25/03/2026
परमाणु बम का धमाका होने पर सबसे पहले तीव्र प्रकाश, भीषण गर्मी और ऊर्जा की एक लहर पैदा होती है. हिरोशिमा में धमाके के समय इतनी गर्मी पैदा हुई थी कि लोग खड़े-खड़े भाप बन गए थे, लेकिन जो लोग धमाके के केंद्र से दूर होते हैं, उनके लिए सबसे बड़ा दुश्मन 'रेडिएशन' (विकिरण) होता है.
रेडिएशन हवा के जरिए कई किलोमीटर तक फैलता है और इंसानी शरीर के सेल्स को नष्ट कर देता है. यह अदृश्य मौत है, जो तुरंत नहीं तो कुछ दिनों या महीनों बाद इंसान को तड़पाकर मारती है. इसलिए, परमाणु हमले की स्थिति में बचाव के लिए चंद सेकंड ही मिलते हैं और सही जानकारी ही जान बचा सकती है.ज्यादातर लोग सोचते हैं कि परमाणु धमाका देखते ही दूर भागना सही है, लेकिन हकीकत में ऐसा करना जानलेवा हो सकता है. रेडिएशन की लहर बहुत तेज होती है, इसलिए बाहर भागने के बजाय अंदर जाएं, 'अंदर रहें और जानकारी में रहें' का नियम अपनाना चाहिए.धमाके की खबर मिलते ही किसी पक्की ईंट या कंक्रीट की मजबूत इमारत के भीतर चले जाएं. अगर इमारत में बेसमेंट या तहखाना है, तो वह सबसे सुरक्षित जगह है. कंक्रीट की मोटी दीवारें रेडिएशन को काफी हद तक रोकने में सक्षम होती हैं. खिड़कियों और दरवाजों से जितना हो सके दूर रहें क्योंकि कांच टूटने और रेडिएशन अंदर आने का खतरा सबसे ज्यादा वहीं होता है.यदि धमाके के समय आप बाहर थे और फिर सुरक्षित जगह पर पहुंचे हैं, तो सबसे पहले अपने बाहरी कपड़ों को उतार दें. रेडियोएक्टिव कण धूल की तरह आपके कपड़ों पर चिपक जाते हैं. इन कपड़ों को तुरंत उतारकर एक प्लास्टिक बैग में बंद कर दें और उसे घर के ऐसे कोने में रखें जहां इंसान या जानवर न जा सकें.इसके बाद गुनगुने पानी और साबुन से अच्छी तरह नहाएं. ध्यान रखें कि त्वचा को बहुत जोर से न रगड़ें, क्योंकि इससे रेडिएशन के कण जख्मों के जरिए शरीर के अंदर जा सकते हैं. अपनी आंखों, नाक और कानों को गीले साफ कपड़े से पोंछ लें. यह प्रक्रिया आपके शरीर पर मौजूद 90% तक रेडिएशन को कम कर सकती है.रेडिएशन से बचने के लिए हवा के संपर्क को कम करना बहुत जरूरी है. घर के सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर दें और एसी, पंखे या हीटर जैसे उपकरणों को बंद कर दें जो बाहर की हवा को अंदर खींचते हैं. कम से कम 24 से 48 घंटे तक घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि शुरुआती 24 घंटों में रेडिएशन का स्तर सबसे घातक होता है.