03/04/2024
हां, मै संघ की एक कार्यकर्ता हूं
मै जरूरत पड़ने पर ही दिखती हूं, जब राष्ट्र को मेरी जरूरत होती है मै स्वयं भीड़ में से निकल कर आ जाती हूं, और मेरा काम समाप्त हो जाने के बाद मै फिर से भीड़ में खो जाती हूं, राष्ट्र खुशहाल है तो मै प्रसन्न हो उठती हूं और राष्ट्र मुरझाता है तो मै दुखी हो जाती हूं, मुझे नहीं पता कि कौन प्रत्याशी है मै सिर्फ उन्नत राष्ट्र देखना चाहती हूं, मुझे खुशी होती है कि मेरा देश सुरक्षित हाथों में होता है, मुझे बूथ पर ना खाना चाहिए ना चाय चाहिए, मै भूखी रह कर भी निस्वार्थ भाव से राष्ट्र के लिए जी जान से जुटा रहती हूं, जीतने वाले प्रत्याशी को मै नहीं जानना चाहती, ना मै अपनी सूरत दिखाना चाहती, बस मै चाहती हूं राष्ट्र खिलता रहे और इसी लिए मै तन मन से जुटा रहती हूं, हां मै हूं संघ की एक कार्यकर्ता..... मेरी निष्ठा फिर मुझे ले जाती है राष्ट्रकी ओर, मुझे पता है मै ही हूं अपने राष्ट्र की ताकत - इसी लिए मै जुटी रहती हूं, देश को अखंड बनाने के लिए, मां भारती के शीश पर मुकुट सजाने के लिए, हां मैं जुटी रहती हूं इस देश को मजबूत नेता प्रदान करने के लिए, इसीलिए मैं जुटी रहती हूं इस देश को मजबूत बनाने के लिए, हां मैं ताकत हूं देश की, और देश मेरी ताकत है
संतोष प्रजापति
हां मै संघ की एक कार्यकर्ता हूं.🙏
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अपना नागौर - नागौर री बात