28/03/2026
27 फ़रवरी 2026 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, में ABVP द्वारा एक हिंसक पहल की गई थी। और हमारे साथियों पर ही एक झूठी FIR दर्ज करवाई गई। उस घटना के सिलसिले में हमारे साथी पुलिस की जांच पड़ताल में पूरा सहयोग दे रहे थे। और पूरे 23 दिन बाद पुलिस को कानून व्यवस्था याद आती है और तीन साथियों को अचानक गिरफ़्तार किया जाता है। बिना साक्ष्य जुटाए एक मनगढ़ंत एफआईआर में हमारे साथियों को गिरफ़्तार करना शिमला पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। शिमला पुलिस, SP राजनीतिक दबाव में आकर काम करते है। जो कि बेहद शर्मनाक बात है।
जेल के ताले कच्चे है, हमारे साथी सच्चे है।
जेल के ताले टूटेगें हमारे साथी छूटेंगे।।