27/02/2026
होली के पावन अवसर पर जनपद गोंडा में ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विकास भवन परिसर में आकर्षक स्टाल लगाए गए, जिनमें पारंपरिक एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं उत्सव सामग्री का प्रदर्शन और विक्रय किया गया।
स्टालों पर होली के विशेष उत्पाद जैसे स्वादिष्ट गुझिया, कुरकुरे पापड़, आकर्षक अबीर-गुलाल तथा सुंदर गिफ्ट हैम्पर उपलब्ध कराए गए। सभी उत्पाद स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखते हुए तैयार किए गए थे, जिनकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सराहना की गई।
जनपद के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की गई कि वे होली के इस पावन अवसर पर स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद कर उन्हें प्रोत्साहित करें। यह पहल न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी मजबूत करती है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। होली जैसे पर्व पर स्थानीय उत्पादों की खरीद से जहां एक ओर त्योहार की खुशियां बढ़ती हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार मिलता है।
जनपद गोंडा में आयोजित यह स्टाल प्रदर्शनी नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम सिद्ध हुई।