14/08/2026
जनगणना के अगले चरण की गिनती के लिए प्रश्नावली आज 14 अगस्त 2026 को जारी की गयी। इसमें 10वें नम्बर का प्रश्न अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति,और कास्ट पूछा जा रहा है । लेकिन ओबीसी नहीं पूछा जा रहा है । जाति के ओपेन कालम से 2011 वाली स्थिति पैदा हो जायेगी जिसमें 46 लाख से ज्यादा जातियां गिनी गयी थी। और तमाम प्रकार भ्रम पैदा करने वाले आंकड़ों का हवाला देकर उसके आंकड़े जारी नहीं किए गये थे।एक बार फिर पिछड़े वर्गों के साथ धोखेबाजी हो रही है। इसलिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा की तरफ से हम निम्न मांग करते हैं।
1. एससी-एसटी की तरह ओबीसी का भी आप्शन दिया जाय।
2. राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार की जाए।
3. प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड प्रदान किया जाए।
4. अनियंत्रित “ओपन कॉलम” व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली अपनाई जाए।
5. असूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए।
6. जाति संबंधी डेटा के संग्रह, सत्यापन एवं संकलन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी, सुरक्षित एवं ऑडिट योग्य बनाया जाए।
चौधरी विकास पटेल
राष्ट्रीय अध्यक्ष ( राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग(OBC )मोर्चा, न्ई दिल्ली)