Chardham yatra travel guides

Chardham yatra travel guides Chardham yatra in uttarakhand is one the religious beliefs of Hindus around the world

“23 अप्रैल 2026 को प्रातः 6:15 बजे खुलेंगे भगवान श्री बदरीनाथ जी के कपाट”बद्रीनाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र त...
23/01/2026

“23 अप्रैल 2026 को प्रातः 6:15 बजे खुलेंगे भगवान श्री बदरीनाथ जी के कपाट”
बद्रीनाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्हें यहाँ बदरी नारायण के नाम से पूजा जाता है। यह उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है और चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण भाग है।

हरिद्वार का अगला अर्ध कुंभ मेला 2027 में 14 जनवरी (मकर संक्रांति) से शुरू होगा और 20 अप्रैल 2027 चैत्र पूर्णिमा तक चलेगा...
09/12/2025

हरिद्वार का अगला अर्ध कुंभ मेला 2027 में 14 जनवरी (मकर संक्रांति) से शुरू होगा और 20 अप्रैल 2027 चैत्र पूर्णिमा तक चलेगा
हरिद्वार में आयोजित होने वाला अर्धकुंभ 2027 एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है, जो पूरे तीन महीनों (जनवरी से अप्रैल) तक चलेगा। इस बार पहली बार चार अमृत स्नान शामिल किए गए हैं, जो परंपरागत रूप से अत्यंत दुर्लभ है। शुक्रवार को डामकोठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की बैठक में दिव्य और भव्य आयोजन की रूपरेखा तय की गई और तैयारी का शंखनाद किया गया।

प्रमुख पर्व स्नान तिथियां

-14 जनवरी 2027 — मकर संक्रांति
-6 फरवरी 2027 — मौनी अमावस्या
-11 फरवरी 2027 — बसंत पंचमी
-20 फरवरी 2027 — माघ पूर्णिमा

चार अमृत स्नान ( शाही स्नान )

-6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
-8 मार्च 2027 — सोमवती/फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
-14 अप्रैल 2027 — मेष संक्रांति/वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान)
-20 अप्रैल 2027 — चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)

अन्य विशेष धार्मिक अवसर
-7 अप्रैल — नव संवत्सर
-15 अप्रैल — राम नवमी

हरिद्वार : हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य रूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में, मेला प्रशासन ने हरकी पैड़ी के ठीक सामने एक नया और आकर्षक 'वीआईपी घाट' बनाने की योजना को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है।

इस निर्माण का उद्देश्य श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को बेहतर सुविधा और विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का सीधा एवं मनोरम दृश्य उपलब्ध कराना है।

नई घाट परियोजना की मुख्य बातें

उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित वीआईपी घाट का निर्माण वर्तमान सीसीआर भवन और धनुष पुल के बीच खाली पड़े गंगा किनारे के क्षेत्र में किया जाएगा। इस घाट के निर्माण में लगभग 1.82 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसके विस्तृत प्रस्ताव को शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।

यह घाट लगभग 84 मीटर लंबा होगा, और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति है, क्योंकि यह सीधे हरकी पैड़ी के सामने स्थित होगा। इस घाट की सीढ़ियों पर बैठकर श्रद्धालु हरकी पैड़ी की विश्वविख्यात गंगा आरती का सीधा और विहंगम नजारा देख सकेंगे, साथ ही, यहां पर गंगा स्नान की भी समुचित व्यवस्था उपलब्ध होगी।

विस्तृत अर्धकुंभ क्षेत्र और स्थाई निर्माण कार्य

अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों का दायरा केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं है, बल्कि चार जिलों में लगभग 670 हेक्टेयर मुख्य क्षेत्र और कुल 1454 हेक्टेयर में फैला होगा, जो हरिद्वार से देवप्रयाग तक विस्तृत होगा। प्रशासन ने मेले को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्यों की योजना बनाई है।

अर्धकुंभ के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक के बजट से स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्य होंगे। इसमें नए घाटों का निर्माण, सड़कों की मरम्मत और पुलों का निर्माण शामिल है। यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार में कुल 104 घाटों का नवीनीकरण और सुंदरीकरण किया जाना है, साथ ही, लगभग 5.5 किलोमीटर दूरी के नए घाट भी बनाने की योजना है।

भीड़ नियंत्रण और बेहतर सुविधाओं के लिए जाह्नवी मार्केट जैसी संरचनाओं को भी स्थानांतरित करने की योजना है, हालांकि इसका स्थानीय व्यापारियों द्वारा विरोध भी किया गया है। साथ ही, मेले में एआई कंट्रोल रूम के माध्यम से हाई-टेक सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।

शाही अमृत स्नान और तिथियां

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 में इस बार कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्नान की तिथियों को अंतिम रूप दिया है, जिससे यह आयोजन और भी विशेष बन गया है।

अर्धकुंभ का आयोजन 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर 20 अप्रैल 2027 तक चलेगा, जिसकी कुल अवधि लगभग 97 दिन होगी। इस बार अर्धकुंभ में पहली बार चार शाही अमृत स्नान सहित कुल 10 प्रमुख स्नान पर्व होंगे। यह कदम अर्धकुंभ को महाकुंभ की तरह भव्यता प्रदान करेगा। प्रमुख शाही स्नानों की संभावित/घोषित तिथियों में 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति (पहला स्नान), 6 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (पहला शाही स्नान), 8 मार्च 2027 को सोमवती अमावस्या (दूसरा शाही स्नान), और 14 अप्रैल 2027 को वैशाखी/मेष संक्रांति (तीसरा शाही अमृत स्नान और सबसे पवित्र स्नान) शामिल हैं।

#अर्धकुंभहरिद्वार #अर्धकुंभहरिद्वार2027

01/05/2025
बाबा केदारनाथ जी के कपाट 2 मई को खुलेंगे ॥ जय श्री केदार ॥        🙏🏯
26/02/2025

बाबा केदारनाथ जी के कपाट 2 मई को खुलेंगे

॥ जय श्री केदार ॥

🙏🏯

केदारनाथ जय भोलेबाबा की Om namah Shivay
19/12/2024

केदारनाथ जय भोलेबाबा की
Om namah Shivay

Now Pilgrims can see the Holy Lord Shiva's sacred Mount Kailash peak from the Lipulekh pass inside India. This trip was ...
24/10/2024

Now Pilgrims can see the Holy Lord Shiva's sacred Mount Kailash peak from the Lipulekh pass inside India. This trip was organized by the (KMVN) Uttarakhand tourism department on pilot project basis. First five pilgrims trekked around 2.5 km to witness this historic moment.

https://posts.gle/d84LAQ

पतित पावनी माँ गंगा के पावन धाम मे आज श्वेत पुष्पो की वर्षा के साथ आज के मंगल दिव्य अलौकिक दर्शन किजीऐ जय माँ गंगे🙏🌹🚩
02/02/2024

पतित पावनी माँ गंगा के पावन धाम मे आज श्वेत पुष्पो की वर्षा के साथ आज के मंगल दिव्य अलौकिक दर्शन किजीऐ

जय माँ गंगे🙏🌹🚩

Address

Kedarnath

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Chardham yatra travel guides posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Chardham yatra travel guides:

Share