03/07/2026
योगी आदित्यनाथ सरकार किस बाबर , अकबर, ओरंगजेब शासन से कम
तीर्थों को क्षति पहुंचाई जा रही महोदय अति के बाद क्षति तय है
🚨 मथुरा के बंगाली घाट और परिक्रमा मार्ग की वास्तविक स्थिति – क्या यही विकास है?
यह तस्वीरें मथुरा के बंगाली घाट और परिक्रमा मार्ग की हैं। इन्हें देखकर हर मथुरावासी और ब्रजभक्त को स्वयं निर्णय करना चाहिए।
📍 तस्वीर 1:
बंगाली घाट, जो पहले से ही उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों से बना हुआ था, उसे तोड़कर नए और निम्न गुणवत्ता वाले पत्थर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के विरोध पर DM सिटी द्वारा आश्वासन दिया गया था कि घाट नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।
📍 तस्वीर 2:
नए लगाए जा रहे पत्थरों की गुणवत्ता स्वयं सब कुछ बता रही है।
📍 तस्वीर 3:
स्थानीय पार्षद के विरोध पर JE ने आश्वासन दिया था कि केवल एक-दो सीढ़ियों तक ही कार्य होगा, लेकिन रात में आकर लगभग पूरा घाट तोड़ दिया गया।
📍 तस्वीर 4:
अधिकमास जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर बिना बारिश के घाट मार्ग पर जलभराव हो गया। श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
📍 तस्वीर 5:
सड़क पर पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं को घाट के रास्ते से होकर गुजरना पड़ा, जहाँ गाद (सिल्ट) और गंदगी फैली हुई थी। यह स्वयं सवाल खड़ा करता है कि सफाई और सिल्ट हटाने के कार्य कितने प्रभावी रहे।
📍 तस्वीर 6:
मथुरा परिक्रमा मार्ग के नीचे का हिस्सा, जो पहले नाले के रूप में था, उसे परिक्रमा मार्ग बनाया गया। अधिकमास में यहाँ भी बिना बारिश के पानी भर गया। श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर परिक्रमा करते रहे। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के समर्थन से बाद स्थिति संभाली गई।
हमारे प्रश्न:
जब घाट पहले से अच्छी स्थिति में था, तो उसे तोड़ने की आवश्यकता क्या थी?
जनता और जनप्रतिनिधियों को दिए गए आश्वासनों का पालन क्यों नहीं हुआ?
अधिकमास जैसे विशाल धार्मिक आयोजन से पहले व्यवस्थाएँ क्यों नहीं की गईं?
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
हम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि मथुरा, ब्रज और श्रद्धालुओं के हित में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही की मांग करते हैं।