Gaurav Singh

Gaurav Singh I'm Civil Engineer

11/01/2026

आसान है करना प्रधानमंत्री की आलोचना मुख्यमंत्री की करना उससे थोड़ा मुश्किल विधायक की आलोचना में ख़तरा ज़रूर है लेकिन ग्राम प्रधान के मामले में तो पिटाई होना तय है।

अमेज़न के वर्षा वनों की चिंता करना कूल है हिमालय के ग्लेशियरों पर बहस खड़ी करना थोड़ा मेहनत का काम, बड़े पावर प्लांट का विरोध करना एक्टिविज्म तो है जिसमें पैसे भी बन सकते हैं लेकिन पास की नदी से रेत बजरी भरते हुए ट्रैक्टर की शिकायत जानलेवा है।

स्थानीयता के सारे संघर्ष खतरनाक हैं भले ही वे कविता में हों या जीवन में।

प्रदीप सैनी लोक पंक्तियाँ

28/11/2025

श्री कृष्ण ने युद्ध की भूमि पर गीता का संदेश दिया था और भगवत गीता हमें सिखाती है कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारियों का अंत भी ज़रूरी है। देश ने ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई में हमारा संकल्प देखा है। हम शांति स्थापित करना भी जानते हैं और शांति की रक्षा करना भी जानते हैं।

नरेंद्र मोदी ।
प्रधानमंत्री
Narendra Modi

30/09/2025

संघ का स्वयंसेवक 'बदला लेने की नहीं' 'बदलाव लाने' की सोच रखता है।
Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)

27/08/2025

SIR में खुलासा-बिहार की वोटर लिस्ट और नौकरियों तक में घुसपैठिए!

NDA डटी है भारतवासियों का हक़ बचाने में, लेकिन राहुल तेजस्वी की बेचैनी साफ़ बता रही है- घुसपैठिए ही इनका वोट बैंक हैं।

भारत की सामरिक ताकत का नया अध्याय: अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण : भारत ने एक बार फिर अपनी रक्...
21/08/2025

भारत की सामरिक ताकत का नया अध्याय: अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण :

भारत ने एक बार फिर अपनी रक्षा क्षमता का लोहा दुनिया को मनवा दिया है। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में देश की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया गया। यह उपलब्धि न सिर्फ भारत की रक्षा नीति को मजबूत करती है, बल्कि एशिया और विश्व में शक्ति संतुलन के नए आयाम भी स्थापित करती है।

अग्नि-5 मिसाइल 5,000–5,500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखने वाली अत्याधुनिक ICBM है।

MIRV टेक्नोलॉजी (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) से लैस, यह एक ही बार में अलग-अलग लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता रखती है।

पाकिस्तान का लगभग हर कोना भारत की छोटी मिसाइलों की रेंज में है, लेकिन अग्नि-5 चीन सहित एशिया के बड़े हिस्से तक पहुंच बनाने में सक्षम है।

इसका संचालन थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों स्तरों पर सामरिक संतुलन देता है, जिससे भारत किसी भी चुनौती का पलटवार करने की क्षमता हासिल करता है।

अग्नि-5 का विकास पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया है।

19 अप्रैल 2012 को ओडिशा के व्हीलर आइलैंड (अब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप) से इसका पहला सफल परीक्षण किया गया।

इसके बाद कई चरणों में उड़ान परीक्षण हुए, जिनमें जनवरी 2018 का कैनिस्टर-बेस्ड परीक्षण ऐतिहासिक साबित हुआ।

वर्ष 2018 में इसे भारतीय परमाणु कमान प्राधिकरण (NCA) के अधीन सामरिक बल कमान (SFC) में शामिल कर लिया गया।

अग्नि-5 का सफल परीक्षण केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक रणनीतिक स्थिति को मजबूती देने वाला कदम है।

यह मिसाइल भारत को Credible Minimum Deterrence (विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता) की दिशा में मजबूत करती है।

पड़ोसी देशों विशेषकर चीन और पाकिस्तान के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।

सामरिक स्तर पर यह भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करता है, जिनके पास 5,000 किमी से अधिक दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइल है।

थल, जल और नभ तीनों ही मोर्चों पर भारतीय सेना तेजी से मजबूत हो रही है।

थल सेना की आर्टिलरी और मिसाइल सिस्टम,

वायु सेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम,

भारतीय नौसेना की न्यूक्लियर पनडुब्बियां और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता,

इन सबके बीच अग्नि-5 भारत की सामरिक क्षमता को नए आयाम तक पहुंचाती है।

अग्नि-5 का सफल परीक्षण केवल एक रक्षा परियोजना की उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का सशक्त उदाहरण है। यह मिसाइल आने वाले समय में भारत की रक्षा ढाल ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक भी बनेगी।

भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है:
हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।

ये हैं जौनपुर के बांके चमार।1857 की स्वतंत्रता संग्राम में जौनपुर क्रांति व सुखिया।बांके चमार और उनके साथियों ने अंग्रेज...
17/08/2025

ये हैं जौनपुर के बांके चमार।

1857 की स्वतंत्रता संग्राम में जौनपुर क्रांति व सुखिया।

बांके चमार और उनके साथियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

अंग्रेजों ने इन पर उस समय का सबसे बड़ा र 50,000 का ईनाम घोषित किया था जब 1 आना की दो गायें बिकती थी!
मुखबिरों द्वारा पकड़े जाने पर, बांके चमार और उनके 18 साथियों को फांसी दे दी गई थी।

और... लोग कहते हैं कि आज़ादी चरखे से मिली ?!

13/08/2025

When you realise Pahalgam Attack, US secondary and primary sanctions against India, IMF hefty loans to Pakistan, Asim Munir's frequent visits to America, RaGa's bold accusations on ECI is all linked and actually planned by CIA to initiate regime change in India.

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