09/10/2025
★ “यथार्थवादी बनो, असंभव की माँग करो।”
★ “अगर अन्याय देखकर तुम्हें गुस्सा आता है, तो तुम मेरे साथी हो।”
★ “क्रांति कोई ऐसा फल नहीं है जो अपने आप पककर ज़मीन पर गिर जाए, इस फल को ज़मीन पर गिराने के लिए तुम्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।”
★ “कोई भी पुश्तैनी क्रांतिकारी नहीं होता, सिर्फ़ संघर्षों में तपकर ही क्रांतिकारी बनता है। वह परिस्थितियों को बदलने के लिए संघर्ष करता है, सबको एकजुट करता है और इस प्रक्रिया में वह ख़ुद भी बदलता है। संघर्ष की लौ उसकी रगों में ऐसा उजाला भर देती है, जो पहले कभी नहीं था।”
★ “तुम मुझे मार सकते हो, मेरे विचारों को नहीं।”
★ “एक क्रांतिकारी का पहला कर्तव्य शिक्षित होना है।”
★ “उस देश के साथ विश्वासघात करना आसान है, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानता।”
★ “मैं घुटनों के बल जीने की बजाय, अपने पैरों पर खड़ा होकर मरना पसंद करूँगा।”
★ “हमें युवाओं के साथ मिलकर सोचना और काम करना सीखना होगा, व्यक्तिगत रूप से सोचना एक अपराध है।”
★ “हमें खुद को भीतर से मज़बूत करना होगा, लेकिन अपनी कोमलता खोए बिना।”
★ “न्याय कुछ ताकतवर लोगों का हथियार बन गया है। कानूनी व्याख्याएँ उन लोगों के अनुसार चल रही हैं, जिनके पास दमनकारी शक्तियाँ हैं।”
★ “हम पूरी तरह जानते हैं कि एक व्यक्ति का जीवन इस धरती के सबसे अमीर व्यक्ति की सारी दौलत से लाखों गुना ज़्यादा कीमती है।”
★ “दुनिया में कहीं भी, किसी के साथ भी हो रहे अन्याय को हमेशा महसूस करने में सक्षम रहें।”
★ “मूल सिद्धांत यह है कि कोई भी लड़ाई तब तक लड़ी जानी चाहिए, जब तक वह जीत न जाए।”
🖋️ #चे_ग्वेरा