07/08/2026
पण्डित, ठाकुर और मायावती जी-
ठाकुर उमा शंकर सिंह के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित करती भावुक मायावती जी की तस्वीर विगत दिनों खूब फैली। ....बलिया (उ.प्र.) की रसड़ा सीट से विधायक थे श्री उमा शंकर सिंह...। मौजूदा यूपी विधानसभा में बीएसपी के इकलौते विधायक....। लेकिन यहां बात सिर्फ इकलौते विधायक की नहीं हो रही..., बल्कि उस भाई की बात कर रहे हैं, जो बुरे से बुरे दौर में भी बहिन के साथ खड़ा रहा...। नसीमुद्दीन सिद्दीकी से लेकर राम अचल राजभर तक तमाम नेता जब तक सत्ता की मलाई मिलती रही, तब तक मायावती के साथ खड़े रहे...। मायावती जैसे ही कमज़ोर हुईं तो सब साथ छोड़ गए...। लेकिन ठाकुर उमा शंकर जी साथ निभाते रहे, अन्तिम सांस तक...। सारी सरकारी मशीनरी उनके खिलाफ छोड़ दी गई, फिर भी वह डिगे नहीं, मजबूती से जवाब देते रहे...। सैंकड़ों करोड़ का व्यापार था...। चाहते तो सत्ता के साथ चले जाते और सैकड़ों करोड़ के व्यापार को हज़ारों करोड़ का कर लेते...। विधानसभा में बीएसपी के इकलौते विधायक होने के नाते पार्टी व्हिप भी उन पर लागू नहीं होता...। लेकिन, ठाकुर उमा शंकर सिंह ने बहिन मायावती को ज़ुबान दी थी..., अन्तिम सांस तक बहिन की सुरक्षा का वायदा निभाया...। पिछले कुछ बरस से तो वे लगातार बीमार थे..., फिर भी डिगे नहीं, डटे रहे...।
याद करिए, किस तरह पश्चिम बंगाल वाली ममता बनर्जी के हारते ही 30 में से 20 सांसदों और 80 में से 64 विधायकों ने उन्हें त्याग कर बीजेपी से हाथ मिला लिया...। ठाकुर उमा शंकर सिंह जी अलग थे...। वह धमकियों से डरे नहीं...।
बात इकलौते ठाकुर उमा शंकर सिंह की नहीं है..., 2 जून 1995 के लखनऊ मीराबाई गेस्ट हाउस कांड को याद करिए.…उस समय कुछ राजनीतिक भेड़िये मायावती का रेप और मर्डर करना चाहते थे..., तभी फर्रुखाबादी-कान्यकुब्जी पहलवान विधायक पण्डित ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी वहां पहुंचे और लठ्ठ लेकर अड़कर खड़े हो गए तथा अकेले ही बड़े समूह का मुकाबला किया...। द्विवेदी जी ने मायावती की इज्ज़त और जान दोनों बचाई...। मायावती जी भी ताउम्र उन्हें अपना भाई मानती रहीं...। जब उनकी राजनीतिक हत्या हुई, तब उनकी पत्नी श्रीमती प्रभा द्विवेदी को भाभी मानते हुए उनको काबीना मन्त्री बनाया। मायावती जी दलित समाज से हैं..., ब्रह्मदत्त द्विवेदी विशुद्ध ब्राह्मण थे..., उमा शंकर सिंह खालिस ठाकुर थे...। दोनों ने जाति नहीं देखी..., वर्ग नहीं देखा। दलित वर्ग की एक महिला के सम्मान की रक्षा के लिए सशक्त राजसत्ता से मोर्चा लिया...। जो लोग जात-पात की बातें करते हैं, उनके मुंह पर मारिए ये पोस्ट...। और, संकल्प लीजिए कि हम सब देशवासी मिलकर रहेंगे, इस ऋषि राष्ट्र को सशक्त बनाएंगे, यही भाग्योदय फाउंडेशन की कामना है और ईश्वर से प्रार्थना भी। 👍