01/10/2017
ज्यादातर म्लेच्छ ये कहते हैं कि उन्होंने 1000 साल तक हिंदुओं पर शासन किया में उन सब को बता देना चाहता हूँ कि 5118 वर्ष पूर्व सम्राट युदिष्ठर ने अंतिम राजसूय यज्ञ करके भारत के अतिरिक्त समस्त भूलोक को जीत लिया था।पूरी पृथ्वी हमारे शासन में आ गयी थी (वैसे तो पूरी पृथ्वी पहले से ही हमारी थी पर कुछ लोग सर उठाते रहते थे जैसे जरासंध आदि)।सभी भारत को स्वेच्छा से कर देते थे।यह स्थित जनमेजय के नागयज्ञ तक रही।उसके बाद किसी ने ऐसा कोई यज्ञ नही किया जिससे सम्पूर्ण धरा एक रहती।फल स्वरूप यह राष्ट्र खंडित होता गया।वेद के ज्ञाता ऋषि मुनि कम होते गए।विश्व का केंद्र भारत नही रहा।सबने अपने आप से वेदों( बिना पढ़े-देखे) की व्याख्या की चाहे वो जरस्थहुत,अरस्तु,सुकरात हों या बुध,ईशा या मुहम्मद लिहाज संसार मे कई मत सम्प्रदाय बन गए।भारत का अधिकार जिसतरह विश्व से हटा वैसे ही भारत मे भी केंद्रीय सत्ता का नाश और विकेंद्रिये सत्ता पर आधारित के राजवंशों,रजवाड़ों का उदय हुवा।उन्ही में से राजा दाहिर और पृथ्वीराज चौहान को जीतने पर मुसलमान चिल्लाते हैं कि हमने भारत पर राज्य किया पर यह भूल जाते हैं कि जो केवल अफगानिस्तान और दिल्ली का शासक है वो पूरे भारत का शासक कैसे हो सकता है।पृथ्वीराज को सभी सम्राट नही मानते थे।पूरा mp, south और कलिंग तथा बंगाल आदि फिर भी आजाद थे और जहां वैदिक धर्म अनुन्यायियों का शासन था।और तो और जीते हुवे प्रदेशों में भी बगावत के बिगुल बजते रहते थे और वहां हिंदुओं का शासन हो काट था।हम लोगों ने कभी भी मुस्लिमों को हमारे ऊपर शासन नही करने दिया जब तक कि अंग्रेज न आ गए और हिंदुओं को दबाने के लिए मुसलमानों को उंचे पद न देने लगे।उसके बाद कि कहानी तो आप सब को मालूम है।वर्तमान में राजसूय यज्ञ सिर्फ मोदी जी कर रहे हैं जिसमे आप सब का सहयोग चाहिये।अगली पोस्ट में उनको प्रमाण के साथ जवाब दूंगा जो महाभारत को केवल कल्पना कहता हैं जी आर्यवर्त।