23/06/2026
"सिस्टम की लापरवाही का सबसे बड़ा शिकार हमेशा आम आदमी ही क्यों बनता है? सरकार समय रहते सुरक्षा मानकों की जांच-पड़ताल और नियमित निरीक्षण क्यों नहीं करती? जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तब ही जांच समिति बैठाई जाती है। यदि लखनऊ के कोचिंग/क्लासेस में पहले ही सुरक्षा व्यवस्था की सही जांच हुई होती, तो शायद 15 लोगों की जान नहीं जाती और 15 परिवार उजड़ने से बच जाते। आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है—सिर्फ क्लासेस संचालकों की या फिर उन सरकारी विभागों की भी, जिन पर निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है?
दुर्घटना के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि दुर्घटना से पहले रोकथाम ही सुशासन की असली पहचान है।" #राजकुमार_पाल