Pushpendra Kulshresth Fans

Pushpendra Kulshresth Fans पूरी दुनिया के आगे सिर्फ सच्चाई को बताना और लोगो को जागरूक करना ।
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04/07/2026
25/06/2026

पाकिस्तान में जब किसी सुंदर लड़की की मौत होती है तो उसके परिजन महीनों उसकी कब्र की पहरेदारी करते हैं
क्योंकि सुंदर लड़की की कब्र को भी खोदकर हवसखोर मुर्दा लड़की के शरीर के साथ भी बलात्कार करते है,

नेक्रोफिलिया
नेक्रोफिलिया एक मानसिक बीमारी है जिसमें व्यक्ति शव यानी लाश यानी डेड बॉडी के साथ बलात्कार करता है,,

अगर मनोवैज्ञानिकों की मानें तो सामान्य रूप से यह बीमारी हर 10 लाख व्यक्तियों में से एक को होती है,, लेकिन इस्लाम में हर दसवां व्यक्ति नेक्रोफिलिया का शिकार है,,

यानी जिंदा तो जिंदा अगर लड़की की लाश भी मिल गई या खुद भी उसकी हत्या करनी पड़ी है तो भी बलात्कार जरूर करेंगे

मिस्र की साम्राज्ञी क्लियोपेट्रा ने जो मौत चुनी उससे दुनिया स्तब्ध थी आखिर क्यों एक औरत नग्न अवस्था में अपने स्तन पर सांप से डसवाएगी,,लेकिन वो जानती थी कि जिसने मिस्र पर हमला किया है वे इस्लामिक फ़ौज के लोग हैं,,

स्तन पर डँस मरवाने से पूरे शरीर में जहर फैल जाएगा,,तो कोई इंफेक्शन के डर से उसकी मृत देह के साथ नहीं कर पाएगा,, साथ ही स्तन को मुँह में लेकर कुचल नहीं पाएगा,, वहशियों का क्या वे किसी भी हद तक जा सकते हैं,,

फिर भी आपको बता दूं कि इतिहासकार कहते हैं कि उसके शव के साथ तीन हज़ार बार बलात्कार किया गया था,,,

महारानी पद्मावती ने भी लड़कर मरने के बजाय जौहर चुना,, अभी जब पिछले दिनों फ़िल्म आई तो कितने लोगों ने कहा कि वो तो योद्धा थी,,
लड़कर क्यों नहीं मरी??
जौहर क्यों चुना??
तो इसका स्प्ष्ट कारण था ख़िलजी और वैसे ही इस्लामिक दरिंदो की फ़ौज,,
महारानी जानती थी की अगर लड़ते हुए उसने और उसकी साथी औरतों ने जान दी तो उसके शरीर के साथ क्या होगा,,

बल्कि दुनिया इस असलियत को जानती है सिर्फ हमारे बच्चों से इसे छुपाया गया है,,नेक्रोफिलिया,,

बस बहन बेटियों को इतना ही सन्देश देना चाहता हूं कि देखो मेरी बहनों,, जो

पूरे विश्व में अपनी दरिंदगी और हवस के लिए प्रसिद्ध हैं,, जो शव को भी बिना बलात्कार नहीं छोड़ते,,

अगर तुम लोग इस चक्कर में आ गई कि सब एक जैसे नहीं होते तो याद कर लेना क्लियोपेट्रा और महारानी पदमावती जैसी हजारों वीरांगनाओं जो जोहर की आग में समा गई

बस इतना सन्देश आज मैं मां बहन बेटियों को देना चाहता हूँ,,, आप भी अपने बच्चों को आगाह करके बचा सकते हैं,,

बच्चे समझने को तैयार हैं,, बस हम तैयार नहीं हैं सही शब्दों में समझाने के लिए,,

15/06/2026

मुलायम सरकार में मुख्तार अंसारी के घर छापा मारकर सेना की मशीन गन बरामद करने पर डिप्टी SP शैलेन्द्र सिंह पर ज़ुल्म की यह तस्वीर है !

देखिये, कैसे सरकार के कहने पर तब उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने ही ईमानदार साथी की शर्ट फाड़ कर फ़र्ज़ी मुक़दमे में जेल भेजा था !

कुसूर यह था, कि मुलायम सरकार में उस मुख़्तार के ख़िलाफ़ पोटा लगा दिया, जिसके आगे सब नतमस्तक थे ! यूँ ही नहीं शैलेन्द्र ने नौकरी को ठोकर मारी होगी !

मुख़्तार अंसारी के गुर्गों द्वारा सेना की लाइट गनमशीन चुराने का पर्दाफाश करने पर जिस अफसर को मेडल मिलना था, उस अफसर को मुलायम सरकार में इस तरह ज़लील कर जेल में डाला गया था ! क्या गुज़री होगी शैलेन्द्र सिंह पर...❓😡

सपाईयों,अगर थोड़ी सी भी शर्म बची हो, तो राष्ट्रवाद पर बोलना छोड़ दो

12/06/2026

एक और हिंदू को तीन चु@. स्लिम ने मिलकर चा-कुओं से गोद डाला...🫩

#हाजीअली_दरगाह के बाहर हिंदू युवक
के हाथ पर जय श्री राम का #टैटू देखकर भड़के मु-स्लिम दरिं. दो ने उसे सैकड़ों हिंदुओं की भीड़ के सामने चाकुओं से गोद डाला...
कोई बचाने भी नहीं आया

#दरगाह में जाने वाला कोई भी हिंदू सनातनी नहीं होता है बल्कि #सेक्युलर होता है... जिसका #परिणाम आपके सामने है...

सोते रहो सेक्युलर हिंदुओं...

कुंआ ठाकुर के बाद पेश है बल्ला भी ठाकुर का ✊✅IPL के एक सीज़न में 65* छक्के लगाकर युनिवर्स बॉस क्रिसगेल का रिकार्ड ध्वस्त...
29/05/2026

कुंआ ठाकुर के बाद पेश है बल्ला भी ठाकुर का ✊✅
IPL के एक सीज़न में 65* छक्के लगाकर युनिवर्स बॉस क्रिसगेल का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया 15 वर्षीय लड़के ने वैभव ने ...

हमारी तरफ से उनको उज्जवल भविष्य की मंगल में शुभकामनाएं

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कार्यक्रम में इजरायल और भारत के संबंधों की जमकर तारीफ की है। नेतन्याहू ने ...
29/05/2026

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कार्यक्रम में इजरायल और भारत के संबंधों की जमकर तारीफ की है। नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का खास दोस्त बताया है, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा की ‘मैं यह कहूंगा, दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में हमें अपनी वैधता को लेकर कुछ समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। भारत में इजरायल के लोगों के लिए जबरदस्त प्यार है। मेरे जितने फॉलोवर्स भारत से हैं, उतने दुनिया में कहीं नहीं हैं।‘

*जब भी कोई आतंकी वारदात होती है तो मुसलमानों के साथ साथ कुछ लिबरल गैर मुस्लिमो का पहला बयान ये होता है*‎आतंकवाद का कोई ध...
28/05/2026

*जब भी कोई आतंकी वारदात होती है तो मुसलमानों के साथ साथ कुछ लिबरल गैर मुस्लिमो का पहला बयान ये होता है*

‎आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता दहशतगर्द सिर्फ दहशत गर्द होता है‌ हर धर्म में कुछ लोग गलत होते हैं


‎ये ऐसी पंच लाइन है जो आज भी काफी हद तक मुफीद है इसका तोड़ ही गैर मुस्लिम आजतक नहीं समझ पाये है

‎भगवा क्रांति

‎दरअसल इस्लाम को डीप लेवल तक जाकर पढा नहीं तो समझा नही लेकिन जब भी कोई ऐसी बात कहे तो उससे एक बात जरूर पूछिए कि अगर आतंकी का कोई मजहब नहीं होता तो मरने के बाद वो मुसलमान कैसे हो जाता है अगर आतंकी को मुसलमान सपोर्ट नहीं करते तो आतंकियों के जनाजे मे हजारों लाखों की भीड़ क्यों होते होती है



‎बात ये भी सही है कि कुछ लोग हर धर्म में बुरे होते हैं लेकिन बाकी किसी भी धर्म में आतंकवादी नहीं होते न ही उन्हें उनका खुदा जन्नत देता है आतंकी बनने पर और कौम भी इसे गलत मानती है



‎अब ये जो दरअसल कुछ मुसलमान हर जगह रेडिकल जेहाद करते नजर आते हैं उसकी वजह भी इस्लाम की टीचिंग है



‎दरअसल इस्लाम मुसलमानों कि जिंदगी के तमाम कामों को दो हिस्सों में बांटता है



‎एक फर्ज ए आईन, दूसरा फर्ज ए किफाया



‎फर्ज ए आईन वो काम है जो हर मुसलमान को करना है करेगा तो उसे फायदा मिलेगा नहीं करेगा तो उसे उसका गुनाह मिलेगा

‎भगवा क्रांति

‎फर्ज ए आईन में ये सारे काम आते हैं जो हर मुसलमान को करना जरूरी होता है



‎1-नमाज़ (पाँच वक्त)

‎हर दिन फज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब, इशा की नमाज़ अदा करना।

‎अल-मुस्तस्फ़ा (ग़ज़ाली)

‎वॉल्यूम 1, पेज 300-302 (दार अल-कुतुब अल-इल्मिया)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह (सय्यिद साबिक़)

‎वॉल्यूम 1, पेज 74-80



‎2-रोज़ा (रमज़ान)

‎रमज़ान के 30 रोज़े रखना (बिना जायज उज़्र के)

‎अल-रिसाला (इमाम शाफ़ई)

‎पेज 366 (मजिद खलील एडिशन)

‎अल-मुवाफ़क़ात (शाटिबी)

‎वॉल्यूम 1, पेज 97



‎3-ज़कात

‎7.5 तोला सोना/52.5 तोला चाँदी पर 2.5% देना

‎अल-इहक़ाम (आमिदी)

‎वॉल्यूम 4, पेज 398 (दार अल-किताब अल-अरबी)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

‎वॉल्यूम 3, पेज 15-20



‎4-हज (साधन होने पर)

‎जीवन में एक बार काबा का हज करना (जिसके पास माली और जिस्मानी साधन हों)

‎रौज़त-उन-नाज़िर (इब्न कुदामा)

‎वॉल्यूम 1, पेज 178

‎अल-मुस्तस्फ़ा

‎वॉल्यूम 1, पेज 320



‎5-ईमान के छः अरकान पर यकीन

‎अल्लाह, फरिश्ते, किताबें, रसूल, आख़िरत, तक़दीर पर यकीन

‎अल-मुवाफ़क़ात (शाटिबी)

‎वॉल्यूम 1, पेज 102 (मक़ासिद में)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

‎वॉल्यूम 1, पेज 15-16



‎6-तौहीद (एकेश्वरवाद)

‎अल्लाह को एक मानना, शिर्क से बचना

‎अल-रिसाला

‎पेज 300-310 (अध्याय 10-12)



‎7-नमाज़-ए-जुमुआ

‎हर जुमे को मस्जिद में जुमुआ की नमाज़ अदा करना (मर्दों पर)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

‎वॉल्यूम 1, पेज 74-80 (वाजेअ: फर्ज़-ए-ऐन)

‎8-वुज़ू, ग़ुस्ल (पवित्रता)

‎नमाज़ से पहले वुज़ू/ग़ुस्ल करना

‎अल-मुस्तस्फ़ा

‎वॉल्यूम 1, पेज 302



‎9-क़ुरआन सीखना (कम से कम नमाज़ के लिए)

‎फातिहा और छोटी सूरहें याद करना

‎अल-मुवाफ़क़ात

‎वॉल्यूम 2, पेज 6 (इल्म का हिस्सा)



‎10-वालिदैन की खिदमत

‎माँ-बाप की खिदमत करना (हुकूकुल इबाद का हिस्साअल-इहक़ाम

‎वॉल्यूम 1, पेज 378 (हनफ़ी मसलक)



‎ये सारे काम फर्ज ए आईन में है सारे मुसलमानों को करना है



‎फर्ज ए किफाया इसमें वो काम शामिल हैं जो मुसलमानों पर फर्ज तो है लेकिन सब पर नहीं अगर सभी मुसलमानों में से सिर्फ कुछ ये काम कर रहे हैं तो ये सबकी तरफ से हुआ माना जाता है और कुछ के करने से ही पूरी कौम को बराबर सवाब मिलता है अगर इसमें शामिल कामों में धरती पर मौजूद तमाम मुसलमानों में से कोई भी नहीं कर रहा है तो इसका गुनाह भी सारे मुसलमानों को मिलता है



‎फर्ज ए किफाया में ये सारे काम शामिल हैं



‎1-जनाज़े की नमाज़

‎मृत मुसलमान का जनाज़ा पढ़ना

‎अल-रिसाला (शाफ़ई)

‎पेज 366 (मजिद खलील एडिशन)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

‎वॉल्यूम 1, पेज 420-425



‎2-जिहाद अल सैफ - इस्लाम को फैलाने के लिए गैर मुस्लिमो पर हमले करना और अगर कोई गैर मुस्लिम हमला करता है तो उससे उम्मत कि सिक्योरिटी करना

‎अल-मुस्तस्फ़ा (ग़ज़ाली)

‎वॉल्यूम 1, पेज 300-302

‎अल-मुवाफ़क़ात

‎वॉल्यूम 2, पेज 6



‎3-इल्म हासिल करना (उन्नत/व्यावहारिक)

‎चिकित्सा, इंजीनियरिंग, फिक़्ह, हदीस आदि

‎अल-मुवाफ़क़ात (शाटिबी)

‎वॉल्यूम 1, पेज 97-102

‎रौज़त-उन-नाज़िर

‎वॉल्यूम 1, पेज 178



‎4-क़ाज़ी/न्यायाधीश नियुक्त करना

‎समाज में न्याय व्यवस्था कायम करना

‎अल-इहक़ाम (आमिदी)

‎वॉल्यूम 4, पेज 398



‎5-दावाह (इस्लाम का प्रचार)

‎ग़ैर-मुस्लिमों को इस्लाम की दावत देना

‎अल-मुवाफ़क़ात

‎वॉल्यूम 2, पेज 6 (मक़ासिद में)



‎6-मुअज़्ज़िन बनाना

‎अज़ान देना (मस्जिदों में)

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

‎वॉल्यूम 1, पेज 130-135



‎7-इमामत (मस्जिद में)

‎जुमुआ/जमाअत की नमाज़ पढ़ाना

‎अल-मुस्तस्फ़ा

‎वॉल्यूम 1, पेज 302



‎8-मृतक को ग़ुस्ल, कफ़न, दफ़न

‎जनाज़े की पूरी तैयारी

‎अल-रिसाला

‎पेज 366 (जनाज़ा बाब)



‎9-हिसाब-किताब का इल्म

‎व्यापार, विरासत, ज़कात का हिसाब

‎अल-मुवाफ़क़ात

‎वॉल्यूम 1, पेज 97



‎10-तकफ़ीन (कफ़न बनाना/देना)

‎मृतक के लिए कफ़न की व्यवस्था

‎फिक़्ह-उस-सुन्नह

वॉल्यूम 1, पेज 420‎



‎ये सारे काम करने तो मुसलमानों को ही है लेकिन सब करें ये जरूरी नहीं है



‎इस्लाम के लिए हर तरह से जेहाद करना जरूरी तो है लेकिन हर मुसलमान को नहीं कुछ तलवार से करेंगे बाकियो का काम है उनकी हर तरीके से मदद करना

‎जैसे कि जो बूढा है कुछ भी नहीं कर सकता वो अल्लाह से दुआ करे लडने वालों के लिए जिसके पास पैसा है वो पैसों से मदद करे जो लिख सकता है वो सपोर्ट में लिखकर मदद करे लडने वाले पकड़े जाए या मारें जाए तो पैसों से उनकी और उनके परिवार की मदद करना



‎हर आतंकी हमले के बाद मुसलमान यही करते हैं बहुत पुराना पैटर्न है ये जो कि सीधे सीधे कुतुब ए इस्लाम से आता है



‎जरूरी नहीं है हर मुसलमान हथियार उठाये जरूरी नहीं है हर मुसलमान अजान दे जरूरी नहीं है कि हर मुसलमान इस्लाम की दावत दे जरूरी नहीं है हर मुसलमान डाक्टर बने



‎कुछ बन गए बाकियो को उनका सपोर्ट करना है बस सवाब करने वाले मुसलमानों के बराबर ही मिलेगा सबको

पहली बार जब आईपीएल ऑक्शन में वैभव सूर्यवंशी का नाम आया था तब सनराइजर्स हैदराबाद के ओनर ने सुनते ही उन्हें नजरअंदाज कर दि...
28/05/2026

पहली बार जब आईपीएल ऑक्शन में वैभव सूर्यवंशी का नाम आया था तब सनराइजर्स हैदराबाद के ओनर ने सुनते ही उन्हें नजरअंदाज कर दिया था। शायद तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह कोई साधारण खिलाड़ी नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट का अगला तूफान है। आज वही वैभव सूर्यवंशी अकेले दम पर सनराइजर्स हैदराबाद को आईपीएल से बाहर करके खड़े हैं। क्रिकेट की दुनिया बहुत जल्दी पहचान नहीं करती लेकिन जब असली टैलेंट मैदान पर आग लगाता है तब पूरी दुनिया सिर झुकाकर सलाम करती है।

वैभव सूर्यवंशी की जिंदगी बनाने में उनके माता-पिता के त्याग का सबसे बड़ा योगदान है लेकिन क्रिकेट की दुनिया में इस बच्चे को सुपरस्टार बनाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वह नाम राहुल द्रविड़ है। जब पूरा क्रिकेट जगत इस बच्चे को ठीक से जानता भी नहीं था तब राहुल द्रविड़ ने इसके टैलेंट को छोटे-छोटे घरेलू मैचों में पहचान लिया था। वह रणजी तक नहीं खेलता था लेकिन द्रविड़ ने उसकी आंखों में भविष्य देख लिया। राजस्थान रॉयल्स ने 1 करोड़ 20 लाख देकर उसे खरीदा लेकिन असली निवेश पैसे का नहीं बल्कि भरोसे का था जो राहुल द्रविड़ ने इस बच्चे पर किया।

आज हालत यह है कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ राजस्थान रॉयल्स का खिलाड़ी नहीं बल्कि पूरे आईपीएल की सबसे बड़ी पहचान बन चुके हैं। पूरा भारत टीवी सिर्फ इस बच्चे की बल्लेबाजी देखने के लिए खोलकर बैठता है। जिस तरह यह 15 साल का लड़का दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों को खड़े-खड़े स्टैंड्स में भेज रहा है उससे साफ दिखता है कि भारतीय क्रिकेट को उसका अगला सुपरस्टार मिल चुका है। सच कहें तो इस आईपीएल की असली टीआरपी अगर किसी पर टिकी हुई है तो वह सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी हैं।
क्रिकेट से कोई प्यार नहीं है पर सही यही ह

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