DC Kullu

DC Kullu Deputy Commissioner Kullu

21/07/2026

संख्या 50
*पीलिया के मामलों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*

*पेयजल स्रोतों की नियमित जांच, क्लोरीनेशन, टैंकों की सफाई और जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश*

कुल्लू, 21 जुलाई। जिला मुख्यालय कुल्लू में पीलिया के मामले सामने आने के बाद उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिला मुख्यालय में प्रतिदिन सामने आ रहे पीलिया के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को जिले की सभी पेयजल योजनाओं का तत्काल क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने, सभी जल भंडारण टैंकों की नियमित एवं वैज्ञानिक तरीके से सफाई करवाने तथा पेयजल स्रोतों और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पेयजल में किसी प्रकार की अशुद्धि या संदूषण की संभावना हो, वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जल गुणवत्ता की निरंतर निगरानी रखी जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पीलिया से संबंधित मामलों की नियमित निगरानी करने, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा लोगों को रोग की रोकथाम के प्रति व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया जाए तथा लोगों को इनके सही उपयोग की जानकारी भी दी जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जलजनित रोगों से बचाव के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल उबला हुआ अथवा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल ही प्रयोग करें, भोजन बनाने और पीने के पानी को ढककर रखें तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ पीलिया के मरीजों के उपचार एवं निगरानी में जुटा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हेपेटाइटिस-ए के मामले सामने आ रहे हैं। जिन क्षेत्रों से मामले रिपोर्ट हो रहे हैं, उनकी जानकारी नियमित रूप से जल शक्ति विभाग के साथ साझा की जा रही है, ताकि वहां पेयजल की जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है तथा लोगों को बचाव संबंधी जानकारी दी जा रही है।

पीलिया से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

केवल उबला हुआ या शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल ही पिएं।

भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।

खुले में बिकने वाले कटे फल एवं अस्वच्छ भोजन का सेवन न करें।

भोजन और पेयजल को हमेशा ढककर रखें।

घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।

क्लोरीन की गोलियों का स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार उपयोग करें।

पीलिया के लक्षण जैसे आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का मूत्र, भूख कम लगना, बुखार, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि पीलिया की रोकथाम के लिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा आम जनता को सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर, सहायक आयुक्त जयबंती, सीएमओ रंजीत ठाकुर, अधीक्षण अभियंता विनोद ठाकुर, अधिशाषी अभियंता अमित, उपनिदेशक शिक्षा देश राज, सुरिंदर शर्मा

21/07/2026

*रेड अलर्ट के मद्देनज़र आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थान आज रहेंगे बंद*

कुल्लू, 21 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जिला कुल्लू के लिए जारी रेड अलर्ट तथा भारी वर्षा की चेतावनी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कुल्लू ने एहतियातन आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थानों को 21 जुलाई, 2026 को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 एवं 34(एम) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार आनी एवं निरमंड उपमंडलों के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल, डाइट, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग तथा फार्मेसी कॉलेज 21 जुलाई को बंद रहेंगे।
यह निर्णय उपमंडल अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर दी गई रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों एवं संस्थानों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

18/07/2026
संख्या 35, कुल्लू 16 जुलाईउपायुक्त ने जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिला परिषद हाल क...
16/07/2026

संख्या 35, कुल्लू 16 जुलाई

उपायुक्त ने जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिला परिषद हाल कुल्लू में जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद का चुनाव सम्पन्न हुआ। जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए ठाकुर दास तथा उपाध्यक्ष पद के लिए नीना को सर्वसम्मति से चुना गया।

उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने नवनिवार्चित जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को पद एवं गोपनीयता को शपथ दिलाई तथा नए दायित्व के लिए बधाई दी।

01/07/2026
*जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित* कुल्लू, 24 जून : जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (NCORD) समिति की ब...
24/06/2026

*जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित*

कुल्लू, 24 जून : जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (NCORD) समिति की बैठक उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) निशांत ठाकुर, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों तथा उन पर की गई अनुपालना की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मनिकरण क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त जिले की 28 संवेदनशील पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकों, जागरूकता गतिविधियों तथा उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की गई।
उपायुक्त ने कहा कि नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक गति दी जाए तथा युवाओं को खेल, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभिन्न विभागों के मध्य सूचना साझाकरण को मजबूत करने तथा जन-जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं तथा जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक जागरूकता एवं रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

*वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड यात्रा का आयोजन जोखिमपूर्ण : अनुराग चन्द्र शर्मा* कुल्लू, 24 जून : श्रीखंड महादेव यात्...
24/06/2026

*वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड यात्रा का आयोजन जोखिमपूर्ण : अनुराग चन्द्र शर्मा*

कुल्लू, 24 जून : श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड के अध्यक्ष एवं ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बुद्धि सिंह ठाकुर सहित ट्रस्ट के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
बैठक में वर्ष 2026 की प्रस्तावित श्रीखंड महादेव यात्रा के आयोजन को लेकर व्यापक चर्चा की गई तथा यात्रा मार्ग की सुरक्षा संबंधी विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने बैठक को अवगत करवाया कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा एवं व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (एबीवीमास), मनाली के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने 8 जून तथा 18 जून को यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
रिपोर्ट के अनुसार भीमद्वारी से पार्वती बाग तक का मार्ग वर्तमान परिस्थितियों में अत्यंत संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण पाया गया है। निरीक्षण दल ने पाया कि इस क्षेत्र में खड़ी ढलानें, अस्थिर एवं ढीली मिट्टी, संकरे और फिसलनयुक्त रास्ते तथा अनेक नालों के पारगमन जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने आगामी मानसून के दौरान भूस्खलन, चट्टानों के गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड तथा मलबे के बहाव की गंभीर आशंका व्यक्त की है।
बैठक में एबीवीमास के स्की इंस्ट्रक्टर अंकुश कुमार एवं ट्रैकिंग गाइड गोपाल सिंह द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का विशेष उल्लेख किया गया। संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि वे कई वर्षों से श्रीखंड महादेव यात्रा से जुड़े रहे हैं तथा पार्वती बाग और आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक एवं हिमनदीय परिस्थितियों का गहन अनुभव रखते हैं। विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और नवीनतम निरीक्षण के आधार पर स्पष्ट मत व्यक्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 का आयोजन सुरक्षित नहीं माना जा सकता और इसकी अनुशंसा नहीं की जाती।
एबीवीमास द्वारा प्रस्तुत प्रमुख निष्कर्षों में कहा गया है कि भीमद्वारी और पार्वती बाग के बीच मौजूदा मार्ग के साथ-साथ प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग भी वर्तमान परिस्थितियों में असुरक्षित हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसी भी दुर्घटना अथवा आपदा की स्थिति में इस क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करना अत्यंत कठिन होगा। विशेषज्ञों ने भीमद्वारी के कैंपिंग क्षेत्र को भी उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बताया है, जहां बढ़ते जल प्रवाह, फ्लैश फ्लड और मलबे के बहाव से गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र की भूमि ढीले पत्थरों और अस्थिर मिट्टी से बनी हुई है, जिसके कारण वहां अस्थायी पुल, रस्सी मार्ग अथवा अन्य अस्थायी संरचनाओं का निर्माण भी सुरक्षित एवं व्यवहारिक नहीं है। एबीवीमास ने प्रभावित हिस्से को ‘हाई रिस्क जोन’ घोषित करने की अनुशंसा की है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन एवं श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्तिथि और रिपोर्ट के बाद यात्रा का आयोजन जोखिम पूर्ण होगा। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों को भी इस रिपोर्ट पर किसी आपत्ति पर अपना लिखित सुझाव तहसीलदार को देने बात कही। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय सुरक्षा मानकों तथा सभी संबंधित पहलुओं के गहन परीक्षण के उपरांत ही लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-जीवन एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
बैठक में विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त आशंकाओं को देखते हुए यह भी सुझाव दिया गया कि भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के संवेदनशील क्षेत्र का विस्तृत भू-वैज्ञानिक अध्ययन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) अथवा किसी अन्य सक्षम विशेषज्ञ संस्था से करवाया जाए। इससे क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन हो सकेगा तथा भविष्य में यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए दीर्घकालिक समाधान एवं शमन उपाय सुझाए जा सकेंगे।

*लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें : अनुराग चंद्र शर्मा* कुल्लू, 23 जून: उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्म...
23/06/2026

*लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें : अनुराग चंद्र शर्मा*

कुल्लू, 23 जून: उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में ‘एड्स सुरक्षा हेतु जन-सक्रियता अभियान’ (एमएएस) एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) द्वारा निर्धारित 95:95:99 लक्ष्यों तथा एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी के मां से शिशु में संक्रमण की रोकथाम (त्रिस्तरीय संक्रमण उन्मूलन) की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 दिसंबर, 2026 तक जिले में 95:95:99 के लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि नाको द्वारा इसे चार श्रेणियों ‘सुरक्षित प्लस’, ‘सुरक्षित’, ‘सक्षम’ और ‘संघर्षशील’ में वर्गीकृत किया गया है। अप्रैल 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल्लू जिला वर्तमान में ‘संघर्षशील’ श्रेणी में है। उपायुक्त ने कहा कि जिले को ‘सुरक्षित’ तथा आगे चलकर ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करना होगा।
उन्होंने प्रसव पूर्व देखभाल के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एचआईवी, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस-बी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मां से शिशु में संक्रमण के मामलों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि एड्स की रोकथाम, जांच, उपचार एवं देखभाल से संबंधित सेवाओं को जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित संस्थाएं आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंच सके।
उपायुक्त ने नाको के निर्देशानुसार प्रत्येक माह नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा कार्यक्रम की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक के उपरांत उपायुक्त ने क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश, डॉ. आर.के. कोहली तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

टीसीपी अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें : उपायुक्त उपायुक्त कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता...
11/06/2026

टीसीपी अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें : उपायुक्त

उपायुक्त कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति (डिस्ट्रिक्ट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग द्वारा किया गया, जिसमें टीसीपी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला नगर एवं ग्राम नियोजन कार्यालय द्वारा योजना क्षेत्रों, विशेष योजना क्षेत्रों एवं डिम्ड प्लानिंग क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध जारी नोटिसों पर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं शहरी स्थानीय निकायों को इन मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्रवाई रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मनाली नगर परिषद क्षेत्र में जारी नोटिसों पर भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम, 1977 की धारा 83-ए तथा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को अधिनियम एवं न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना उप-विभाजित भूमि के विक्रय, उपहार, पट्टे अथवा बंधक संबंधी दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं किया जा सकता। इस संबंध में अधिनियम के तहत उपलब्ध छूट प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं पंजीकरण प्राधिकारियों को धारा 16(सी) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा भूमि हस्तांतरण के मामलों में निर्धारित नियमों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिम्ड प्लानिंग एरिया के संशोधित प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि अब 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवनों एवं परियोजनाओं पर अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, जबकि पहले यह सीमा 2500 वर्गमीटर थी। उपायुक्त ने संशोधित प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अनियोजित विकास पर नियंत्रण और सुव्यवस्थित निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत 2500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली प्लॉटिंग परियोजनाओं तथा आठ से अधिक अपार्टमेंट वाले भवन समूहों के लिए पंजीकरण एवं नियामकीय प्रावधानों की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। उपायुक्त ने पात्र परियोजनाओं का नियमानुसार पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा रेरा के प्रावधानों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा सरकारी एवं अर्द्धसरकारी भवनों के निर्माण के लिए पूर्व स्वीकृत भवन मानचित्रों तथा विभागीय प्रक्रियाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किए जाएं तथा विभागीय समन्वय के साथ पारदर्शिता एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध निर्माण एवं अनियोजित विकास पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए जिले में सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

जिला में आयोजित किया जाये पुस्तक मेला : अनुराग चन्द्र शर्माकुल्लू, 10 जून: उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में...
10/06/2026

जिला में आयोजित किया जाये पुस्तक मेला : अनुराग चन्द्र शर्मा

कुल्लू, 10 जून: उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में जिला सांस्कृतिक परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिषद की गतिविधियों, आय-व्यय तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिला बताया गया कि सांस्कृतिक परिषद के खाते में 14 लाख 79 हजार रुपये की राशि उपलब्ध है। वहीं गत वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं को विभिन्न आयोजनों के लिए परिषद की ओर से 2 लाख 33 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।

बैठक के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनुदान प्राप्ति के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों का अनुमोदन भी किया गया।

उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि कुल्लू में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली के सहयोग से पुस्तक मेले के आयोजन के लिए परिषद एक विस्तृत प्रस्ताव एवं कार्ययोजना तैयार करे, ताकि जिले में पठन-पाठन की संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिल सके। उन्होंने परिषद की आय के स्रोत बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने किया।

बैठक में सहायक आयुक्त जयवंती ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा देशराज डोगरा, जिला खेलकूद अधिकारी कविता ठाकुर सहित परिषद के सदस्य डॉ. सूरत ठाकुर, डॉ. निरंजन देव शर्मा, दिनेश सेन, केहर सिंह, शिव राज शर्मा, हीरा लाल ठाकुर तथा अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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