Manoj Dheva

Manoj Dheva Personal

23/05/2020
सरकार की 'लाठी बंदूकें किसान की राह नहीं रोक सकती'हुक्के की गुड गुडाहट पर सरकार को हिला देने वाले चौधरी महेन्द्र सिंह टि...
15/05/2020

सरकार की 'लाठी बंदूकें किसान की राह नहीं रोक सकती'
हुक्के की गुड गुडाहट पर सरकार को हिला देने वाले चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत जी की पुन्यतिथी पर शत् शत् नमन 🙏🙏💐💐

परम आराध्य प्रात: स्मरणीय लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जयंती पर उनके चरणो मे शत शत प्रणाम ! तेजाजी महाराज से प्रदेश और...
18/02/2019

परम आराध्य प्रात: स्मरणीय लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जयंती पर उनके चरणो मे शत शत प्रणाम ! तेजाजी महाराज से प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना करता हुं !
#लोकदेवता #वीरतेजाजी

14/02/2019

पुलवामा(जम्मू कश्मीर) में CRPF जवानों पर हुए कायराना आतंकी हमले में शहीद जवानों को सत-सत नमन
🇮🇳जय हिंद🇮🇳

राजस्थान के सबसे बड़े  #कृषि_शिक्षा_ग्रुप Agripoint JET Institute Bikaner  के   को  #जन्मदिन_की_ हार्दिक_बधाई_एवं_शुभकाम...
02/01/2019

राजस्थान के सबसे बड़े #कृषि_शिक्षा_ग्रुप Agripoint JET Institute Bikaner के को #जन्मदिन_की_ हार्दिक_बधाई_एवं_शुभकामनाएं
ैव_किसान_पुत्रो_की_सेवा_में_तत्पर_रहते_हैं_ओर_किसान_पुत्रो_को_एक_नई_मंजिल_की_ओर_अग्रसर_करते_है

 #शहिद_ए_आजम_सरकार_उधम_सिंह_जी_की_जयंती_पर  #सत्_सत्_नमन्
26/12/2018

#शहिद_ए_आजम_सरकार_उधम_सिंह_जी_की_जयंती_पर
#सत्_सत्_नमन्

*मुग़ल झुके अफगान झुकेअर झुक्या  गगन यो साराअर लाखां विपदा आन पड़ीलेकिन कभी न झुक्या सुरज हमारा* हिन्दुस्तान के महान् शू...
25/12/2018

*मुग़ल झुके अफगान झुके
अर झुक्या गगन यो सारा
अर लाखां विपदा आन पड़ी
लेकिन कभी न झुक्या सुरज हमारा*

हिन्दुस्तान के महान् शूरवीर प्राकृमी यौधा अजेय बलिदानी महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर कोटि कोटि नमन।
महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 ई. में भरतपुर राजघराने में बदन सिंह के यहां सिनसिनवार जाट राजवंश में हुआ ओर उन्होंने देश कि रक्षा के लिए 25 दिसंबर 1763 ई. को अपने बलिदान की आहुति दी।

महाराजा सूरजमल हिन्दुस्तान के सबसे शक्तिशाली अजेय योद्धा थे जिनके लोहागढ़ के किले को आज तक कोई भी नहीं जीत सका है इसलिए इनको अजेय योद्धा कहा जाता है।

उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में एक कहावत है कि *जाटों के बिना किसने पानीपत जीतें*

इसका सार यह है कि, 14 जनवरी 1761 को मराठा शक्तियों का अहमद शाह अब्दाली से संघर्ष हुआ ओर ‌उस समय मराठा शासक सदासिव भाऊ ओर महाराजा सूरजमल के बीच वैचारिक मतभेद थे जिस कारण अपने आप को सक्षम समझते हुए सदाशिव भाऊ अकेले ही अपनी सेना के साथ रण क्षेत्र में कुद पड़े ओर इस बीच पानीपत कि तीसरी लड़ाई में एक लाख में से आधे से ज्यादा मराठा सैनिक मारे गए और बच्चे हुए बुरी तरह से जख्मी हो गए थे और इस युद्ध में मराठाओं कि हार हुई।
बाद में घायल मराठा सैनिकों का उपचार ओर रहन सहन एवं खान पान की व्यवस्था महाराजा सूरजमल ने हि की थी।
इस लिए कहा जाता है कि *जाटों के बिना किसने पानीपत जीतें*

महाराजा सूरजमल एक कुशल प्रशासक ओर राजनैतिज्ञ कुशाग्र बुद्धि के धनी थे उनका कब्जा बड़े भू भाग पर फैला हुआ था जिसमें डीग कुम्हेर, भरतपुर के अतिरिक्त मथुरा, मेरठ, आगरा, धौलपुर, मेवात, अलीगढ़, गुड़गांव, रोहतक, रेवाड़ी ओर ‌ऐटा तक साम्राज्य विकसित किया गया था।
इस प्रकार महाराजा सूरजमल एक शौर्य और साहसी शासक थे
इस महान शख्सियत को इसके बलिदान दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
ाराजा_सूरजमल

धाकड नेता भरतपुर  #महाराजा_विश्वेंद्र_सिंह जी को  #कैबिनेट_मंत्री बनने पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएंं!उम्मीद करते हैं आप प्...
24/12/2018

धाकड नेता भरतपुर #महाराजा_विश्वेंद्र_सिंह जी को #कैबिनेट_मंत्री बनने पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएंं!
उम्मीद करते हैं आप प्रदेश में जवानों व किसानों के हक के लिए सदा संघर्षरित रहोगो....!!

बुटाटी धाम नागौरबुटाटी धाम आस्था का केंद्रएक मंदिर ऐसा भी है जहा पर पैरालायसिस(लकवे ) का इलाज होता है ! यहाँ पर हर सालहज...
24/12/2018

बुटाटी धाम नागौर

बुटाटी धाम आस्था का केंद्र

एक मंदिर ऐसा भी है जहा पर पैरालायसिस

(लकवे ) का इलाज होता है ! यहाँ पर हर साल

हजारो लोग पैरालायसिस(लकवे ) के रोग से

मुक्त होकर जाते है यह धाम नागोर जिले के

कुचेरा क़स्बे के पास है, अजमेर- नागोर रोड पर

यह गावं है ! लगभग ५०० साल पहले एक संत होए

थे चतुरदास जी वो सिद्ध योगी थे,

वो अपनी तपस्या से लोगो को रोग मुक्त करते

थे|

मन्दिर में नि:शुल्क रहने व खाने की व्यवस्था भी है| लोगों का मानना है कि मंदिर में परिक्रमा लगाने से बीमारी से राहत मिलती है|

राजस्थान की धरती के इतिहास में चमत्कारी के अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं| आस्था रखने वाले के लिए आज भी अनेक चमत्कार के उदाहरण मिलते हैं, जिसके सामने विज्ञान भी नतमस्तक है| ऐसा ही उदाहरण नागौर के 40 किलोमीटर दूर स्तिथ ग्राम बुटाटी में देखने को मिलता है। लोगों का मानना है कि जहाँ चतुरदास जी महाराज के मंदिर में लकवे से पीड़ित मरीज का राहत मिलती है। सन्त चतुरदास जी महाराज के मन्दिर ग्राम बुटाटी में लकवे का इलाज करवाने देश भर से

वर्षों पूर्व हुई बिमारी का भी काफी हद तक इलाज होता है। यहाँ कोई पण्डित महाराज या हकीम नहीं होता ना ही कोई दवाई लगाकर इलाज किया जाता। यहाँ मरीज के परिजन नियमित लगातार 7 मन्दिर की परिक्रमा लगवाते हैं| हवन कुण्ड की भभूति लगाते हैं और बीमारी धीरे-धीरे अपना प्रभाव कम कर देती है| शरीर के अंग जो हिलते डुलते नहीं हैं वह धीरे-धीरे काम करने लगते हैं। लकवे से पीड़ित जिस व्यक्ति की आवाज बन्द हो जाती वह भी धीरे-धीरे बोलने लगता है।

यहाँ अनेक मरीज मिले जो डॉक्टरो से इलाज करवाने के बाद निरास हो गए थे लेकिन उन मरीजों को यहाँ काफी हद तक बीमारी में राहत मिली है। देश के विभिन्न प्रान्तों से मरीज यहाँ आते हैं और यहाँ रहने व परिक्रमा देने के बाद लकवे की बीमारी अशयजनक राहत मिलती है। मरीजों और उसके परिजनों के रहने व खाने की नि:शुल्क व्यवस्था होती है।

दान में आने वाला रुपया मन्दिर के विकास में लगाया जाता है। पूजा करने वाले पुजारी को ट्रस्ट द्वारा तनखाह मिलती है। मंदिर के आस-पास फेले परिसर में सैकड़ों मरीज दिखाई देते हैं, जिनके चेहरे पर आस्था की करुणा जलकती है| संत चतुरदास जी महारज की कृपा का मुक्त कण्ठ प्रशंसा करते दिखाई देते।

नागोर जिले

के अलावा पूरे देश से लोग आते है और रोग मुक्त

होकर जाते है हर साल वैसाख, भादवा और माघ

महीने मे पूरे महीने मेला लगता है !

बुटाटी धाम

ये एक महान संत और सिद्ध पुरुष चतुरदास

जी का मंदिर है .... ...जय चतुर दास

जी ..आस्था को नमन

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