MIT Muzaffarpur

MIT Muzaffarpur Muzaffarpur Institute of Technology, Muzaffarpur is a gov. institution & affiliated with BEU & AKU. of Bihar.

Muzaffarpur Institute of Technology (MIT), Muzaffarpur is a premier institution in eastern India for technical education. It is under the administrative control of the Department of Science, Technology & Technical Education and funded by Govt. Established in 1954, MIT is one of the oldest technical institutes in India. The foundation stone was laid by the first prime minister of India, Pandit Jawa

harlal Nehru. It is affiliated with Aryabhatta Knowlege University & Bihar Engineering University, Patna and offers undergraduate programs in engineering and pharmacy with a postgraduate specialisation in Machine design, thermal engineering & Transportation Engineering. The institute also caters to the research and development activities of the state of Bihar.

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT), M...
21/08/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT), Ministry of Education, Government of India, New Delhi के Assistant Director श्री दीपक कुमार ने संस्थान का दौरा किया।

श्री दीपक कुमार के संस्थान भ्रमण का मुख्य उद्देश्य CSTT, Ministry of Education, Government of India, New Delhi , राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत आयोजित होने वाली Expert Advisory Committee Meeting (EAC) की तैयारियों का जायजा लेना था। इस बैठक के माध्यम से Trilingual Comprehensive Engineering Glossary (English–Hindi–Maithili) तैयार करने का कार्य प्रस्तावित है। यह बैठक 07 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित की जानी प्रस्तावित है।

इस अवसर पर श्री दीपक कुमार ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप भारतीय भाषाओं में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा की सामग्री को समृद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी एवं मैथिली में तकनीकी शब्दावली के विकास से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा तथा भारतीय भाषाओं में तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने श्री दीपक कुमार का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान में इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं भाषायी कार्यक्रम का आयोजन होना एमआईटी मुजफ्फरपुर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बैठक के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेजी, हिंदी एवं मैथिली के बीच तकनीकी शब्दावली के समन्वय को बढ़ावा मिलेगा और यह पहल भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम को सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए संस्थान की ओर से श्री दीपक कुमार चौधरी को कार्यक्रम समन्वयक (Coordinator) नामित किया गया है। संस्थान प्रशासन द्वारा प्रस्तावित बैठक के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं एवं तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

यह आयोजन तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषाओं के प्रयोग एवं विकास को बढ़ावा देने तथा अंग्रेजी, हिंदी और मैथिली में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शब्दावली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
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MIT मुजफ्फरपुर में ‘विज्ञान और अध्यात्म’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजितमुजफ्फरपुर, 19 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट...
19/08/2026

MIT मुजफ्फरपुर में ‘विज्ञान और अध्यात्म’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

मुजफ्फरपुर, 19 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत बुधवार को “विज्ञान और अध्यात्म (Vigyan Aur Adhyatm): Where Technology Meets Consciousness” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रणबीर नंदन, एसोसिएट प्रोफेसर, भूविज्ञान विभाग, बी. एन. कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय एवं अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद, बिहार सरकार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और विद्यार्थियों से उनका परिचय कराया।

इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार, विभागाध्यक्ष, फार्मेसी एवं सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने विज्ञान और अध्यात्म दोनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमें बाहरी संसार और उसकी घटनाओं को समझने में सहायता करता है, जबकि अध्यात्म व्यक्ति को अपने भीतर देखने और जीवन के व्यापक उद्देश्य को समझने की दिशा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान के साथ मानवीय एवं नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता डॉ. रणबीर नंदन ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए की तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय वे अपने माता-पिता के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखें, उनके प्रति कृतज्ञ रहें तथा अपनी उपलब्धियों से उन्हें गौरवान्वित करने का प्रयास करें।

विज्ञान और अध्यात्म के संबंध को समझाते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान किसी भी घटना को वैज्ञानिक एवं तार्किक आधार पर समझने का प्रयास करता है, जबकि अध्यात्म उसी अस्तित्व को आंतरिक दृष्टि से देखने और समझने की दिशा प्रदान करता है। दोनों के रास्ते अलग दिखाई दे सकते हैं, लेकिन सत्य को जानने और समझने की जिज्ञासा दोनों के केंद्र में है।

उन्होंने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के विचारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि वैज्ञानिक खोजों के साथ ब्रह्मांड में कार्यरत व्यापक शक्तियों और प्रकृति के रहस्यों पर चिंतन भी आवश्यक है। सूर्य, चंद्रमा और ब्रह्मांड की उत्पत्ति एवं विकास से जुड़े अनेक प्रश्नों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विज्ञान की सीमाओं तथा मेटाफिजिक्स के क्षेत्र की भी चर्चा की।

डॉ. नंदन ने भारतीय संस्कृति और विज्ञान के गहरे संबंध पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है और इसका विज्ञान तथा ज्ञान की परंपरा से बहुत पुराना संबंध रहा है। उन्होंने आर्यभट्ट के गणित एवं खगोल विज्ञान में योगदान और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में चुंबकत्व जैसे वैज्ञानिक विषयों के उल्लेख का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का आह्वान किया।

उन्होंने ध्यान, धारणा और समाधि जैसी भारतीय आध्यात्मिक अवधारणाओं की चर्चा करते हुए इनके वैज्ञानिक पक्ष को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रकृति के विभिन्न तत्वों और मानव जीवन के बीच संबंध के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि विज्ञान और अध्यात्म को अलग-अलग देखने के बजाय उनके बीच अंतर्निहित संबंध को समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों, विशेषकर कुंडली एवं कोण संबंधी अवधारणाओं, का भी अध्ययन करने का संदेश दिया।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए डॉ. नंदन ने कहा कि “आप सभी को एक दिन भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरों में अपना स्थान बनाना है।” उन्होंने कहा कि एक श्रेष्ठ इंजीनियर बनने के लिए केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, कृतज्ञता, मानवीय संवेदना, अपनी संस्कृति का ज्ञान और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दीं।

प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने अपने संदेश में डॉ. रणबीर नंदन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विचारपरक व्याख्यान विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन के व्यापक दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का समन्वय सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रो. शिवांगी उत्कर्ष, प्रो. प्रियंका चोपड़ा, प्रो. ऋषभ शर्मा तथा डॉ. आलोक रंजन सहित संस्थान के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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MIT मुजफ्फरपुर में इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के तहत विविध सत्रों का आयोजनमुजफ्फरपुर, 18 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ...
18/08/2026

MIT मुजफ्फरपुर में इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के तहत विविध सत्रों का आयोजन
मुजफ्फरपुर, 18 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत मंगलवार को भारतीय संस्कृति, शिक्षा, अनुशासन और विकसित बिहार के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका पर केंद्रित विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया।
दिन के प्रथम सत्र में “Indian Culture and Astrology” विषय पर श्री पी. के. सिंह, IAAS, वित्तीय सलाहकार, पटना विश्वविद्यालय एवं पूर्व महालेखाकार (ऑडिट), बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, प्राचीन ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों तथा ज्योतिष के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. के. वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से सिलेबस, पाठ्यक्रम (Curriculum), परीक्षा व्यवस्था एवं अनुशासन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और पाठ्यक्रम को गंभीरता से समझने, नियमित अध्ययन करने तथा परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी करने की सलाह दी। साथ ही छात्र जीवन में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक दायित्वों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
दिन के अगले सत्र में “कर्तव्य बोध: Role of Engineers for Viksit Bihar – Our Responsibility, Our Future” विषय पर डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विकसित बिहार के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग बिहार तथा समाज के विकास में करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने कहा कि ऐसे महानुभावों और अनुभवी व्यक्तित्वों के संस्थान में आने तथा विद्यार्थियों से संवाद करने से उनमें नई ऊर्जा का प्रवाह होता है। उनके अनुभव एवं विचार विद्यार्थियों को नई दिशा देते हैं और उन्हें अपने जीवन में बेहतर लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि इंडक्शन प्रोग्राम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को केवल संस्थान और शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें अच्छे मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों के साथ एक सफल इंजीनियर बनने के लिए प्रेरित करना भी है।
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e-Yantra eLSI Sprint 2026 में MIT मुजफ्फरपुर का शानदार प्रदर्शन, कॉलेज रैंकिंग में मिला 10वां स्थानमुजफ्फरपुर। भारतीय प्...
18/08/2026

e-Yantra eLSI Sprint 2026 में MIT मुजफ्फरपुर का शानदार प्रदर्शन, कॉलेज रैंकिंग में मिला 10वां स्थान

मुजफ्फरपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के e-Yantra द्वारा आयोजित eLSI Sprint Robotics Program 2026 में मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में संस्थान की दो टीमों Team ID 499 एवं Team ID 514 ने भाग लिया और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।

Team ID 499 ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 11वीं रैंक प्राप्त की। इस टीम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के निखिल राज (टीम लीडर) एवं पीयूष गुप्ता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की कोमल कुमारी एवं शिवानी राज शामिल थे। Team ID 499 को ₹7,500 का नकद पुरस्कार और योग्यता प्रमाणपत्र (Certificate of Merit) प्राप्त होगा। इसके साथ ही टीम को e-Yantra, IIT Bombay में Summer Internship के लिए Group Interview हेतु shortlisted किया गया है।

वहीं, Team ID 514 ने प्रतियोगिता में 50वीं रैंक प्राप्त की। इस टीम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के आदित्य आर्यन (टीम लीडर), सन्नी राज एवं सिमरन कुमारी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की जिगिशा श्रीवास्तव शामिल थीं। टीम को Certificate of Completion प्राप्त होगा।

एमआईटी मुजफ्फरपुर के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही है कि e-Yantra eLSI Sprint 2026 की कॉलेज रैंकिंग में संस्थान ने 10वां स्थान प्राप्त किया है। e-Yantra, IIT Bombay की ओर से शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले कॉलेजों को 3D Printer प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि के फलस्वरूप MIT मुजफ्फरपुर को भी 3D Printer प्राप्त होगा।

विद्यार्थियों की इस सफलता में संस्थान के e-Yantra Lab से जुड़े शिक्षकों एवं विभागीय समन्वयकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। e-Yantra Lab के प्रभारी डॉ. उमर फारूक, सहायक प्राध्यापक, ECE विभाग तथा सहायक प्रभारी डॉ. शादाब रब्बानी, सहायक प्राध्यापक, ECE विभाग हैं। विभागीय समन्वयकों में डॉ. रवि कुमार, सहायक प्राध्यापक, ECE विभाग; डॉ. गुलशन कुमार, सहायक प्राध्यापक, ME विभाग तथा प्रो. अंकित कुमार सिंह, सहायक प्राध्यापक, EE विभाग शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर MIT मुजफ्फरपुर के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने सभी सफल विद्यार्थियों एवं संबंधित शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान में तकनीकी नवाचार, रोबोटिक्स और व्यावहारिक शिक्षा की संस्कृति को मजबूत करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
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एमआईटी मुजफ्फरपुर में इंडक्शन-2026 के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजनमुजफ्फरपुर, 17 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑ...
17/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में इंडक्शन-2026 के तहत विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन
मुजफ्फरपुर, 17 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), मुजफ्फरपुर में इंडक्शन-2026 के अंतर्गत सोमवार को “Expert Talk on Engineering, Skills, Technology and Innovation” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के साथ-साथ नवीन तकनीकों, कौशल विकास और नवाचार के विभिन्न आयामों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार वर्मा, पूर्व कुलपति, ICFAI University, Nagaland एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक, DRDO, भारत सरकार तथा डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य, Government Engineering College, Vaishali ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार वर्मा ने “Blackbird ‘Eye’ in the Sky: SAR Sensors for Surveillance of the Earth Surface” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को Synthetic Aperture Radar (SAR) तकनीक, पृथ्वी की सतह की निगरानी तथा आधुनिक सेंसर तकनीकों के विभिन्न उपयोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक इंजीनियरिंग में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रिमोट सेंसिंग और उन्नत सेंसर की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
वहीं डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने “Engineer Yourself Before You Engineer the World” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक सफल इंजीनियर बनने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और समस्या समाधान की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व और कौशल को विकसित करते हुए समाज एवं राष्ट्र की समस्याओं के तकनीकी समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर एमआईटी मुजफ्फरपुर के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मिथिलेश कुमार झा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोग काफी सौभाग्यशाली हैं कि संस्थान में प्रवेश लेने के मात्र दस दिनों के अंदर ही आपको ऐसे प्रतिष्ठित एवं अनुभवी विशेषज्ञों से मिलने और उन्हें सुनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।” उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने तथा विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान से सीखकर अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आयोजन एप्लाइड साइंस विभाग के डॉ. अमित वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर राय, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. आलोक रंजन एवं प्रो. ऋषभ शर्मा सहित संस्थान के अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन lआज, 15 अगस्त, 2026 को मुजफ्फरपुर इं...
15/08/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आयोजन l
आज, 15 अगस्त, 2026 को मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। प्राचार्य प्रो. (डा.) एम. के. झा द्वारा ध्वजारोहण किया गया ।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि: प्रो. (डॉ.) भगवान लाल साहनी पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली थे। उन्होंने छात्रों के साथ अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। अपने भाषण में, सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके अथक प्रयासों से हमें स्वतंत्रता का यह शुभ दिन प्राप्त हुआ। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविताओं का उल्लेख करते हुए देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण की भावना को जागृत किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का देश रहा है। लौह स्तंभ, प्राचीन आचार्यों एवं भारतीय ज्ञान-परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में भारत किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अपनी मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि भाषा और शिक्षा का गहरा संबंध है तथा अपनी मातृभाषा में व्यक्ति अपने भावों और विचारों को अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान को अध्यात्म और मानवीय मूल्यों से जोड़कर ही समग्र एवं सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य प्रो. (डा.) एम. के . झा ने मुख्य अतिथि: प्रो. (डॉ.) भगवान लाल साहनी पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली का स्वागत किया और संस्थान में आने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। प्राचार्य ने संस्थान की उपलब्धियों के बारे में बताया और उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और उसकी प्रासंगिकता, एमआईटी की विरासत और महान भारत के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका पर बात की। प्राचार्य ने संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 2026 बैच के विद्यार्थियों के आगमन के साथ ही संस्थान की नई पहचान और उपलब्धियों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने अपने एनसीसी के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों में अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ संस्थान की उपलब्धियाँ भी निरंतर बढ़ रही हैं।
इस अवसर पर डॉ. वाई. एन. शर्मा, विभागाध्यक्ष (ईई, ईसीई, सीएसई एवं आईटी)ने संस्थान की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा मुख्य अतिथि का अभिनंदन एवं स्वागत किया।उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को भी स्मरण किया तथा उनके योगदान से विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
डॉ. संजय कुमार, विभागाध्यक्ष, फार्मेसी ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए उनके योगदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

एम.आई.टी. के जुनून क्लब के छात्रों द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले एवं ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित भावपूर्ण नाटक प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। इसके साथ ही नृत्य, भाषण, वाद्य यंत्र वादन एवं कविता पाठ सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। छात्रों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया और उन्हें खूब सराहना मिली।

एम.आई.टी. मुज़फ्फरपुर के जुनून—द आर्ट एंड कल्चरल क्लब द्वारा न्यू एग्जामिनेशन हॉल में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “ The Dream of 1947 and the Aspirations of 2047” रखा गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देखे गए भारत के सपनों तथा वर्ष 2047 तक विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आकांक्षाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्र निर्माण, युवा शक्ति और भारत के उज्ज्वल भविष्य पर अपने विचार व्यक्त किए।

एम.आई.टी. मुज़फ्फरपुर में चल रहे ‘पहल’ कार्यक्रम के विद्यार्थियों द्वारा भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नृत्य, भाषण एवं कविता पाठ सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा द्वारा ‘पहल’ कार्यक्रम के सभी विद्यार्थियों को नोटबुक, पेन, पेंसिल एवं अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इन सामग्रियों से विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग मिलेगा तथा उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और जीवन में बेहतर मुकाम हासिल करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इस अवसर पर पहल कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. पप्पू कुमार (यांत्रिकी विभाग) भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया।
समारोह का समापन प्रो . आशीष कुमार (सिविल ) के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्य , शिक्षकों और छात्रों सहित सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और सभी को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया
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एमआईटी मुजफ्फरपुर में एक सप्ताह के योग शिविर का भव्य समापन, देशभर के 24 संस्थानों ने लिया भाग  मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ...
15/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में एक सप्ताह के योग शिविर का भव्य समापन, देशभर के 24 संस्थानों ने लिया भाग

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर के योग क्लब द्वारा आयोजित “One-Week Yoga Shivir Certificate Course” का समापन समारोह शुक्रवार को एवीएच हॉल में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस सात दिवसीय पाठ्यक्रम में देशभर के 24 संस्थानों के प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें Nalanda University, Banaras Hindu University (BHU), J.P. University, Saharanpur तथा Nepal Sanskrit University सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागी शामिल रहे।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. किरण शुक्ला, District Indigenous Medical Officer (DIMO), AYUSH, Muzaffarpur तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. सर्वेश कुमार शैलेश, Registrar, IGIMS, Patna उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) एम. के. झा, प्राचार्य, MIT मुजफ्फरपुर ने की। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार, P/I, Yoga Club एवं Course Coordinator तथा श्री सोनू कुमार सिंह, Yoga Teacher, MIT Muzaffarpur सहित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. किरण शुक्ला ने अपने संबोधन में योग को preventive healthcare, stress management, functional fitness एवं holistic health management का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग एवं अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए योग concentration, cognitive alertness, physical conditioning एवं psychological resilience बढ़ाने में सहायक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सर्वेश कुमार शैलेश ने योग एवं तकनीकी शिक्षा के समन्वय को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि innovation एवं productivity के साथ mental well-being, cognitive performance एवं work-life balance पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने योग को विद्यार्थियों में self-regulation, concentration, emotional stability एवं decision-making विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने Engineering, Medical, Management एवं अन्य professional sectors में योग को wellness intervention के रूप में अपनाने पर जोर दिया।

प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने योग क्लब की पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के physical fitness, mental health, discipline एवं holistic personality development पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया तथा योग क्लब की गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की बात कही। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि इस सर्टिफिकेट कोर्स में देशभर के 24 संस्थानों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। शिविर के दौरान प्रतिदिन practical एवं दो theoretical sessions आयोजित किए गए, जिनमें योग दर्शन, योगासन, प्राणायाम, ध्यान, स्वास्थ्य एवं wellness, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थानों की सहभागिता से यह कार्यक्रम ज्ञान-विनिमय एवं योग के प्रचार-प्रसार का प्रभावी मंच बना। श्री सोनू कुमार सिंह, Yoga Teacher, के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं relaxation techniques का अभ्यास कराया गया। उन्होंने सही posture, breathing technique एवं नियमित अभ्यास के महत्व पर जोर दिया।
समारोह के दौरान आयोजित योगासन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं, जो समापन समारोह में उपस्थित थे, को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, resource persons, volunteers एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इंडक्शन कार्यक्रम के तहत विशेष आयोजनमुजफ्फरपुर, 13 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्ट...
14/08/2026

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इंडक्शन कार्यक्रम के तहत विशेष आयोजन

मुजफ्फरपुर, 13 अगस्त 2026। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में चल रहे इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सौरव सरकार ने विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद किया।

उन्होंने बुलिंग (Bullying) एवं वेल-बीइंग (Well-being) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आपसी सम्मान एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान उनकी फिल्म “The Stolen Star” का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक देखा।

फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों तथा समाज में व्याप्त चुनौतियों को समझने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने फिल्म निर्देशक सौरव सरकार से संवाद कर उनके अनुभवों एवं विचारों को भी जाना।

वक्ता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मविश्वासी नागरिक बनना भी है।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शैल बाला के द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिवालिका सक्सेना एवं डॉ. सारिका कुशवाहा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में संस्थान के अन्य शिक्षकगण एवं संबंधित सदस्य भी उपस्थित थे।
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एमआईटी मुजफ्फरपुर में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति पर विशेष सत्र आयोजितमुजफ्फरपुर, 12 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्...
13/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति पर विशेष सत्र आयोजित

मुजफ्फरपुर, 12 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), मुजफ्फरपुर में स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए “Meditation & Spiritual Solutions for Mental Health” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन एवं समाज के निर्माण के प्रति जागरूक किया गया तथा नशामुक्ति का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज के बीके भास्कर भाई, सीता बहन एवं आरती बहन अतिथि एवं प्रेरक वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। बीके भास्कर भाई ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन एवं आध्यात्मिक जीवन के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों एवं मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ध्यान एवं सकारात्मक चिंतन मन को शांत और संतुलित रखने के साथ-साथ एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।

सीता बहन एवं आरती बहन ने विद्यार्थियों को मेडिटेशन का अभ्यास कराया। उन्होंने ध्यान के माध्यम से मन को शांत करने, विचारों को सकारात्मक दिशा देने तथा एकाग्रता बढ़ाने के सरल एवं व्यावहारिक तरीके बताए। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक मेडिटेशन सत्र में भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा मानसिक शांति एवं आत्मबल को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. के. झा ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्म-अनुशासन भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ध्यान विद्यार्थियों को तनाव से मुक्त रहने, एकाग्रता बढ़ाने तथा जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक रूप से सामना करने में सहायता करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित एवं जिम्मेदार जीवन अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य सदस्यों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. आभा कुमारी एवं प्रो. पप्पू कुमार द्वारा किया गया। दोनों समन्वयकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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एमआईटी मुजफ्फरपुर में LeadHER इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजनमुजफ्फरपुर, 11 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑ...
12/08/2026

एमआईटी मुजफ्फरपुर में LeadHER इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन
मुजफ्फरपुर, 11 अगस्त 2026: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में MITMAAI की पहल LeadHER के अंतर्गत इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम 2026 का आयोजन एवीएच में किया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में LeadHER की फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवालिका सक्सेना एवं प्रो. प्रियंका चोपड़ा उपस्थित रहीं। साथ ही सीनियर कोऑर्डिनेटर सना हुसैन, विनु जायसवाल, शिवानी चौधरी, आयुषी सिंह एवं श्रुति ने कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों को LeadHER, इसके उद्देश्यों, MITMAAI के साथ इसके जुड़ाव तथा नेतृत्व एवं करियर विकास की दिशा में इसकी भूमिका से परिचित कराने के साथ हुई। शिवानी चौधरी एवं श्रुति ने LeadHER की विभिन्न गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। वहीं आयुषी सिंह ने LeadHER की पूर्व गतिविधियों, वर्तमान पहलों तथा आगामी योजनाओं के बारे में बताया। इसमें ‘Star Girl of the Month’ और प्रस्तावित LeadHER Library Management जैसी पहलों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर ‘Star Girl of the Month’ सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। सना हुसैन एवं विनु जायसवाल ने मई, जून और जुलाई माह के लिए चयनित छात्राओं के नामों की घोषणा की। चयनित छात्राओं को LeadHER बैज, प्रमाण-पत्र एवं LeadHER टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए ‘Wrong Answers Only’ तथा ‘Action Replay’ जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास तथा करियर के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। LeadHER के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने तथा भविष्य के लिए सक्षम नेतृत्व कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
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