01/07/2026
29 नवंबर 2005 मोहम्दाबाद के बसनिया चट्टी पर 500 राउंड गोली चली दिन के उजाले में पूरा बसनिया चट्टी खून से लटपट हो गया विधायक कृष्णानंद राय जी सहित 6लोग मारे गए थे,,वो दिन हमारे समाज और हमारे क्षेत्र के लिए काला दिन था और इस षड्यंत्र को रचने वाला मुख्तार अंसारी उसका बड़ा भाई अफजाल अंसारी थे,,,, ये दिन सबको याद होगा न ?? जितने भी फेसबुक वाले नेता जी लोग है सबको याद है न वो दिन ??
चलिए अब सही और गलत बातों पर आते है ,,,,,,,,,,
इस घटना के गवाह कई लोग बने ,,जिसमें मुख्य गवाह माननीय श्री मनोज सिंहा जी lg साहब बने और भी कई लोग बने,, गवाही चली केश चला ट्रायल के बाद जब फाइनल गवाही का समय आया तब सारे दोषी बरी हो गए,, और मुख्य बात जब फाइनल गवाही हुई तब सरकार बीजेपी की ही थी ,,,,,,
अब सवाल ये है कि क्या मुख्य गवाह माननीय जी धरती पर नहीं थे ?? क्या मंगल ग्रह पर चले गए थे?? क्या वो मुंह से बोलने में असमर्थ थे?? क्या वो बीमार थे बेड पर थे?? आखिर मुख्य गवाह के गवाही होने के बावजूद ये लोग बरी कैसे हुए ??इसका जवाब माननीय जी दें तो ज्यादा बेहतर होगा ,, और सवाल वो लोग करें जो विधायक जी को दिल से मानते थे बस फोटो डालने से विधायक जी के समर्थक नहीं बन जाएंगे अगर सच्चा समर्थक हो तो सवाल करो माननीय lg साहब जम्मू कश्मीर से,,
कुछ बुद्धजीवी लोग बहुत ज्ञान देते है कि अतुल राय सारे गवाहों को तोड़ दिए चलिए मान लिया कि अतुल राय सारे गवाहों को तोड़ लिए,, तो मुख्य गवाह जो थे माननीय जी उनको तो नहीं तोड़े थे न ?? फिर उन्होंने गवाही क्यों नहीं दिया ?? बाकी जो गवाहों को तोड़ने की बात होती है न?? मुख्य गवाह अगर सही गवाही दे देते तो साइड गवाह अगर गवाही नहीं भी देते तो कोई ज्यादा फर्क नहीं था,, मुख्य गवाह पर केश का फैसला डिपेंड करता है मुख्य गवाह गवाही क्यों नहीं दिए?? अतुल राय को दोष देने वाले मूर्खो एक बात बताओ विधायक जी के हत्या में गवाह अतुल राय नहीं माननीय मनोज सिंहा थे उनसे सवाल क्यों नहीं करते हो ?? डरते हो?? या आपलोगो का हुक्का पानी चलाते है माननीय जी ,,,??
तुम जैसा चाटुकार नहीं हु सुनो मै अतुल राय को आज ही दोषी के कटघरे में खड़ा कर दूंगा जिसदिन तुमलोग ये साबित कर दोगे कि विधायक जी के हत्या में अतुल राय का कोई योगदान तक भी रहा हो तो ठीक न ,,,,, मै मानता हु कि अतुल राय का फाटक से राजनीतिक संबंध रहा है कुछ साल पहले और आज नहीं है ये भी दावा के साथ कह सकता हु लेकिन क्या तुम लोग दावा के साथ कह सकते हो कि गाजीपुर के भाजपा के पिता जी जो है उनका संबंध फाटक से नहीं है, ?? क्या पूछ सकते हो कि मुस्कुरा के फोटो खिंचवाना गिफ्ट देना ये रिश्ता क्या कहलाता है?? पूछ सकते हो?? इसी गाजीपुर मोहम्दाबाद में 60,,40 के ठीका की बात फाटक से होती है पूछ सकते हो क्यों?? पूछ सकते हो अष्ट शहीद के श्रद्धांजलि सभा के मन्नू अंसारी के साथ फोटो खिंचवाना कहा तक सही है पूछ सकते हो तो पूछो ,,, लेकिन ये तुम्हारे बस की बात नहीं है ये कहने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है और इरादा मजबूत होना चाहिए,, पुराना फोटो वीडियो अतुल राय का डाल के अनाब सानाब लिख रहे हो वो बोल रहे हो न ,, ये बोलने से पहले उनसे सवाल पूछो कि आखिर फाटक के लोग बरी कैसे हुए,, क्या ये भी अतुल राय ही कराए ?? अतुल राय को बदनाम करने वाले जाके पूछो जब विधायक जी का हत्या हुआ तब हमारे गांव रेवतीपुर में दंगा हुआ और 7 से ज्यादा हमारे गांव के लड़कों को सजा हुआ ,,जाके पूछो मोहम्दाबाद से कश्मीर तक के माननीय से ,,की उनके घर आज तक गए है कि ये लोग ,, हाल चाल भी पूछे है कभी उनसे की वो कैसे है ,,क्या कर रहे है ,,जी रहे है कि मर गए है,, पूछे है क्या ये कभी भी ,, क्या ये भी अतुल राय ही मना किए थे?? क्या हमारे गांव के जो लड़कों को सजा हुई क्या ये उनका खुद का कोई लड़ाई था ??? इसका जवाब पूछना और आज वो लोग भी विधायक जी को श्रद्धांजलि दे रहे है जो कभी फाटक के सिबगतुला अंसारी का पैर छूते थे और लेकर घूमते थे,, तुम लेकर घूमते थे तो तुम सही हो गए और अतुल राय गलत हो गए ?? किस चश्मा से देखते हो यार पहले खुद के अतीत में झाक कर देखो कि तुम कहा थे पहले ,,तब किसी पर टिप्पणी करो ,,,,, है हिम्मत तो सवाल करो माननीय जी से की विधायक जी के हत्या में सब लोग बाइजत बरी कैसे हुए तब जाके किसी और पर टिप्पणी करना ,,, बस फेसबुक पर गाली देना टिप्पणी करना यही सीखे हो अरे ज्यादा चूल मची है न तो सवाल करो माननीय जी से की 500 राउंड गोली चली उसकेबाद भी बाइज्जत बरी कैसे हो गए सभी अपराधी है हिम्मत तो पूछो,,, जहां पूछना चाहिए वहां नहीं पूछ रहे है बस अतुल राय अतुल राय किए है,, अरे अतुल राय गवाह ही तोड़ने वाले होते तो 5 साल झूठे केश में जेल में नहीं होते ,,जब दूसरों के लिए गवाही तोड़ने का कला होता तो अपने केश में भी ये कर सकते थे ,,, सही बात को जानो तब बोलो तुमलोगों के साथ छुपा छुपी खेल रहे है तुम्हारे माननीय जी और तुम बौखला किसी और पर रहे हो ,,,,,,,,,