03/07/2026
जैसे की तथाकथित मिडिया वाले ऐसी घटना का ही इंतजार कर रहे थे , कल के दौरे में हजारों अच्छे विडियो और कंटेंट मौजूद हैं लेकिन इन पतलचाटो को ऐसा विडियो चाहिए , जिसमें बिना सच्चाई जाने बिना तहकीकात किए उस गाड़ी ड्राइवर को बेचारा राहगीर घोषित कर दिया और मामूली बात बता कर ऐसे गंभीर अपराध को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी सामने से सड़क के बीचोंबीच स्टंट करती हुई तेजी से काफिले के बीच में घुसी और हनुमान बेनीवाल जी की गाड़ी से टकराने का प्रयास किया , मामूली कहासुनी और ड्राइवर बेचारा होता तो सड़क पर 500-600 गाड़ियों का भारी भरकम काफिला आता देख गाड़ी को साइड में खड़ी कर देता और 5-7 मिनट काफिला निकलने का इंतजार करता लेकिन नहीं उस ड्राइवर को कुछ और ही भूत चढ़ा हुआ था , वैसे जोधपुर से लेकर सेड़वा तक हजारों गाड़ियां काफिले के बीच आई लेकिन किसी के साथ ऐसी घटना नहीं हुई, वो ड्राइवर बेचारे थे जो काफिला आता देख गाड़ी एक तरफ खड़ी कर देते या साइड देकर निकल जाते लेकिन इस ड्राइवर की मंशा कुछ और थी , गाड़ी में लाठियां और भरा हुआ गैस सिलेंडर था , अंदाजा लगाओ कि कार्यकर्ता लापरवाही बरतते और गाड़ी को अनदेखा कर देते तो हो सकता है वो गाड़ी हनुमान बेनीवाल जी की गाड़ी से टकराती और गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो जाता तो कितना नुक़सान होता ?
बाड़मेर के इन तथाकथित जातिवादी पत्रकारों को सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है, इनके तकलीफ़ हो गई कि हनुमान बेनीवाल जी का दौरा सफल कैसे हुआ और बोर्डर इलाके में इतनी भीड़ क्यों आ गई ? इतना बड़ा रिकॉर्ड तोड़ काफिला कैसे बन गया ? इससे बौखला कर गलत को सही साबित करने और मामूली कहासुनी बेचारा राहगीर ड्राइवर बताकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह तो वीर तेजाजी महाराज की कृपा और लाखों किसानों - जवानों - गरीब पीड़ित शोषित पिछड़े वर्गों की दुआ थी जो कुछ नहीं बिगड़ा वरना अब भी ये बेचारा राहगीर ड्राइवर ही बताते ।
इसके पीछे बहुत बड़ी साज़िश भी हो सकती है सीमावर्ती क्षेत्रों में हनुमान बेनीवाल जी का सफल दौरा देखकर लोकप्रियता देखकर बौखलाहट में दौरे में विघ्न डालने का प्रयास हो सकता है , बाड़मेर पुलिस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करें और ड्राइवर की कॉल डिटेल निकाल कर साजिश का पर्दाफाश करें और ऐसी हरकतें करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे ।