एकल विचार प्रवाह

एकल विचार प्रवाह Legal Education, Law awareness, Family Counseling, social services, National and International Topics

19/07/2026

आज आपको जो भी समाचार प्राप्त हो रहा है, वो सत्य है या प्रायोजित है पता नहीं लग सकता है।कौनसा पत्रकार किस के लिए फील्डिंग बिछा रहा है या कौन बोलिंग कर रहा है या कोई बहुत बड़ा सेक्युलर बन कर अपना नैरेटिव हमारे दिमाग में भर रहा है पहचानना बहुत मुश्किल है। जयपुर डायलॉग में आए अतिथि की बात सुनिए।

18/07/2026

भाई मंच से सिर्फ नाम रहेगा अल्लाह का नारा लग सकता है पर चावल पर राम नाम लिखने वाला इंसान प्रदर्शन स्थल पर बैठना सांप्रदायिक हो जाएगा। ये एक तथाकथित सेकुलर मूल्यों वाला आंदोलन है।अभी तो मात्र मौखिक रूप से मना किया जा रहा है मान लीजिए हिंसक भीड़ आ गई तो ये बेचारे क्या करेंगे।
साभार आप इण्डिया

कुणाल कामरा के समर्थक  पूछ रहे है कि राम जी को सीता का पति कहना कहां से गलत हो गया। राम जी को हमेशा सीता का पति कहा गया ...
18/07/2026

कुणाल कामरा के समर्थक पूछ रहे है कि राम जी को सीता का पति कहना कहां से गलत हो गया। राम जी को हमेशा सीता का पति कहा गया है।जय श्री राम तो रामानंद सागर और बीजेपी का नारा है। इनके गुरु जी राहुल गांधी भी एक बार कह चुके है की जय श्री राम में सीता जी कहां है ? यधपि उन्होंने माता सीता के साथ जी नहीं लगाया था। जय श्री राम तो महिला विरोधी नारा है उन्हे यह नहीं पता की श्री ही सीता जी है। फिर आगे भद्दे ढंग से अपनी पोस्ट में पूछ रहे है की क्या राम सीता के पति नहीं थे जो तुम लोगो को इतनी आपत्ति है । निश्चित रूप से हम लोग हमेशा सियावर राम चंद्र की जय का उद्घोष करते रहे है पर हर बात कहने का एक ढंग होता है। समय रैना ने भी जो बाते अपने माता पिता के संबंधों के विषय में कही थी, वो भी सत्य थी फिर भी सभ्य समाज ने उसे स्वीकार नहीं किया । किसी से ये पूछो तुम्हारे बाप का नाम क्या है? तुम्हारे पिता जी का क्या नाम है ? क्या अंतर ही नहीं है? किसी से भोजन करने के लिए कहना और खाना ठूसने के लिए कहने में अंतर ही नहीं है। हद है मूर्खता की पर अन्य विधर्मियों या विचारधाराओं के लिए इन लोगो को ऐसे मजाक नहीं सूझते। फिर कहेंगे भगवान हनुमान जी को पतंग बनाने से तुम्हारी भावनाएं नही आहत होती भगवान हनुमान जी को गाड़ी के आगे घुमाने से तुम्हारी भावनाएं नहीं आहत होती। हिंदू धर्म में भगवान का प्रतिरूप बनाया जाता है, राम लीला रखी जाती है। कई ऐसे कार्यक्रम रखे जाते है जहां भगवान का प्रतिरूप रहता है। तो हम उसका उसी रूप में सम्मान करते है ।यदि हनुमान जी की कृति पतंग रूप में है या भगवान गाड़ी के आगे चल रहे है तो किसी ने सोचा होगा हमसे आगे भगवान चले। विधि में एक कहावत है mens Rea आपराधिक कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को तब तक दोषी नही ठहराया जा सकता जब तक उसके बुरे,अपराधिक इरादे न हो तो कुणाल कामरा जैसे लोग एक बार नही हमेशा हिंदू देवी देवताओं का खास तौर पर भगवान राम का उपहास उड़ा चुके है और स्वीकार भी करते है की हम किसी और पंथ का मजाक नहीं उड़ा सकते। तो सीधी सी बात है किसी अन्य का मजाक बनाने में सर तन से जुदा हो जाएगा यहां हिंदू ही कुणाल कामरा का बचाव करने निकल पड़ेंगे।

18/07/2026

पहले काकरोच यह तय कर ले कि उनका विरोध किस से है? भारत की शिक्षा व्यवस्था से, नीट एग्जाम के लीक होने से, भारत सरकार से, आरएसएस से, भाजपा से, हिंदुओ से, भारतीय संस्कृति से। फिर अपने आंदोलन में सबका साथ मांगे। अब इन देवी जी को देखिए इन्हे भारत माता से ही समस्या है?

17/07/2026

भारत में अगर आपको सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी इतिहास विषय के साथ बनना है तो रोमिला थापर, राम चंद्र गुहा इरफान हबीब जैसे वामपंथी गांधी दरबार के इतिहासकारों को आपको पढ़ना ही होगा। यह अलग बात है की रोमिला थापर जैसे इतिहासकारों ने वर्तमान समय में अपनी इतिहास की जानकारी की स्वयं ही पोल खोल दी। अब गांधी दरबार के एक इतिहासकार राहुल गांधी को अयोग्य बता रहे है। ये कैसे हो गया?

17/07/2026

हिंदुओ को अपने देश में ही अपने धर्म के लिए संघर्ष करना पड़ता है, कोई कैसे भी अपने मजहब पंथ विचारधारा का प्रचार कर सकता है, पर हिंदू नहीं। अन्य सभी के लिए हिंदुस्तान सेकुलर हो जाता है किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े ही है। पर हिंदू अगर अपने धर्म का प्रचार करने लगे तो सांप्रदायिक है उसे पुलिस सरकार का भय दिखाया जाएगा। हिंदुस्तान का बटवारा हो गया जिन्हे जाना था वो पाकिस्तान बांग्लादेश चले गए जो मुस्लिम यहां रह गए वो अहसान के साथ रहे देखो हमने तुम्हे चुना। पर बेचारा हिंदू क्या करे उसके पास तो कोई विकल्प ही नहीं है उसका सब कुछ यही है। जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां।

17/07/2026

भैया एक काकरोच है, जब से 18 साल के हुए तब से पीसीएस की तैयारी कर रहे है। प्रयागराज में रह रहे है पर उपराष्ट्रपति का नाम नहीं जानते तो क्या हुआ? तैयारी तो कर रहे है न। बनना भी प्रशासनिक अधिकारी चाहते है, बात तो सही है यह सरकार की नाकामी है जो तैयारी करने वाले प्रत्येक छात्र को जो प्रयागराज आता है उसे प्रशासनिक अधिकारी नही बनाती 😂😂

17/07/2026

काकरोच पार्टी का आंदोलन तथाकथित सेकुलर लिबरल मापदंडों को नित्यप्रति पूरा कर रहा है।राम का नाम लेना गुनाह है पर कुणाल कामरा के अनुसार सीता जी के पति कह कर उन्हे संबोधित किया जा सकता है । प्रकाश राज जय श्री राम कैसे कह सकते है दिन रात चर्च में हाजरी लगाते है पर अल्लाह का नाम लेना तो ऐसे आंदोलनों की प्रथम शर्त होती है तो सबसे पहले पूरी कर ली गई है।

16/07/2026

बताओ जरा पढ़े लिखे लोग डिंपल यादव और डिंपल कपाड़िया में अंतर नहीं कर पाए । बेचारे पूरा दिन फ्री रहते है दिन भर रील ,फिल्मे ott आदि देखते है तो हर समय सिने तारिकाएं ही दिमाग में रहती है।

16/07/2026

कुणाल कामरा हमेशा हिंदू विरोधी रहा है, क्योंकि वो तथाकथित सेकुलर है। सेकुलर होने की पहली पहचान ही हिंदू विरोधी होना है। जिस तरह इसने भगवान राम को एक परिहास का विषय बनाया क्या किसी अन्य पंथ महजब के दूत का भी बना सकता था। इन लोगो को सिर्फ अपना एजेंडा सेट करना है जो पिछले 12 साल से नहीं कर पा रहे है। केजरीवाल, ममता अखिलेश राहुल सब भगवान राम से लड़ कर देख लिए अब राम नाम की माला जप रहे है। चलो तुम्हारा भी नंबर आयेगा।

Address

Aliganj
Lucknow
226024

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when एकल विचार प्रवाह posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category