24/08/2026
डायनासोरों के खत्म होने का इतिहास और विज्ञान कुछ इस तरह समझा जा सकता है:
1. कब हुआ विलुप्ति?
लगभग 6.6 करोड़ साल पहले (66 million years ago) क्रीटेशियस काल के अंत और पैलियोजीन काल की शुरुआत में डायनासोरों समेत पृथ्वी की लगभग 75% प्रजातियाँ खत्म हो गईं. इस घटना को K-Pg विलुप्ति (Cretaceous-Paleogene extinction) कहते हैं.
2. मुख्य वैज्ञानिक कारण: विशाल ऐस्टरॉयड टकराव
सबसे प्रमाणित सिद्धांत यह है कि एक 10-15 किमी चौड़ा ऐस्टरॉयड पृथ्वी से टकराया.
टकराव की जगह
· यह टकराव आज के मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप के पास हुआ.
· वहाँ चिक्सुलूब क्रेटर (Chicxulub crater) मिला है, जो लगभग 180 किमी चौड़ा है.
· इसकी उम्र भी लगभग 6.6 करोड़ साल ही निकली है.
प्रमाण क्या हैं?
1. इरिडियम परत
दुनिया भर की चट्टानों में उसी समय की एक पतली परत में इरिडियम नामक तत्व असामान्य रूप से ज़्यादा मिलता है. इरिडियम पृथ्वी की सतह पर दुर्लभ है, पर उल्कापिंडों में आम होता है.
2. शॉक्ड क्वार्ट्ज़ और टेक्टाइट्स
टकराव से बने काँच जैसे कण और दबाव से बदले हुए क्वार्ट्ज़ भी मिले हैं.
3. सुनामी के निशान
मेक्सिको की खाड़ी के आसपास उसी समय की विशाल सुनामी की तलछटें मिली हैं.
3. टकराव के बाद क्या हुआ?
टकराव से तुरंत और लंबे समय तक चलने वाले प्रभाव हुए:
· आग का गोला और शॉकवेव
· मेगा-सुनामी
· धूल, राख और सल्फर के कण वायुमंडल में फैल गए
· सूरज की रोशनी महीनों से लेकर सालों तक धरती तक ठीक से नहीं पहुँची
· “इम्पैक्ट विंटर” यानी टकराव से पैदा हुई वैश्विक ठंड
· प्रकाश संश्लेषण रुकने से पौधे मरे → शाकाहारी डायनासोर भूखे मरे → मांसाहारी डायनासोर भी खत्म हुए
· अम्लीय वर्षा और खाद्य श्रृंखला का पूरा पतन
4. भारत का डेक्कन ट्रैप ज्वालामुखी से संबंध
कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि उसी समय भारत के डेक्कन ट्रैप में भीषण ज्वालामुखी विस्फोट हो रहे थे। इससे पहले से ही जलवायु तनाव में थी.
हालाँकि अधिकतर शोध यही कहते हैं कि मुख्य घातक प्रहार ऐस्टरॉयड का था, और ज्वालामुखी ने स्थिति और खराब कर दी.
5. कौन बच गए?
· सभी नॉन-एवियन डायनासोर (ज़मीन पर चलने वाले बड़े डायनासोर) खत्म हो गए.
· लेकिन पक्षी बच गए, जो वैज्ञानिक रूप से डायनासोरों के ही वंशज हैं.
· स्तनधारी, कुछ सरीसृप, मेंढक, मछलियाँ और कीड़े बच गए.
· डायनासोरों के खत्म होने के बाद स्तनधारियों को फैलने का मौका मिला, जिससे आगे चलकर मानव का विकास भी संभव हुआ.
6. इस विचार का इतिहास
· 1980 में भौतिकविद लुइस अल्वारेज़ और उनके बेटे वॉल्टर अल्वारेज़ ने इटली के गुब्बियो में चट्टानों की परत में इरिडियम की अधिकता पाई.
· उन्होंने प्रस्ताव दिया कि कोई विशाल उल्कापिंड पृथ्वी से टकराया था.
· 1990 के दशक में चिक्सुलूब क्रेटर की खोज और उसकी उम्र ने इस सिद्धांत को लगभग पक्का कर दिया.
संक्षेप में:
डायनासोरों का अंत मुख्य रूप से एक विशाल ऐस्टरॉयड टकराव से हुआ, जिसने वैश्विक अंधकार, ठंड और खाद्य श्रृंखला को नष्ट कर दिया। पक्षी इसी घटना से बचे डायनासोरों के वंशज हैं.