जानते हुए भी गलत के साथ खड़ी रहती है। मीडिया पूरी तरह बिक चुकी है। आरएसएस तानाशाही का समर्थन कर रहा है। मंत्री सिर्फ अपना घर भरने में लगे हुए हैं। चोरी लगातार बढ़ रही है, क़र्ज़ लेकर भी लोग चोरी कर रहे हैं। बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार रुक नहीं रहे। नेताओं के घरों से गांजे के बोरे निकल रहे हैं। भक्त अपने स्वार्थ के लिए मौन हैं। बच्चों की किडनैपिंग लगातार बढ़ रही है। देश मांस बेचने में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। इसरो के गुप्त कागज़ात लीक हो गए हैं। रेलवे भ्रष्ट हो चुका है। स्कूल बंद हो रहे हैं। शराब के ठेके लगातार बढ़ रहे हैं। सड़कें और हाईवे महीने भर में उखड़ जाते हैं। पुल बनने से पहले ही गिर रहे हैं। -40 नंबर वाले डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। लोग आज भी आदतवश 5 किलो राशन लेना चाहते हैं ताकि उसे बेच सकें। जंगल उजाड़े जा रहे हैं। आदिवासियों को मारा जा रहा है। अवैध खनन माफिया खुलेआम खनन चला रहे हैं। पुरानी सरकारी कंपनियाँ या तो बेची जा रही हैं या बंद की जा रही हैं। ज़मीनें कौड़ी के भाव लुटाई जा रही हैं।

ठेकों की बाढ़ आ गई है। इतना लूट 70 साल में भी नहीं हुआ था। राजनीति में “प्रोजेक्ट बताओ, पैसा कमाओ” का खेल चल रहा है। चौकीदार लगातार विदेश दौरे कर रहे हैं—पता नहीं क्या करने जाते हैं, शायद देश लूटने के टिप्स लेने। जो बोलता है उसे आतंकवादी बना दिया जाता है।

अचंभा की बात यह है कि ये सब तब हो रहा है जब पिछले 90 सालों से हिंदुओं का राज रहा है। सोचिए, अगर मुस्लिम राज होता तो क्या इससे भी बुरा होता?

देश अभी भी मुसलमानों से खतरे में है ? उन्होंने आरक्षण के बिना सेवा क्षेत्र के लगभग हर हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है और छोटे-छोटे काम करके 8-10 बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। दलितों को शर्म आनी चाहिए जो सिर्फ आरक्षण के सहारे ही टिके हुए हैं। स्कूल खुलने से पहले शराब के ठेके खुल जाते हैं और शिक्षकों को चपरासी बना दिया गया है।

धन्यवाद

-प्रवीण कुमार मिश्र
समाज सुधारक

/_जनहित में जारी

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21/07/2026
देश का भविष्य, शिक्षा और संस्कार पर एक विचारदेश का भविष्य केवल डिग्रियों, कानूनों या सरकारी नीतियों से तय नहीं होता; वह ...
11/07/2026

देश का भविष्य, शिक्षा और संस्कार पर एक विचार

देश का भविष्य केवल डिग्रियों, कानूनों या सरकारी नीतियों से तय नहीं होता; वह शिक्षा, चरित्र, संस्कार और समाज की एकता से भी निर्मित होता है।

मेरे विचार में हमें ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जो हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे।

समाज को केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि कर्तव्यों, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण की भी उतनी ही आवश्यकता है।

आज समाज में बढ़ते अपराध, महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध हिंसा तथा नैतिक पतन जैसे प्रश्न हम सभी के सामने हैं। हाल की कई दर्दनाक घटनाएँ यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?

क्या हमने अपने बच्चों को केवल सामान्य शिक्षा दी, या उन्हें नैतिक और धार्मिक संस्कार भी दिए?

क्या परिवार, समाज और शिक्षा व्यवस्था मिलकर चरित्र निर्माण का दायित्व निभा रहे हैं?

क्या हम प्रेम, सहिष्णुता, अनुशासन और मानवता जैसे मूल्यों को पर्याप्त महत्व दे रहे हैं?

इतिहास गवाह है कि समाज तब आगे बढ़ता है जब लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान, प्रेम और सहयोग की भावना रखते हैं। नफरत, विभाजन और हिंसा किसी भी राष्ट्र को मजबूत नहीं बनाते।

मेरे विचार से धार्मिक और नैतिक शिक्षा का उद्देश्य किसी के प्रति घृणा पैदा करना नहीं, बल्कि मनुष्य को संवेदनशील, अनुशासित और जिम्मेदार बनाना होना चाहिए। यदि आने वाली पीढ़ियों में अच्छे संस्कार होंगे, तो अपराध, भ्रष्टाचार और सामाजिक विघटन जैसी समस्याएँ भी कम होंगी।

– प्रवीण कुमार मिश्र
समाज सुधारक

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जागरूक बनिए, सवाल पूछिए, लोकतंत्र बचाइए।   #राष्ट्रीयअधिकारमोर्चा
11/07/2026

जागरूक बनिए, सवाल पूछिए, लोकतंत्र बचाइए।

#राष्ट्रीयअधिकारमोर्चा

शब्द ही ब्रह्म हैं।जो शब्दों को जीत लेता है, वह जीवन को जीत लेता है।सत्य बोलिए, प्रेम बोलिए, सम्मान बोलिए!यही सबसे बड़ी ...
10/07/2026

शब्द ही ब्रह्म हैं।

जो शब्दों को जीत लेता है, वह जीवन को जीत लेता है।
सत्य बोलिए, प्रेम बोलिए, सम्मान बोलिए!

यही सबसे बड़ी साधना है। 🙏

– प्रवीण कुमार मिश्र
समाज सुधारक

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