CPIML Liberation - Uttar Pradesh

CPIML Liberation - Uttar Pradesh जनता का हित ही पार्टी का हित है.

भाकपा(माले) के महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा, किसान महासभा के महासचिव पुरुषोत्तम शर्म...
25/09/2026

भाकपा(माले) के महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा, किसान महासभा के महासचिव पुरुषोत्तम शर्मा, ऐक्टू महासचिव राजीव डुमरी और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत सभी नेताओं को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस अलग-अलग जगह पर ले गई है।

गिरफ़्तार नेताओं को रिहा नहीं किया गया और ज्ञानेश कुमार को जेल नहीं भेजा गया तो भाकपा(माले) पूरे देश में आंदोलन करेगी।

वाम दलों का संयुक्त बयान       24 सितंबर 2026●मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करो!●एसआईआर रोको, गलत तरीके से बाहर किए गए ...
25/09/2026

वाम दलों का संयुक्त बयान
24 सितंबर 2026

●मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करो!
●एसआईआर रोको, गलत तरीके से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करो!
●निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बहाल करो!

तीन चुनाव आयुक्तों में से दो द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्टें मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग के कामकाज के तरीके को लेकर कुछ बुनियादी सवाल खड़े करती हैं।

ये सवाल केवल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक सीमित नहीं हैं। इनसे भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और उसकी संस्थागत विश्वसनीयता को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आती हैं। ये मुख्य चुनाव आयुक्त के पद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और इस पद की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।

तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने कम से कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और नाम बहाल करने तथा एसआईआर के संचालन से संबंधित फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने अपनी सहमति के बिना लिए जा रहे फैसलों को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई हैं।

इन खुलासों से विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा बार-बार उठाई गई चिंताओं की पुष्टि होती है और एसआईआर तथा मतदाता सूची के प्रबंधन को पारदर्शी और विकेंद्रीकृत बताए जाने के दावों की वास्तविकता सामने आती है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने विशेष रूप से मतदाता डेटाबेस के धीरे-धीरे केंद्रीकरण तथा राज्य और निर्वाचन क्षेत्र स्तर के वैधानिक अधिकारियों की उस तक पहुंच सीमित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। इसके परिणाम केवल प्रशासनिक नहीं हैं। उदाहरण के लिए, गोवा में सॉफ्टवेयर संबंधी प्रतिबंधों के कारण निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को 97 मतदाताओं को पात्र पाए जाने संबंधी अपने फैसले दर्ज करने से कथित तौर पर रोक दिया गया।

इसलिए मुद्दा केवल एसआईआर तक सीमित नहीं है। यह निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली तथा सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत की रक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसी कोई भी व्यवस्था, जिसमें मतदान का अधिकार अपारदर्शी और केंद्रीकृत नियंत्रण वाली प्रक्रियाओं पर निर्भर हो, चुनाव व्यवस्था में जनता के विश्वास को कमजोर करती है।

निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता पहले कभी इतनी कमजोर नहीं रही। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को व्यवस्था में हेरफेर करने और संस्था के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

वाम दलों की मांगें

1. ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाया जाए।

2. एसआईआर प्रक्रिया को रोका जाए। मतदाता सूचियों से गलत तरीके से बाहर किए गए सभी लोगों के मतदान अधिकार बहाल किए जाएं।

3. निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली बहाल की जाए।

4. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को बदलकर ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित चयन समिति पर आधारित हो। इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।

वाम दल देशभर में अपनी सभी इकाइयों से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक सप्ताह के विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान करते हैं। 28 सितंबर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती और 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंती है। दोनों ने लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के लिए लगातार संघर्ष किया।

हम सभी गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों तथा लोकतंत्र के प्रति चिंतित नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हैं।

●एम. ए. बेबी — महासचिव, सीपीआई(एम)
●डी. राजा — महासचिव, सीपीआई
●दीपांकर भट्टाचार्य — महासचिव, सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन
●जी. देवराजन — महासचिव, एआईएफबी
●मनोज भट्टाचार्य — महासचिव, आरएसपी

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाया जाए!
24/09/2026

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तत्काल महाभियोग चलाया जाए!

सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे भाजपा सरकार ...
14/09/2026

सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की नफरत की राजनीति और मुस्लिमों को निशाना बनाने की सोच बाताया।
मौजूदा सत्ता संगठन में सांप्रदायिक सहिष्णुता का एक कतरा भी शेष होता, तो सहारनपुर की मस्जिद बचाई जा सकती थी। कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद भगवा गिरोह के संगठनों को खटक रही थी। इनकी याचिका पर नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया गया। बचाव पक्ष को उच्च न्यायालय जाने की मोहलत भी नहीं दी गई। मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रदेश में चल रहे गैरकानूनी असंवैधानिक बुलडोजर राज का ही एक रुप है।
सैकडों वर्ष पुरानी मस्जिद गिराए जाने के खिलाफ वाम दलों के 15 सितम्बर 2026 को राज्य स्तरीय प्रदर्शन का आह्वान किया है।

प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई को देशव्यापी रूप देने की पहल, दिल्ली में प्रवासी श्रमिक अधिकार मंच का स्थापना सम्म...
13/09/2026

प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई को देशव्यापी रूप देने की पहल, दिल्ली में प्रवासी श्रमिक अधिकार मंच का स्थापना सम्मेलन संपन्न

आज नई दिल्ली के एच.के.एस. सुरजीत भवन में प्रवासी श्रमिक अधिकार मंच का स्थापना सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों, प्रवासी श्रमिक कार्यकर्ताओं, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं तथा CPI(ML), AICCTU और AIARLA के नेताओं ने भाग लिया।

रोज़गार की तलाश में अपना घर-गाँव और राज्य छोड़ने वाले करोड़ों प्रवासी श्रमिक आज भी सम्मानजनक मजदूरी, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। सम्मेलन ने इन अधिकारों की गारंटी के लिए प्रवासी श्रमिकों के संघर्ष को देशव्यापी स्तर पर संगठित और मजबूत करने का आह्वान किया।

सम्मेलन को CPI(ML) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य सहित AICCTU के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड शंकर, महासचिव कॉमरेड राजीव, वरिष्ठ प्रगतिशील अधिवक्ता कॉमरेड क्लिफ्टन, AIARLA के महासचिव कॉमरेड धीरेन्द्र झा, CPI(ML) विधायक कॉमरेड संदीप सौरव, MLC कॉमरेड शशि यादव, पूर्व विधायक कॉमरेड विनोद सिंह और कॉमरेड महबूब आलम ने संबोधित किया।

आज उत्तर प्रदेश के चार वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इन वामपंथी दलों में भाकपा(माले) लिबरेशन,...
10/09/2026

आज उत्तर प्रदेश के चार वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इन वामपंथी दलों में भाकपा(माले) लिबरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधि शामिल थे।

इस ज्ञापन के माध्यम से वामपंथी दलों ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से निजी और गोपनीय जानकारियां मांगे जाने एवं उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने का विरोध किया। सभी वामदलों ने प्रशासन द्वारा नेताओं व कार्यकर्ताओं से आधार नंबर, पैन नंबर, पासपोर्ट नंबर, बैंक खाते, वंशावली एवं ज़मीन के कागज़ात सहित निजी और गोपनीय जानकारियां जुटाने को अवैधानिक बताया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि इस तरह की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और नेताओं/कार्यकर्ताओं को राजनीतिक तौर पर निशाना बनाना बंद किया जाए।

09/09/2026

AISA - RYA द्वारा आयोजित GenZ Raising आंदोलन का इलाहाबाद से शुरुआत हुई। मोदी योगी सरकार की छात्र युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करते हुए नफ़रत फैलाने वाली सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील करती आइसा केंद्रीय अध्यक्ष कॉ नेहा।

यूपी में गूंजेगीGen - Zकी आवाज़ आइसा-आरवाईए के बैनर तले Gen Z राइजिंग का दूसरा फेज उत्तर प्रदेश में शुरू होने जा रहा है। ...
09/09/2026

यूपी में गूंजेगी
Gen - Z
की आवाज़

आइसा-आरवाईए के बैनर तले Gen Z राइजिंग का दूसरा फेज उत्तर प्रदेश में शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के जरिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें प्रमुख वक्ताओं के तौर पर जंतर मंतर आंदोलन की प्रमुख नेता रही आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार शामिल होंगे।

आप सभी छात्र युवाओं से अपील है कि इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनिए और अपनी आवाज़ को और बुलंद करिए।

भाकपा(माले) ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा वामपंथी दलों व किसान संगठन के कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाने और प्रदेश को सर्...
27/08/2026

भाकपा(माले) ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा वामपंथी दलों व किसान संगठन के कार्यकर्ताओं का निजी डेटा जुटाने और प्रदेश को सर्विलांस स्टेट बनाने के खिलाफ़ आज राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।

पार्टी ने इसे निजता के मौलिक अधिकार पर हमला बताते हुए इस असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक कार्रवाई पर फौरन रोक लगाने की मांग की।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने उत्तर प्रदेश की भाजपा-योगी सरकार पर राज्य को एक पूर्ण 'निगरानी राज्...
22/08/2026

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने उत्तर प्रदेश की भाजपा-योगी सरकार पर राज्य को एक पूर्ण 'निगरानी राज्य' (सर्विलांस स्टेट) में तब्दील करने का गंभीर आरोप लगाया है।

पार्टी ने कहा है कि प्रदेश में राजनीतिक विरोध और जन-आंदोलनों को कुचलने के लिए खुफिया तंत्र के जरिए नेताओं व कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी में गैर-कानूनी दखलंदाजी की जा रही है।

प्रशासन द्वारा बाकायदा दबाव बनाकर नेताओं से उनके 'फैमिली ट्री' (वंश वृक्ष), बैंक खातों के विवरण, आय के स्रोत, सोशल मीडिया प्रोफाइल, पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट), संपत्ति विवाद और निजी संपर्कों तक का ब्योरा मांगा जा रहा है। भाकपा (माले) ने इसे निजता के मौलिक अधिकार का खुला उल्लंघन बताते हुए इस कवायद को तुरंत रोकने की मांग की है।
इस सवाल पर 27 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन का आह्वान किया।

Address

Comrade Vinod Mishra Bhavan, R-73, Lane 8, Sitapur Rd, Nyay Vihar Colony, Bhitauli
Lucknow
226013

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