25/05/2026
कल Navbharat Times Online के संडे संस्करण, 24 मई के संपादकीय पृष्ठ पर वरिष्ठ पत्रकार और संपादक Namita Joshi का नोएडा की Twisha Sharma की तथाकथित आत्महत्या के संदर्भ में एक लेख प्रकाशित हुआ, जिसका शीर्षक था “शादी से डरो, तलाक से नहीं।” मैंने इस लेख को बहुत ध्यान और गंभीरता से कई बार पढ़ा। लेखिका की यह बात बिल्कुल सही लगी कि किसी भी लड़का या लड़की को toxic relationship में घुट-घुटकर नहीं जीना चाहिए। लेकिन लेख के कई पहलू मुझे एकतरफा और अधूरे लगे, जहाँ रिश्तों, विवाह संस्था और दोनों पक्षों की मानसिक पीड़ा को संतुलित दृष्टि से नहीं देखा गया। उसी संदर्भ में मैं अपनी कुछ आपत्तियाँ और विचार आपके सामने रखना चाहती हूँ।