Vipra Mahasangh

Vipra Mahasangh राष्ट्रीय स्तर पर विप्र समाज की एकता, सुरक्षा, समृद्धि, सेवा ही विप्र महासंघ का उद्देश्य है
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जहाँ राधा का नाम है, वहाँ प्रेम ही प्रेम है।राधा जयंती की मंगलकामनाएं! 🌺   #विप्रमहासंघ
19/09/2026

जहाँ राधा का नाम है, वहाँ प्रेम ही प्रेम है।
राधा जयंती की मंगलकामनाएं! 🌺

#विप्रमहासंघ

विप्र समाज की आवाज़ बुलंद करें — महासंघ से जुड़ेंसंजय तिवारी, संस्थापक (विप्र महासंघ)
19/09/2026

विप्र समाज की आवाज़ बुलंद करें — महासंघ से जुड़ें
संजय तिवारी, संस्थापक (विप्र महासंघ)

श्रम को साधना,कौशल को शक्ति और सृजन को सम्मान देने वालेभगवान विश्वकर्मा जी की कृपा सेआपके जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता औ...
17/09/2026

श्रम को साधना,
कौशल को शक्ति और सृजन को सम्मान देने वाले
भगवान विश्वकर्मा जी की कृपा से
आपके जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और उन्नति बनी रहे।
विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🚩🙏

🛠️✨ 🔱 ॐ विश्वकर्मणे नमः 🙏

#विप्रमहासंघ

17/09/2026

यदि मोदी जी वास्तव में देश का भला करना चाहते हैं तो जातिगत आरक्षण, UGC, SCST जैसे राष्ट्रद्रोही कानूनों को रद्द करने की घोषणा अपने जन्मदिन पर करें

यदि ऐसा नहीं करते तो इससे सिद्ध होगा कि वह भी केवल कुर्सी प्रेमी नेता हैं

विष्णु पांडेय, संस्थापक
अनघ संकल्प फाउंडेशन

#विप्रमहासंघ

🔱 कैलाशपति महादेव की कृपा, माँ गौरी का अखंड सौभाग्य और गणपति बप्पा का मंगल आशीष सदा बना रहे। 🚩गणेश चतुर्थी एवं हरितालिका...
14/09/2026

🔱 कैलाशपति महादेव की कृपा, माँ गौरी का अखंड सौभाग्य और गणपति बप्पा का मंगल आशीष सदा बना रहे। 🚩

गणेश चतुर्थी एवं हरितालिका तीज की दिव्य व मंगलमय शुभकामनाएं 🕉️🌺 गणपति बप्पा मोरया 🚩 हर हर महादेव! 🕉️

#गणेशचतुर्थी #हरितालिकातीज #गणपतिबप्पामोरया #हरहरमहादेव #शुभकामनाएं #विप्रमहासंघ

05/09/2026

कुछ जंग जीतने के लिए नहीं होतीं,
बस ये जानने के लिए होती हैं कि हम कितने ज़िंदा हैं।

विष्णु पांडेय, संस्थापक
अनघ संकल्प फाउंडेशन

#सनातनसंस्कृति

05/09/2026

ब्राह्मण दोषी है?

हाँ… ब्राह्मण दोषी है!
अगर ज्ञान बांटना दोष है,
अगर त्याग करना दोष है,
अगर समाज को दिशा देना दोष है,
तो निस्संदेह—ब्राह्मण दोषी है।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि उसने शून्य के ज्ञान और गणित की परंपरा को दुनिया तक पहुंचाने में योगदान दिया।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि उसने शिक्षा को केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी माना।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जैसी महान शैक्षणिक परंपरा के निर्माण में ब्राह्मण समाज के अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रहित के संघर्ष में कलम भी उठाई और आवश्यकता पड़ने पर गोलियां भी खाईं।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि उसने ज्ञान, दर्शन, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति की परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उठे आर्य समाज जैसे सुधार आंदोलनों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

ब्राह्मण दोषी है, क्योंकि उसकी परंपरा ने उसे सिखाया—
सत्ता से बड़ा सत्य है,
धन से बड़ा ज्ञान है,
और अधिकार से बड़ा कर्तव्य है।

लेकिन…

क्या हम सचमुच “ब्राह्मण” का अर्थ समझते हैं?

ब्राह्मण का अर्थ केवल जन्म से जुड़ी पहचान तक सीमित कर देना उस व्यापक परंपरा को छोटा कर देना है, जिसमें ज्ञान, तप, संयम, सत्य, त्याग, संस्कार और लोककल्याण को महत्व दिया गया।

ब्राह्मण की पहचान किसी दूसरे को छोटा करने में नहीं,
बल्कि स्वयं के आचरण से समाज को ऊंचा उठाने में है।

इसलिए इतिहास को नफरत की नजर से नहीं, निष्पक्षता की नजर से पढ़िए।
किसी समाज का मूल्यांकन उसके नाम से नहीं,
उसके कर्म, योगदान और विचारों से कीजिए।

**क्योंकि ज्ञान की कोई जाति नहीं होती,

त्याग की कोई जाति नहीं होती,
और राष्ट्रसेवा की भी कोई जाति नहीं होती।**

सम्मान सभी का,
अभिमान अपनी संस्कृति पर,
और विश्वास सत्य पर।

साभार *रजनी कान्त पाण्डेय रिपोर्टर*
विप्र महासंघ #सनातनसंस्कृति #विप्रसमाज

आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं
04/09/2026

आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

03/09/2026

देवघर कांवरिया सेवा शिविर के मनमोहक पल, जय बाबा बैजनाथ

29/08/2026

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