Dr. Vijay Ranjan

Dr. Vijay Ranjan A Social Activist & Director Sanskar Bharti Global School

 #पढ़ाई_लिखाई 📌                         Dr Vijay Ranjan   #दिन एक  #किरदार अनेक▪️Sanskar Bharti Global School
31/05/2026

#पढ़ाई_लिखाई 📌




Dr Vijay Ranjan #दिन एक #किरदार अनेक▪️
Sanskar Bharti Global School

27/05/2026

📌 #खरी_खोटी #सीधीटेढ़ीबातें

Dr Vijay Ranjan

“Small disciplines repeated with consistency every day lead to great achievements.” – John C. Maxwell  Vijay Ranjan
24/05/2026

“Small disciplines repeated with consistency every day lead to great achievements.” – John C. Maxwell


Vijay Ranjan

▪️मैने कभी नही पढ़ा-देखा-सुना कि अमेरिका में बोर्ड इग्जाम के रिजल्ट आ रहे हैं या यूके में ल़डकियों ने बाजी मार ली है या ...
03/05/2026

▪️मैने कभी नही पढ़ा-देखा-सुना कि अमेरिका में बोर्ड इग्जाम के रिजल्ट आ रहे हैं या यूके में ल़डकियों ने बाजी मार ली है या आस्ट्रेलिया में किसी छात्र के 99.5 % आऐ हैं।

अप्रैल-मई के महीने में हिंदुस्तान के हर घर में दस्तक देती है एक भय एक उत्तेजना, एक जिज्ञासा, एक मानसिक विकृति... हर माता-पिता, हर बोर्ड के इग्जाम मे बैठा बच्चा, हर बीतते हुए पल को एक डिप्रेशन, एक इनसेक्योरीटी में काट रहा होता है कि क्या होगा ?

माता-पिता फ़सल की तरह बच्चो को पाल रहे हैं कि कब फ़सल पके कब उनकी अधूरी रह चुकी आकांक्षाये पूरी होंगी, कब वे फ़सल काटेंगे?

हमारे पूंजीवादी इनवेस्टर्स को क्या प्रोडक्ट चाहिये इस हिसाब से शिक्षा और उसके उद्देश्य तय हो रहे हैं। एक परिवार सुख-चैन त्याग, दिन-रात खट के, सँघर्षो, घोर परिश्रम में गुज़र जाता है। उस परिवार का अपना अस्तित्व, सुख चैन और मानवीय भावनाएं इसलिये भेंट चढ जाती है क्योंकि टीसीएस को एक बेहतरीन साफ्टवेयर डेवलपर चाहिये.. या मेकेन्से को बेस्ट ब्रेन चाहिये.. या रिलायन्स को बेहतरीन गेम डिजाइनर चाहिये।

हमारी शिक्षा व्यवस्था व उसके आदर्श कहाँ रह गये ?

हमारे स्कूल देश के बेस्ट नागरिक नही देश के बेस्ट मजदूर बनाने में दिन-रात एक करके जुटे हुए हैं और माता-पिता बच्चो को बच्चा नही, एक मेकेनिकल डीवाईस बनाने को प्रतिज्ञाबद्ध हैं।

बच्चों को जीने दो.. दुनिया खत्म नही होने जा रही। उन्हे बेस्ट Employee नही, बेस्ट Citizen बनाने में यकीन रखो दोस्तो।

बचपन की भी खुद से कुछ अपेक्षाएं होती हैं, अपने निस्वार्थ स्वप्न होते हैं, उनका हमारे लिये कोई अर्थ नही पर बच्चों के लिये वो जन्नत से कम नही। प्लीज- बच्चों की दुनिया मत उजाड़ो, उन्हे मनोरोगी मत बनाओ।

ये एक मानसिक रुग्णता ही तो है। toppers की खबरें, उन्हे मिठाई खिलाते माता-पिता की फोटो, क्या ये एक आम सामान्य स्तर के बच्चों को मानसिक हीनता की अनुभूती नही देंगे ?

अरे..टापर तो दो चार होंगे, बाकी देश का बोझ तो 99% इन्ही फूल से कोमल सामान्य बच्चों ने ही उठाना है। उनकी मुस्कान मत छीनो, देश से उसकी सृजनात्मक शक्ति मत छीनो।

जैसे हमारे लिये नेपाल के माँ-बाप मजदूर तैयार कर रहे हैं, वैसे ही हम टाटा, रिलायंस, एल एंड टी, मारुति, मेकेन्से, देन्सू , etc के लिये मजदूर तैयार कर रहे हैं।

वे कुछ भी बन जाएं, एमएनसी में सीईओ हो जाएं पर जो बचपन की रिक्तता हमने आरोपित कर दी है वो उन्हे जीवन भर खलेगी और मानवीय विकृतियों के रुप में फलेगी। हमको बेस्ट सीईओ मिलेंगे, जिनकी प्राथमिकता उनकी कंपनी होगी, देश और परिवार नही। खैर ये सब तो चलता रहेगा ......📌

[ :- आपके संस्कार भारती में Academic Excellence के अतिरिक्त पे ज्यादा जोर रहता है ..]
Vijay Ranjan

🎤जैसे जैसे वातावरण और राजनैतिक तापमान बढ़ेगा तो  #नफ़रती और गर्म माहौल में भारतीय लोग पागल हो जाएंगे,😵 रोड रेज, गाड़ी पा...
22/04/2026

🎤जैसे जैसे वातावरण और राजनैतिक तापमान बढ़ेगा तो #नफ़रती और गर्म माहौल में भारतीय लोग पागल हो जाएंगे,😵 रोड रेज, गाड़ी पार्किंग करने, ओवरटेक करने जैसी मामूली बातों पर सिर फोड़ देंगे, हत्या कर देंगे[Mob lynching]।

बिहार में सत्तू विक्रेता के सामने ऑटो खड़ा करने पर सिर कलम कर दिया बाद में भीड़ ने हत्यारे आरोपी को भी मार डाला। [बाक़ी फोटो वीडियो..कोई नहीं जी]

बाइक ओवर टेक होने पर युवक ने पति पत्नी को गोली मार दी। [जाति धर्म जिंदाबाद]

सावधान रहें अनावश्यक बहस में ना पड़ें प्रशासन के भरोसे बिलकुल ना रहें वो तो केवल पंचनामा भरने आते हैं। [घूस और भ्रष्टाचार को शिष्टाचार समझा जाए]

150 करोड़ लोग कोई पति या पत्नी पीड़ित या अपने मां बाप से पीड़ित या अपने कर्णधारौं से संतुष्ट/नाराज 🤣 समाज के #ठेकेदार.... डिप्रेशन का शिकार #जंबो/जांबी सड़कों पर घूम रहे हैं। [ ]

किसी अनजान व्यक्ति से अनावश्यक बहस ना करें अपने काम से काम रखें आपकी बहस किसी के भी डिप्रैशन को ट्रिगर कर सकती है।

18 से 26 आयु वर्गों से दूर रहें बाप की गाड़ी और 4 दोस्त गाड़ी में बैठा कर गैंगस्टर वाली फिलिंग ले रहे होते हैं l कल ही एक नेता के बेटे ने छह सात लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी, बोल रहा है सायरन सुनकर हटे नहीं, यही नहीं बोलता है अगर मर्डर भी हो जाए तो मेरे पापा संभाल लेंगे l [शिक्षा दीक्षा फिर कभी]

अपनी हॉबीज को समय दें | किताबें पढ़िए | प्रेम करिए | ज्यादा सामाजिक मत बनिए | को इग्नोर करें | खुद को ठंडा रखें l अपने परिवार के साथ रहें, बच्चो का ध्यान रखो | खुश रहो l [सही गलत ज्यादा मत सोचो]

आपकी जान आपके परिवार के लिए बेशकीमती है !!
#नसीहत #देशप्रेम #चिंतन #मंगलराज
#अपनादेश
#कुशिक्षा #विश्वगुरु #सुशासन
Vijay Ranjan

  का  #सम्मान from     to  #रिजल्ट Day of  @ ॉस्टल             @ Sanskar Bharti Global School ▪️असीम उत्साह, ऊर्जा एवं स...
19/04/2026

का #सम्मान
from to #रिजल्ट Day of @ ॉस्टल
@ Sanskar Bharti Global School
▪️असीम उत्साह, ऊर्जा एवं सकारात्मकता से लबरेज़ ये मेरे बच्चे... पिछले #चार दिनों में इन्होंने पुनः साबित किया कि मुश्किलों के खिलाफ़ दुःसाहस टपकता है इनकी आंखों में और हताशा तो इनके जज्बे से टकराकर अपना मतलब ही खो बैठती है !!..... . शॉर्ट नोटिस की आपाधापी के बीच चुनौतियों-चोटों को धता बताकर विजयी मुस्कान लिए हमारे #हॉस्टल के विजेता बच्चों को बधाई और जो कुछ पीछे छूट गए.. उनके भविष्यत अग्रिम शुभकामनाएं !!
Well-done Boys & Girls..... !!

💎
©️®️
DrVijaya Singh Ranjan
Vijay Ranjan. 📌

13/04/2026

#चिंतन vs #आक्रोश
#दर और #स्तर
vs

Vijay Ranjan

📌          नीतीश जी राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। विधान परिषद की सदस्यता से भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। अब लोग अनु...
06/04/2026

📌
नीतीश जी राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। विधान परिषद की सदस्यता से भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। अब लोग अनुमान लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री पद से वो कब इस्तीफा देंगे।
लेकिन उनकी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वो अब मुख्यमंत्री नहीं रहने वाले हैं। रोज़ कहीं न कहीं जाना, निर्माण कार्यों की समीक्षा करना, “यह बनाओ, वह बनाओ” — यह सिलसिला लगातार जारी है।
यह सच है कि निर्माण के मामले में नीतीश कुमार ने बहुत काम किया है . उसका शायद देश में रिकॉर्ड होगा. लेकिन सवाल यह है कि निर्माण किस तरह का हुआ है?
मेरे अनुभव में, बड़ी मात्रा में ऐसा निर्माण हुआ है जिसकी आज कोई उपयोगिता नहीं है। करोड़ों-अरबों रुपये खर्च हुए, लेकिन उसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा।
एक उदाहरण देता हूँ। हाल ही में मैं पीएमसीएच अस्पताल गया था। इस अस्पताल से हमारा पुराना रिश्ता है. एक समय मेरा, मेरे पिताजी का, मेरी माँ का इलाज वहीं हुआ है.
अब वहाँ एक विशाल नया भवन बना है, लेकिन हालत यह कि आदमी अंदर जाए तो रास्ता ही भूल जाए. मेरे साथ यह हुआ.
जब जानकारी ली तो पता चला कि पुराने अस्पताल के हिसाब से ही डॉक्टर, नर्स और टेक्नीशियन आदि की संख्या वहां पूरी नहीं है। ऐसे में पाँच हजार बेड वाले अस्पताल का संचालन कैसे होगा?
यह हाल कई जगहों पर है। मशीनें आ गईं, लेकिन चलाने वाले लोग नहीं हैं।
स्कूलों में कंप्यूटर बाँट दिए गए — करोड़ों खर्च हुए — लेकिन उन्हें चलाने वाला कोई नहीं।
“दशरथ मांझी जी” के नाम पर संस्थान बन गया है. शानदार. लेकिन बंद पड़ा है। नीतीश जी के मन में अचानक डॉल्फिन के प्रति प्रेम उमड़ा. घोषणा हो गई कि इस पर शोध केंद्र बनेगा. करोड़ों का परिसर बना. लेकिन वहां झाड़ू लगाने वाला भी कोई नहीं है.
आर्य भट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय बने कितने दिन हो गये. करोड़ों खर्च हुए. नियमित कुलपति तक नहीं है वहाँ. सुना है उस परिसर के भवन किराए पर दिए जा रहे.
पहले जो योजनाएँ थीं , जैसे लड़कियों के लिये साइकिल योजना. इस योजना ने बिहार का सामाजिक दृश्य बदल दिया था। गाँवों में लड़कियाँ कतार में साइकिल चलाती दिखती थीं, बाजारों में घर की ख़रीददारी करते दिखती थीं.
लेकिन अब नीतीश जी साइकिल के एवज में नगद पैसे दे रहे हैं. अब स्कूल या बाज़ार में साइकिल पर लड़कियां नहीं दिखती हैं. पुराना दृश्य धीरे-धीरे गायब हो गया।
नीतीश जी के बारे में यह भी सच है कि उन्होंने बिजली पहुँचाई, सड़कें बनाईं।
जहाँ अत्यधिक निर्माण होता है, वहाँ भ्रष्टाचार भी बढ़ता है — यह पुराना सिद्धांत है।
आज बिहार में हर स्तर पर कमीशन की व्यवस्था दिखती है — ऊपर से नीचे तक।
इसीलिए आए दिन छापेमारी की खबरें आती हैं। साधारण कर्मचारियों के यहां से अकूत संपत्ति बरामद होती है.
सबसे चिंताजनक बात है गैरबराबरी का बढ़ना।
अगर भारत के राज्यों में तुलना की जाए, तो बिहार में असमानता बहुत तेज़ी से बढ़ी है।
पटना और सीमांचल की तुलना कर लीजिए — अंतर साफ दिखता है।
नीतीश जी लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे हैं। यह पद अब उनकी आदत का हिस्सा बन गया है।
विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि “हमें आपके साथ काम करने की आदत हो गई है।”
लेकिन सवाल यह है कि क्या खुद नीतीश जी को भी सत्ता में बने रहने की आदत हो गई है?
उनके व्यवहार को देखकर कभी-कभी लगता है कि स्थिति सामान्य नहीं है। आगे क्या होगा, यह देखना होगा।
मेरी व्यक्तिगत शुभेच्छा उनके साथ है।
एक समय था जब हम चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें। लेकिन राजनीति में जो मोड़ आए, जो फैसले हुए — उन्हें याद करके आज आश्चर्य भी होता है और कभी-कभी हँसी भी आती है।
2013 में जब हम साथ थे, हमने चेताया था कि नरेंद्र मोदी को हल्के में मत लीजिए। लेकिन उस चेतावनी की वजह से मैं पार्टी से ही बाहर कर दिया गया. व्यक्तिगत जीवन में ही नहीं, राजनीति में भी स्वाभिमान बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब आप अपने ही घोषित आदर्शों — गांधी, लोहिया, जयप्रकाश और कर्पूरी ठाकुर का नाम ले कर राजनीति कर रहें हैं. एक समय आप मोदी जी को लेकर कहा करते थे कि जिसका नाम लेने से करोड़ों अल्पसंख्यकों के मन में डर पैदा हो जाता है उसके साथ दिखाई दूँ, यह कैसे संभव है ! आज उसी आदमी के आप पैर छू रहे हैं ! क्या कभी आपने सोचा है कि जिन विभूतियों को आज तक आपने अपना राजनीतिक आदर्श माना, मोदी जी का पैर छू कर आप उनकी महिमा बढ़ा रहे हैं या कलंकित कर रहें हैं ? शिवानन्द
©️®️ Tiwary BABA 🙏
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Vijay Ranjan

बच्चों/किशोरों के सुरक्षित विकास के लिए सोशल मीडिया एक दोधारी तलवार है; यह सामाजिक जुड़ाव और रचनात्मकता को बढ़ाता है, ले...
03/04/2026

बच्चों/किशोरों के सुरक्षित विकास के लिए सोशल मीडिया एक दोधारी तलवार है; यह सामाजिक जुड़ाव और रचनात्मकता को बढ़ाता है, लेकिन अत्यधिक उपयोग से नींद, मानसिक स्वास्थ्य (तनाव, चिंता, नकारात्मक बॉडी इमेज) और पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। सुरक्षित उपयोग के लिए स्क्रीन टाइम पर सीमाएं, गोपनीयता सेटिंग्स की जांच, और पैरेंट्स की डिजिटल साक्षरता अत्यंत आवश्यक है।
Sanskar Bharti Global School
Vijay Ranjan

24/03/2026

“पहले बोल रहे थे: हालात सामान्य है, गैस-तेल की कोई कमी नही कांग्रेस झूठ फैला रही है।"

अब कह रहे है, हालात बिगड़ने वाले है..
कोरोना की तरह अपना अपना देख लो...📌
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Vijay Ranjan

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