01/06/2026
गर्मियों (अप्रैल से जून) में खेतों की गहरी जुताई (समर प्लाविंग) एक बेहद प्रभावी और कम लागत वाली कृषि क्रिया है। इससे मिट्टी का प्राकृतिक रूप से उपचार होता है, हानिकारक कीट, फफूंद व खरपतवार नष्ट होते हैं, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और अगली फसल की पैदावार में 25% तक की वृद्धि होती है।
गर्मी में गहरी जुताई के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं: 👇👇
1. कीट और रोगों का नियंत्रणधूप से नाश: तेज गर्मी में जुताई करने से मिट्टी की निचली सतह में छिपे हुए हानिकारक कीट, दीमक, उनके अंडे, प्यूपा (Larva) और फफूंद के बीजाणु ऊपर आ जाते हैं और तेज धूप में झुलसकर नष्ट हो जाते हैं।
2. पक्षियों द्वारा सफाया: जुताई के समय जमीन के अंदर छिपे कीट और लटें जब बाहर आते हैं, तो पक्षी उन्हें आसानी से खा जाते हैं, जिससे अगली फसल में कीड़ों के हमले की संभावना काफी कम हो जाती है।
3. खरपतवारों का विनाशजड़ों का सूखना: गहरी जुताई से खरपतवार (जैसे मोथा घास) की जड़ें और बीज ऊपर आकर तेज धूप में सूख जाते हैं और उनका अंकुरण समाप्त हो जाता है। खेत की सफाई होने से अगली फसल को पोषक तत्व और पानी पूरा मिलता है।
4. मिट्टी की जल धारण क्षमता में वृद्धिनमी का संरक्षण: गहरी जुताई से मिट्टी की निचली कठोर परत टूट जाती है, जिससे बारिश का पानी अधिक गहराई तक जाता है। इससे जमीन के अंदर पानी सोखने और उसे लंबे समय तक बनाए रखने की क्षमता में सुधार होता है।
5. मिट्टी की उर्वरता में सुधारवायु संचार बेहतर होना: जुताई से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और छोटे छिद्र बन जाते हैं, जिससे हवा और सूर्य की रोशनी मिट्टी के अंदर तक प्रवेश करती है।
6. प्राकृतिक खाद: खेत में मौजूद पुराने अवशेष और जैविक पदार्थ मिट्टी में अच्छी तरह मिलकर सड़ जाते हैं और प्राकृतिक खाद में बदल जाते हैं, जिससे जमीन उपजाऊ बनती है।
Surya Pratap Shahi Baldev Singh Aulakh MYogiAdityanath Narendra Modi Government of UP Chief Minister Office Uttar Pradesh Shivraj Singh Chouhan