19/07/2026
🙏 सेवा ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि 🙏
कुछ पल ऐसे होते हैं जो यह एहसास दिला जाते हैं कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है।
एक असहाय दिवंगत आत्मा की स्मृति में श्रद्धांजलि एवं भंडारे का आयोजन कर मानवता के प्रति अपना छोटा-सा कर्तव्य निभाने का अवसर मिला। किसी के अंतिम सफर को सम्मान देना और उसके नाम पर सेवा करना ही सच्चे धर्म की पहचान है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी सेवाभावी हाथों को सदैव दूसरों के दुःख में सहारा बनने की शक्ति प्रदान करें। 🙏
"रिश्ते खून से नहीं, कर्मों से बनते हैं…
और सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।"
🌹 आइए संकल्प लें—
जहाँ भी कोई असहाय, बेसहारा या ज़रूरतमंद मिले, वहाँ हम केवल दर्शक नहीं, बल्कि सहारा बनकर खड़े हों।
❤️ इंसानियत ज़िंदाबाद • सेवा सर्वोपरि • मानवता अमर रहे। 🕊️