28/10/2024
दादा कहते थे न्याय के लिए लड़ना या न्याय के पथ में खड़ा रहना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है!!
गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन के जनक, सरल एवं सहज स्वभाव के धनी, कृषक, शिक्षक, वकील गोल्ड मेडलिस्ट,और विधायक, हमारे आदर्श एवं पथप्रदर्शक, गोंडवाना रत्न दादा हीरा सिंह मरकाम जी के पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन🙏🏼
'कहो नही करके दिखलाओ' का नारा हमेशा समाज कहने वाले हमारे दादा ने संपूर्ण गोंडवाना अंचल के आदिवासियों को एकता के सूत्र में बांधने वाले । जो लोग संस्कृति भूल गए थे उन्हें वापस संस्कृति का परिचय कराया। गोंडी संस्कृति गोंडी भाषा गर्व गोंड हु बोलने सीखने वाले , सामाजिक राजनीतिक संवैधानिक हक अधिकार दिलाने बोलने सीखने वाले मुर्दे समाज में जान डालकर नई क्रांति लाने करने वाले
उनका कहना था खेत गाँव में हैं, श्रम शक्ति गाँव में है, विकास की राह गाँव से निकलती है। कोई कागज के नोट खाकर जिंदा नहीं रहेगा। उनका सपना शोषणविहीन समाज की रचना था। गोंडवाना रत्न दादा हीरा सिंह मरकाम जी समूचा गोंडवाना समाज को एक नई दिशा नया राह प्रदान करने वाले, ऐसे महापुरुष युग में एक ही बार अवतरित होते हैं।
दादा हीरासिंह मरकाम की पुण्यतिथि की शत् शत् नमन
जोहार
जय सेवा
जय गोंडवाना🦁