09/04/2026
भारत की औषधीय संपदा – पूर्वी भारत
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के विविध पारिस्थितिक परिदृश्यों को समाहित करने वाला पूर्वी भारत, औषधीय पौधों के एक समृद्ध भंडार का केंद्र है। यह क्षेत्र भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल विरासत और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
औषधीय रूप से महत्वपूर्ण प्रजातियों जैसे हरड़ (Terminalia chebula) और बहेड़ा (Terminalia bellirica) से लेकर व्यापक रूप से मूल्यवान औषधीय पौधों जैसे ब्राह्मी (Bacopa monnieri), सर्पगंधा (Rauvolfia serpentina), अर्जुन (Terminalia arjuna) और नीम (Azadirachta indica) तक, उपजाऊ पूर्वी मैदानों से लेकर वन-समृद्ध पठारी क्षेत्रों और तटीय पट्टियों तक फैले इस क्षेत्र के विविध पारिस्थितिक तंत्र, उच्च औषधीय, पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व वाली वनस्पतियों की एक विस्तृत श्रृंखला का पोषण करते हैं।