08/10/2026
चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन का आक्रोश मार्च, हजारों कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
मुंगेर। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली एवं लोकतंत्र की रक्षा को लेकर इंडिया गठबंधन के बैनर तले गुरुवार को मुंगेर में विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। गांधी चौक से शुरू हुआ यह मार्च अंबेडकर चौक होते हुए किला परिसर तक पहुंचा। इस दौरान राजीव गांधी चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
आक्रोश मार्च में महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर मुंगेर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तथा केंद्र की भाजपा सरकार के दबाव में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगा।
मुंगेर के पूर्व विधायक प्रत्याशी अविनाश कुमार विद्यार्थी उर्फ मुकेश यादव ने कहा कि जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता लगातार संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आम जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पप्पू यादव, प्रमोद यादव, जमालपुर के पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र तांती,सीपीई संजीव सिंह,सीपीई माले दशरथ सिंह,वीआईपी गुलाबचंद सिंह,निरंजन झा कोषाध्यक्ष,विशाल चौरसिया, डॉ सुरेश कुमार,दिलीप मंडल ,अरविंद कुमार, विनय कुमार गुड्डू, चंदन सिंह, बसंत सिंह,चंद्रशेखर चौधरी ,वंदना कुशवाहा, बबीता भारती,साजिद अहमद, कमाल अहमद,मो शकील , जुनैद मखमूर, वी के निराला ,अर्जुन सिंह,मनीष कुमार सहित इंडिया गठबंधन एवं महागठबंधन के विभिन्न दलों के नेता, पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।