22/08/2026
ऑनलाइन राजभाषा हिंदी कार्यशाला-सह-संगोष्ठी
भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, उत्तर-पूर्व क्षेत्रीय केंद्र, शिलांग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 की द्वितीय तिमाही के कार्यक्रम के अंतर्गत 20 अगस्त 2026 को ऑनलाइन राजभाषा हिंदी कार्यशाला-सह-संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ डॉ. निलांजन खटुआ, उप निदेशक, भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र, उदयपुर के उद्घाटन संबोधन से हुआ। कार्यक्रम में डॉ. शांतनु मित्र, कार्यालय प्रमुख, मुख्यालय, कोलकाता; सुश्री असित कमल, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, असम राइफल्स एवं सदस्य सचिव, नराकास, शिलांग; तथा डॉ. जयप्रकाश शाकद्वीपीय, राजभाषा विशेषज्ञ, वरिष्ठ लेखक एवं साहित्यकार, उदयपुर ने अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. जयप्रकाश शाकद्वीपीय ने विषय पर सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। सत्र की अध्यक्षता डॉ. बी. पी. उराडे, उप निदेशक, पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता ने की।
संगोष्ठी में “विकसित भारत–2047 के परिप्रेक्ष्य में भाषा, राजभाषा और भारत की भाषाई विविधता : संविधान, सांस्कृतिक विरासत एवं मानवविज्ञान का अंतर्विषयक विमर्श” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने भारत की भाषाई विविधता, राजभाषा हिंदी की भूमिका, संवैधानिक प्रावधानों, सांस्कृतिक विरासत तथा मानवविज्ञान के संदर्भ में भाषाओं के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
ऑनलाइन हिंदी कार्यशाला-सह-संगोष्ठी में भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सहभागिता की तथा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों में राजभाषा हिंदी, जनजातीय एवं संकटग्रस्त भाषाएँ, भाषाई विविधता, बहुभाषिकता, प्राकृतिक भाषा संसाधन (NLP) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), तथा स्वदेशी भाषाओं के संरक्षण जैसे विविध एवं समसामयिक विषयों को शामिल किया गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मोआजुंगला लोंगकुमेर, कार्यालय प्रमुख, उत्तर-पूर्व क्षेत्रीय केंद्र, शिलांग द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यशाला-सह-संगोष्ठी के माध्यम से राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रोत्साहन के साथ-साथ भारत की समृद्ध भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण, जनजातीय एवं संकटग्रस्त भाषाओं के अध्ययन तथा मानवविज्ञान के क्षेत्र में समकालीन तकनीकों के उपयोग पर सार्थक एवं ज्ञानवर्धक विमर्श हुआ। Ministry of Culture Azadi ka Amrit Mahotsav Sharma Bhallamudi