14/08/2026
#देश की आजादी के लिए 21 दिन भूखे-प्यासे शहीद हो गए मोहीबुल्लाह- #एडवोकेट_रिजवान_मुनीर
देश की आजादी में अपनी जान की कुर्बानी देने वाले देश के वीर सपूतों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोग याद करेंगे। इन्हीं सपूतों में तप्पा उजियार क्षेत्र के सेमरियावा निवासी शहीद मोहिबुल्लाह भी हैं। उन्होंने गिरफ्तार होने के बाद खाना,पानी छोड़ दिया था। अग्रेजों की कस्टडी में ही शहीद हो गए थे ।
ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सन् 1905 ई. में दारुल उलूम देवबन्द से शेखुल हिंद मौलाना महमूदल हसन ने रेशमी रुमाल अन्दोलन चालया था। मौलाना की ओर से चलाया गया रेशमी रुमाल आन्दोलन सन् 1916 में पूरे देश में चला पड़ा। लोगों ने जगह जगह अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन शुरू कर दिया था। अपनी हुकूमत की नीव को हिलते देख अग्रेजी सिपाही आंदोलनकारियों को जेल में डालना शुरू कर दिए थे।
सेमरियावां निवासी शहीद मोहीबुल्लाह साहब भी आन्दोलन में शामिल थे। इनके नेतृत्व में उजियार तप्पा में भी जगह जगह रेशमी रुमाल आन्दोलन ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ चल रहा था।
आन्दोलन को धार दे रहे शहीद मोहिबुल्लाह को 1922 में आन्दोलन के दौरान ब्रिटिश सिपाहियों ने उन्हें गिरफ्तार कर बस्ती जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के समय ही उन्होंने कसम खा ली थी जब तक अंग्रेज देश को छोड़ कर चले नहीं जाते है। मैं अन्न,जल ग्रहण नहीं करूंगा। अंग्रेजों का दाना पानी मेरे लिए हराम है। बस्ती की जेल में बन्द शहीद मोहिबुल्लाह 21 दिनो तक न तो खाना खाया और न ही पानी ही पिया। उनकी हालत बिगड़ती देख अंग्रेजों ने अपने कस्टडी में इलाज के लिए ले जाने लगे तभी उनकी मौत हो गई थी।
अमर शहीद मोहीबुल्लाह साहब की शहादत की स्मृति को सम्मान देने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में तत्कालीन विकास पुरूष सांसद #भालचन्द्र_यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान जूनियर हाई स्कूल सेमरियावा के मुख्य द्वार का निर्माण कराया था। इस मुख्य द्वार के निर्माण पर एक लाख रुपये की धनराशि खर्च हुई थी।
शहीद मोहीबुल्लाह साहब जैसे वीर सपूतों का बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है..!!
Adv Rizwan Muneer City समाचार Digital
#राज्य_स्तरीय_यूथ_अवॉर्डी_उत्तरप्रदेशसरकार
News18 Hindi India Neboolal पूर्वांचल न्यूज़ एक्सप्रेस भावी ज़िला पंचायत सदस्य युवा सेवा समिति उत्तर प्रदेश fans