25/06/2026
सकल जैन समाज करेगा आंदोलन, मेनका गांधी के बयान की सर्वसम्मति से कड़ी निंदा
मुज़फ्फरनगर, 25 जून 2026।
गौरतलब है कि भाजपा नेता, पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा गत दिनों जैन संतों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने तथा संतों द्वारा प्रयोग की जाने वाली पवित्र मयूर पिच्छी के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक एवं तथ्यहीन बयान से पूरे देश के जैन समाज में गहरा रोष व्याप्त है।
इसी विषय को लेकर दिनांक 25 जून 2026 को सायं 8:00 बजे जैन अतिथि भवन, मुज़फ्फरनगर में सकल जैन समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के विभिन्न संगठनों एवं प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बैठक में मेनका गांधी द्वारा जैन संत परंपरा एवं पवित्र मयूर पिच्छी के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक एवं तथ्यहीन बयान पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से उक्त बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया तथा मेनका गांधी से तत्काल सार्वजनिक रूप से जैन समाज से क्षमा याचना करने एवं अपना बयान वापस लेने की मांग की।
साथ ही बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जैन समाज के सम्मान, धार्मिक परंपराओं एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु "जैन सम्मान एवं अधिकार रक्षा अभियान" आंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा।
अभियान के प्रथम चरण में 30 जून 2026 को "राष्ट्रव्यापी सोशल मीडिया जनजागरण अभियान" चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत देशभर में एक्स (X), फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप एवं यूट्यूब सहित सभी सोशल मीडिया मंचों पर अभियान चलाया जाएगा। जैन संतों, समाज के प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि वीडियो संदेश जारी कर जैन धर्म के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों का तथ्यात्मक उत्तर देंगे तथा मेनका गांधी के बयान की निंदा करेंगे।
अभियान के द्वितीय चरण में 07 जुलाई 2026 को प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक देशभर के प्रमुख जैन मंदिरों एवं धर्मस्थलों के बाहर "राष्ट्रव्यापी जैन सम्मान मौन आंदोलन" आयोजित किया जाएगा। सभी प्रतिभागी हाथों पर काली पट्टी बांधकर जैन समाज के सम्मान एवं धार्मिक परंपराओं की रक्षा का संकल्प लेंगे। इस दौरान मेनका गांधी को सद्बुद्धि प्रदान करने तथा विश्व शांति की कामना से सामूहिक णमोकार मंत्र का जाप भी किया जाएगा।
इसी दिन मौन आंदोलन के उपरांत प्रातः 11:30 बजे सभी जिलों में जिला अधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे। ज्ञापन में मेनका गांधी से सार्वजनिक माफी, बयान वापसी तथा जैन धर्म एवं जैन संत परंपरा के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इन तीनों चरणों के पूर्ण होने के पश्चात सकल जैन समाज की पुनः बैठक आयोजित कर आंदोलन की समीक्षा की जाएगी तथा आवश्यकता अनुसार आगामी रणनीति एवं आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
सकल जैन समाज ने सभी समाजजनों से इस अभियान में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से अधिक से अधिक सहभागिता करने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता संजय जैन "नावले वाले" ने तथा संचालन एडवोकेट निपुण जैन ने किया।
बैठक को मुख्य रूप से जैन एकता मंच (युवा शाखा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन, पंकज जैन (गांधी टेंट हाउस), प्रदीप जैन (कली वाले), रोहित जैन, नितिन जैन, प्रदीप जैन (चेतन मेडिकल), अमूल जैन,अनुज जैन,अमित जैन,प्रवीण जैन'चीनू' सहित अनेक गणमान्य समाजजनों ने संबोधित किया।