01/09/2026
प्रेस विज्ञप्ति
चंपारण महोत्सव को दलगत राजनीति का मंच बनाना दुर्भाग्यपूर्ण : माकपा
सरकारी धन जनता का है, किसी दल विशेष के प्रचार का माध्यम नहीं — सत्येन्द्र कुमार मिश्र
मोतिहारी। मोतिहारी में आयोजित चंपारण महोत्सव को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) माकपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। माकपा के जिला मंत्री कामरेड सत्येन्द्र कुमार मिश्र ने बयान जारी कर कहा कि चंपारण महोत्सव जैसे ऐतिहासिक और जनसरोकार से जुड़े आयोजन को एक दल विशेष का महोत्सव बनाकर पेश करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।
कामरेड मिश्र ने कहा कि चंपारण किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, सत्याग्रह और देश के लोकतांत्रिक इतिहास की महत्वपूर्ण धरती है। ऐसे आयोजन में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की समान भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि आयोजन सरकारी स्तर पर हो रहा है और इसमें जनता के पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो इसकी पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। किसी खास राजनीतिक दल को सरकारी आयोजन का चेहरा बनाना उचित नहीं है। इससे आम जनता के बीच असंतोष पैदा होना स्वाभाविक है।
माकपा जिला मंत्री ने मांग की कि चंपारण महोत्सव पर हुए सरकारी खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए तथा भविष्य में ऐसे सरकारी आयोजनों को दलगत राजनीति से मुक्त रखते हुए सर्वदलीय और जनभागीदारी वाला बनाया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा—
> “चंपारण की ऐतिहासिक विरासत किसी दल विशेष की संपत्ति नहीं है।
सरकारी खजाना जनता का है और जनता के पैसे का इस्तेमाल किसी दल के प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए।”
मीडिया प्रभारी
इम्तेयाज अहमद
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — माकपा
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण