आम आदमी पार्टी कार्यालय Kota /Rajasthan

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आम आदमी पार्टी कार्यालय Kota /Rajasthan आम आदमी तक पहुंच बनाने के
उद्देश्य की ?

अतिउत्तम, पटरियां और रेल नहीं होती तो भी चार गुणा दाम पर हवा में लगा देते  । जय सियाराम ..
15/03/2023

अतिउत्तम, पटरियां और रेल नहीं होती तो भी चार गुणा दाम पर हवा में लगा देते । जय सियाराम ..

भारतीय रेलवे में टॉयलेट्स 20वी सदी के प्रारम्भ में शुरू हुए , लेकिन अंग्रेजो ने डिब्बे के फ्लोर में 5" छेद कर बनाया था , इससे दिक्कत यह थी की पटरी से लगे ,स्टेशन ,नदिया ,खेत यह सब भी गंदे होते थे , और सबसे बड़ी दिक्कत गैंगमैन को आती थी जो पटरिया फिटिंग करते थे , आजादी के 70 साल बाद भी 2014 तक किसी भी सरकर ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया , आज रेलवे में टॉयलेट्स लगने के 100 साल बाद 2014 के बाद पहली बार भारतीय रेल में 5 साल के अंतराल बाद करीब-करीब 80% रेलवे के डिब्बे बायो टॉयलेट्स से सज्ज है और स्टेशन , पटरी नदी खेत गंदे होने से बच रहे है

अब बताना जरुरी नहीं की 2014 बाद किसकी सरकार ने यह सब महेनत कर देश में फ़ैल रही गंदगी रोकने में सफल रहे है ,
अब राजनीती की गंदगी की सफाई हो रही है।

05/01/2022
30/12/2021
KEDL कोटा, बहुत हुई बिजली की मार, गरीबी में आटा गीला..KEDL राज्य सरकार और JVNL के निर्णयों, नियमों, अनुबंध की शर्तों के ...
03/06/2021

KEDL कोटा, बहुत हुई बिजली की मार, गरीबी में आटा गीला..

KEDL राज्य सरकार और JVNL के निर्णयों, नियमों, अनुबंध की शर्तों के अनुरूप ही कार्य करती है ।
इस बारे में राज्य सरकार द्वारा तत्काल संज्ञान लिया जाना आवश्यक है । परिस्थिति जन्य समयानुकूल उचित निर्णय लेकर व्यवहारिक राहत प्रदान की जाना उचित है ।

अब कुछ कहना शेष नहीं है जब राज्य सरकार स्थायी शुल्क आदि मसलों पर ही यह कहकर मुकर गयी कि वितरण को उत्पादन के स्थायी शुल्क आदि का भुगतान करना पड़ता है, इसलिए इसमें भी कोई राहत नही दी जा सकती ।

0 रीडिंग पर भी पिछले साल के अनुपात में स्थायी शुल्क आदि वसूले जा रहे हैं । जो चार्ज एक बार वसूल लिए गए हैं, उन्हें दो दो बार वापस वसूलना सीधे सीधे डकैती है । 0 रीडिंग पर भी प्रति यूनिट दर 400 से लेकर 1000 तक पड़ सकती है । माल बेचे बिना ही दाम वसूले जा रहे हैं ।

यह मसला केवल KEDL का ही नहीं, दिल्ली को छोड़कर सम्पूर्ण राजस्थान सहित देश का है ।

चन्द्र प्रकाश श्रृंगी
जिलाध्यक्ष, आप कोटा जिला
9414186892

KEDL कोटा, बहुत हुई बिजली की मार, गरीबी में आटा गीला..KEDL राज्य सरकार और JVNL के निर्णयों, नियमों, अनुबंध की शर्तों के ...
03/06/2021

KEDL कोटा, बहुत हुई बिजली की मार, गरीबी में आटा गीला..

KEDL राज्य सरकार और JVNL के निर्णयों, नियमों, अनुबंध की शर्तों के अनुरूप ही कार्य करती है ।
इस बारे में राज्य सरकार द्वारा तत्काल संज्ञान लिया जाना आवश्यक है । परिस्थिति जन्य समयानुकूल उचित निर्णय लेकर व्यवहारिक राहत प्रदान की जाना उचित है ।

अब कुछ कहना शेष नहीं है जब राज्य सरकार स्थायी शुल्क आदि मसलों पर ही यह कहकर मुकर गयी कि वितरण को उत्पादन के स्थायी शुल्क आदि का भुगतान करना पड़ता है, इसलिए इसमें भी कोई राहत नही दी जा सकती ।

0 रीडिंग पर भी पिछले साल के अनुपात में स्थायी शुल्क आदि वसूले जा रहे हैं । जो चार्ज एक बार वसूल लिए गए हैं, उन्हें दो दो बार वापस वसूलना सीधे सीधे डकैती है । 0 रीडिंग पर भी प्रति यूनिट दर 400 से लेकर 1000 तक पड़ सकती है । माल बेचे बिना ही दाम वसूले जा रहे हैं ।

यह मसला केवल KEDL का ही नहीं, दिल्ली को छोड़कर सम्पूर्ण राजस्थान सहित देश का है ।

74 साल के बाद गणतंत्र में क्या है वोट का आधार ? 1. मेरा वोट बेकार जायेगा 2. सम्भावित जिताऊ विकल्प को ही चुनना कौन सी मजब...
31/05/2021

74 साल के बाद गणतंत्र में क्या है वोट का आधार ?
1. मेरा वोट बेकार जायेगा
2. सम्भावित जिताऊ विकल्प को ही चुनना कौन सी मजबूरी है ? जिताऊ के भृम में क्या उचित चयन की हत्या नहीं करते हम लोग ?
3. जीवन से जुड़े सवालों, हल और उपाय का कोई मतलब नहीं
4. मेरे वोट से चुनी सरकार ही वोट की सफलता, बच्चों के सुखद भविष्य व एकजुट विकसित राष्ट्र की गारंटी है । 5. विकल्प की यह अवधारणा नागरिक नहीं बनाता, प्रचार माध्यम, धनबल, भुजबल के सहारे तैय्यार होती है । वोट उसमें बहता है बस ।
निराधार बड़ी बड़ी ऐतिहासिक जीत के दावों के शंखनाद इसी विकल्प भ्रम का प्रथम पाठ है । आएगा तो ..कूट कूट कर भरा जाता है ।
दुष्परिणाम सभी को भुगतने पड़ते है ।

चन्द्र प्रकाश श्रृंगीजिलाध्यक्ष, आप कोटा जिला941418689274 साल के बाद गणतंत्र में क्या है वोट का आधार ? 1. मेरा वोट बेकार...
31/05/2021

चन्द्र प्रकाश श्रृंगी
जिलाध्यक्ष, आप कोटा जिला
9414186892

74 साल के बाद गणतंत्र में क्या है वोट का आधार ?
1. मेरा वोट बेकार जायेगा
2. सम्भावित जिताऊ विकल्प को ही चुनना कौन सी मजबूरी है ? जिताऊ के भृम में क्या उचित चयन की हत्या नहीं करते हम लोग ?
3. जीवन से जुड़े सवालों, हल और उपाय का कोई मतलब नहीं
4. मेरे वोट से चुनी सरकार ही वोट की सफलता, बच्चों के सुखद भविष्य व एकजुट विकसित राष्ट्र की गारंटी है । 5. विकल्प की यह अवधारणा नागरिक नहीं बनाता, प्रचार माध्यम, धनबल, भुजबल के सहारे तैय्यार होती है । वोट उसमें बहता है बस ।
निराधार बड़ी बड़ी ऐतिहासिक जीत के दावों के शंखनाद इसी विकल्प भ्रम का प्रथम पाठ है । आएगा तो ..कूट कूट कर भरा जाता है ।
दुष्परिणाम सभी को भुगतने पड़ते है ।

क्या विकल्प के इस मिथक को ध्वंस करने की दिशा में चिंतन की जरूरत है ?

11/11/2020

اگر ہمیں ہمارے حقوق کو کو اپنے بل پر آنا ہے تو ہر بار ہمیں ہر چناؤ میں میں دوسری پارٹیوں کو ہرانے کے لیے اویسی کا سامنا کرنا چاہیے

70 सालों में मुसलमानों का इस्तेमाल होता रहा तब तो ओवैसी को जिम्मेदार नहीं बताया गया ।
यूपी में जब बीजेपी सरकार काबिज हुई तब भी ओबीसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया ,
तो बिहार में 5 सीट जीतने के लिए
मोदी सरकार को स्थापित करने का श्रेय
ओवैसी को क्यों देना चाहिए।
सेकुलर वाद का मटका हमेशा मुसलमानों के सर पर ही क्यों छोड़ा जाना चाहिए यादव जब अपना पार्टी रूपी बड़ा संगठन चला सकते हैं मायावती दलित होकर दलितों की मसीहा घोषित हो सकती है तो 22 करोड़ मुसलमान क्या अपना नेतृत्व नहीं तलाश सकते क्या इनके हिस्से में दरिया बिछाना या रोजा इफ्तार की पार्टियों में टोपी पहन के फोटो खींचा ना ही आएगा???

मुसलमान की पार्टी का महत्व जब तक स्थापित नहीं हो पाएगा जब तक पार्टी का मुखिया मुसलमान ना हो तीन तलाक जैसे मुद्दे पर समाजवादी द्वारा वर्क आउट करने पर मुसलमान नेतृत्व मुंह देखता रह गया और वकआउट के माध्यम से बिल पास हो गया।
पार्टी नेतृत्व का आदेश सर्वोपरि होने के कारण मुसलमान हितों का हमेशा गला घोटा जाता रहा है।

मुसलमानों का भय दिखाकर बीजेपी पूरे हिंदुस्तान पर काबिज हो गई है जबकि कश्मीर में मुसलमानों की संख्या गधे को भी मालूम है अधिक है वहां पर भी उसने अपना नेतृत्व स्थापित कर लिया है आसाम में 40 परसेंट मुसलमान होने के बाद भी मुसलमान नेतृत्व आज तक तरस रहा है और बंगाल में भी मोदी जी बड़े जोर शोर से आने वाले हैं ।ओवैसी साहब की पार्टी को बंगाल के चुनाव में भी उतरने की घोषणा करनी चाहिए।

बिहार में 5 सीटें अकेले मुसलमानों के वोटों से नहीं जीती है ओवैसी की पार्टी इसमें दलितों का भी उतना ही योगदान है कुशवाहा का भी उतना ही योगदान है अग्नि और पिछड़ी जातियों का भी उतना ही योगदान है जितना ब्राह्मणों और बनियों का है।

देश के नागरिकों का भला सोचना हमारी राजनीतिक पार्टियां भूल गई हैं ,अपने कार्यकर्ताओं और विधायकों और सांसदों के हितों को साधने ही इनका जीवन उद्देश्य रह गया है ,
ऐसी परिस्थिति में हमें एक नए घोड़े की जरूरत है जो हम सब भारतीयों में रक्त और ऊर्जा का नव संचार कर सके।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1993591374104130&id=100003598606473मुझे धार्मिक मुद्दे ज्यादा प्रभावित नहीं ...
05/08/2020

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1993591374104130&id=100003598606473

मुझे धार्मिक मुद्दे ज्यादा प्रभावित नहीं करते ।

लेकिन बचपन से रामचंद्र जी को पढ़ा और सुना है
रामलीला भी खूब देखी है ।

अयोध्या ओर लंका लगभग सभी ने सुना होगा ।

बहुत लोग दूसरे तर्क भी लाते हैं के यहां ये नहीं था वो था ।

अब हजारों साल पहले के धार्मिक आस्थाओं के मेटर को आप तर्को या साक्ष्यो से नहीं सुलझा सकते ।

ओर तर्क के सामने तो कोई सा भी पंथ या धर्म नहीं टिक पायेगा ।

मेरे एक धार्मिक प्रवृति के दोस्त ने मुझसे सवाल किया था के

भगवान राम का मंदिर अगर अयोध्या में नहीं बनेगा
तो कहां बनेगा ?

ये मक्का या मदीना में तो नहीं बनेगा ?
मुझे उनकी बात कन्वेंसिंग लगी ।

ओर मेने जवाब में उनसे कहा के अगर मैं यहां का शासक होता तो भी
ये जमीन हिंदुओं को देता ।

ऐसे मामलों में ज्यादा अड़ना नहीं चाहिए ।
आप उनका सम्मान करेंगे वो आपका करेंगे ।

बहुत लोग उधर भी ऐसे हैं जो मानते हैं के इस पर राजनीति ज्यादा हुई ।

ये सत्यता में आने का साधन बन गया ।
जब इस मुद्दे में वैसा उत्साह नहीं रहा तो वो दूसरी शरारती प्रोग्राम ले आये ।

अब सत्ता के लिए कुछ भी करेगा ओर ये लगभग सभी पार्टियां करती है ।
यहां न कोई पार्टी सेक्यूलर है ओर न उन्मादी ।
सब अपनी अपनी ज़रुरतों का खेल है ।

बाकी आम हिंदु भाइयों को बहुत शुभकामनाएं
आप बढ़िया ओर
भव्य मंदिर बनाए ।

ये मेरे निजि विचार है ।
जरूरी नहीं सब
सहमत ही हो ।
ओर मुझे सबकी सहमति से कोई बहुत ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है ।
दुआओं में याद न भी रखें तो चलेगा ।
क्यूके मैं तो वेसे ही मजे में हूं ।

मुझे कोनसा इलैक्शन लड़ना है ?
हम तो फकीर आदमी है । हमारा क्या है ?
झोला उठाकर .....

Hasan Jamal Zaidi

आम आदमी पार्टी कार्यालय कोटा- 324001 चन्द्र प्रकाश श्रंगी की कोटा जिला टीम की जानिब से...सभी को ईद -उल-अजहामुबारक हो।
01/08/2020

आम आदमी पार्टी कार्यालय कोटा- 324001

चन्द्र प्रकाश श्रंगी की कोटा जिला टीम की जानिब से...

सभी को ईद -उल-अजहा
मुबारक हो।

30/07/2020

पुरानी को बदलना और बदलाव प्रकृतिक प्रक्रिया है... यदि बदलाव हुआ है तो परिणाम आने का इंतजार करना चाहिए,

यदि पहले वाली शिक्षा निती में ही दम होता तो आज भारतीय मतदाता भ्रमित ना होता...
परिपक्व छात्र भविष्य में परिपक्व मतदाता साबित होता है...
यदि हमारी पूर्व शिक्षा निती नागरिकों में पूर्व के सालों में लोकतंत्रिक समझ भी विकसित ना कर पाई तो उसको बदलना जरूरत था...
बदलाव होना चाहिए...
शिक्षा अपने आप सुधार के साथ शुभ मार्ग के तरफ ही प्रसस्त होती है।

जब पूरा देश ही कार्पोरेट द्वारा सर्वविदित प्रयोजित है,
तो शिक्षा निती के कारपोरेट द्वारा प्रायोजित होने पर कौनसी कयामत आ जायेगी?

29/07/2020

नेपाल श्री राम को वापस देने को तैयार
#राफेल

#मास्टरस्ट्रोक

28/07/2020

सच्चाई और अच्छाई की
तलाश में चाहे पुरी दुनिया घूम लो,
अगर वह खुद में नहीं तो कही भी नहीं।

28/07/2020

आम आदमी पार्टी , जिला कोटा

अनुशासन समिति का गठन सम्भावित है आज ही !

जिला कार्यकारिणी सूची प्रदेश नेतृत्व को प्रेषित की जा चुकी है ।

इसके बाद दोनों कोटा नगर निगम , उत्तर व दक्षिण की कार्यकारिणीयां गठित की जाएंगी ।

- चन्द्र प्रकाश श्रृंगी
जिलाध्यक्ष ,
"आप" कोटा जिला

28/07/2020

शहीदों की वीरांगनाओं व परिजनों का दफ्तरों में भटकना तत्काल बन्द करो ..
यही है सच्ची श्रृद्धांजली ! हमारी मांग : सेवाओं की होम डिलीवरी !

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Jannayak Bhawan Station Road
Kota
324001

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