11/08/2026
लखनऊ में टैक्सी में बैठ कर रेलवे कर्मचारी चामर साले शब्द का प्रयोग किया तभी ड्राइवर ने अच्छा सबक सिखाया
ये होता है स्वाभिमान और अपनों के प्रति सम्मान.. और ये सच के साथ खडे रहने की ताकत और बोलने की ताकत हमें दिया है हमारे संविधान ने हमारे बाबा साहब ने..जातिवादी जाहिल जहाँ भी मिलें उनका विरोध इस प्रकार होना जरूरी है.. इस निर्भीक भाई को जय भीम.. 👍
DalitRights RespectEveryone HumanityFirst IndiaNews TrendingNow FacebookPost ViralContent