19/06/2026
#विश्व_सिकल_सेल_एनीमिया दिवस :: भानेगांव पीएचसी में आयुष विभाग ने किया आयुर्वेद औषधियों का वितरण
#विश्व_सिकल_सेल_एनीमिया_जागरूकता_दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में आनुवंशिक रक्त विकारों के प्रति जन-चेतना जगाने और आयुर्वेद के माध्यम से मरीजों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य अंतर्गत जिला आयुष अधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार पंद्रे सर के मार्गदर्शन व माननीय सभापति, महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग श्री रेवाजी कराहटकर जी की गरिमामयी उपस्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानेगांव में विशेष स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया।
रोग से घबराएं नहीं, जागरूकता ही बचाव है: श्री रेवाजी कराहटकर
शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री रेवाजी कराहटकर जी ने ग्रामवासियों से अपील की कि सिकल सेल एनीमिया रोग से घबराएं नहीं, यह एक आनुवंशिक (वंशानुगत) रोग है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच कराकर और डॉक्टरों की सलाह मानकर इस बीमारी के साथ भी बेहतर जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने आयुष विभाग द्वारा ग्रामीण अंचलों में चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान की सराहना की और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाने का आग्रह किया।
जागरूकता और सही प्रबंधन से बीमारी पर नियंत्रण संभव
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत पाटिल ने सिकल सेल एनीमिया रोग की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि #सिकल_सेल_एनीमिया एक गंभीर वंशानुगत रक्त विकार है। इसमें शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) सामान्य गोल आकार की न होकर हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। डॉ. पाटिल ने जोर देकर कहा कि इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, सही समय पर जांच, उचित खान-पान, नियमित दिनचर्या और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई पद्धतियों के जरिए इस रोग का प्रभावी प्रबंधन कर मरीज एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
मरीजों को हुआ आयुर्वेद औषधियों का निःशुल्क वितरण
शिविर के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानेगांव पहुंचे ग्रामीण क्षेत्र के सिकल सेल प्रभावित मरीजों, वाहकों और अन्य नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को इस आनुवंशिक बीमारी के कुप्रभावों, जैसे—अत्यधिक थकान, खून की कमी और जोड़ों के असहनीय दर्द को नियंत्रित करने के लिए व रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेद औषधियों का निःशुल्क वितरण किया गया।
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत पाटिल, सामुदायिक आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल कुर्मेती, सीएचओ डॉ. सुशील गेडाम, पैरामेडिकल स्टॉफ से श्रीमती दिव्या बावनकर, श्रीमती पूनम यादव, श्रीमती प्रिया जामरे, श्रीमती त्रिवेणी कटरे, श्री शिरीष श्रीवास्तव, श्रीमती ममता समरीत, श्रीमती सुनीता धामने, श्रीमती रीना बारमाटे, श्री शिव गणेश ढोरे, श्रीमती ऊषा लाड़े की सक्रिय सहभागिता रही।