18/06/2025
आदरणीय सम्मानित साथियों नमस्कार🙏🙏
सर्वप्रथम 11 तारीख को वर्ग की एकता में किसी भी रूप में सहयोग करने वाले और इसे अंजाम पर पहुंचाने वाले सभी साथियों , प्रधानों , महासचिवों, इलेक्शन कमेटी सभी का दिल से धन्यवाद।
साथियों अपने सीनियर, जूनियर व मेरे दोस्तों व संगठन के सच्चे सिपाही मेरे अजीज रमेश सुहाग से चर्चा करने के बाद मैं शुद्ध अंतरात्मा से इस मैसेज को लिख रहा हूं, निवेदन है कि इसे सभी साथियों ,कमेटी द्वारा पॉजिटिवली लिया जाए।
साथियों 11 तारीख को हमने वर्ग की एकता के रूप में एक अति महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की,जिसके लिए आनंद मनाना बनता है और साथियों ने पूरे जोश के साथ इन पलों का रस पान किया।लेकिन इस आनंद में हम कहीं ना कहीं आंदोलन और उसके मान को भूल गए ।
आप सब की जानकारी के लिए बता दूँ पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह बेनीवाल अभी भी vlda वर्ग के इस आंदोलन को संघर्ष कुटीर पर बैठे कर जिंदा रखे हुए है, परंतु उन्होंने 11 तारीख के फैसलों का बखूबी स्वागत व सम्मान करते हुए, उसके तुरंत बाद से धरनास्थल के फोटो डालने बंद कर दिए ओर बैनर भी हटा दिया है,क्योंकि भाईचारे के बीच में वो संगठन को भंग कर चुके हैं ,ऐसा करके उन्होंने बखूबी भाईचारे के आदेश को सरमाथे लगाया है।
संगठनात्मक कार्यशैली के अनुरूप इलेक्शन होने तक संयुक्त संघर्ष समिति के सानिध्य में आंदोलन को जारी रखा जाता और (हो सकता है ऐसा करने का चुनी हुई कमेटी के मन में भी हो परन्तु आज 17 तारीख लगभग 6 दिन बाद जिसमें कमेटी की मीटिंग भी हो चुकी है तो ऐसा सार्वजनिक रूप से दिखा नहीं) इलेक्शन होने के बाद चुनी हुई समिति राज्यकार्यकारिणी की बैठक उपरांत आंदोलन बारे निर्णय लेती। परंतु हम एकता के जश्न में इस पहलू को भूल गए।
परंतु अभी भी इस भूल को सुधारा जा सकता है।
अगर हम सभी में ये साहस भी नहीं है तो हम कम से कम एक काम तो कर ही सकते हैं के आंदोलन का समापन सम्मानजनक हो।
इस पर चर्चा के लिए मैं सत्यवान गोस्वामी एक आम vlda और आंदोलन के सम्मान का समर्थक होने के नाते आप सभी से अपील करता हूं कि ऐसे सभी आम और खास vlda जो किसी भी रूप में आंदोलन के मान सम्मान ,इज्जत को अपने मान सम्मान और इज्जत के रूप में देखते हैं, जो तन मन धन किसी भी रूप में आंदोलन से जुड़े रहे हैं, चाहे वो प्रधान जी की कार्य प्रणाली से खुश थे या नाखुश,पर वो आंदोलन समर्थक जरूर थे,वो सभी आम और खास vlda 22 तारीख को .......... धर्मशाला ......... शहर में .......बजे एकत्रित हों।
मैं आप सभी की ओर से प्रधान बिजेंद्र सिंह बेनीवाल व अन्य आंदोलनकारी साथियों को भी यहां आमंत्रित करता हूं जिन्होंने आंदोलन को अपने तन मन धन से सिंचा ताकि हम सब साथी मिलकर उन्हें बता सकें,जता सकें कि उनके त्याग,तपस्या,संघर्ष की कद्र करने वाले यहां हैं। हमने उन्हें भुलाया नहीं है और ना ही कभी भुलायेंगे।
हम सब साथी इकट्ठे होकर यहां पर आंदोलन का सम्मान करें और आंदोलन रत साथियों का सम्मान करें।
हमारे लिए आंदोलन के दौरान इन्होंने जो मानसिक ,सामाजिक,
पारिवारिक नुकसान झेला है,उसकी भरपाई तो कोई भी करने में सक्षम नहीं है ,परंतु हम सब आंदोलन का सम्मान करने वाले कम से कम आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के एक निर्णय पर पहुंचकर स्वयं की आत्मा के बोझ को तो तिल भर कम कर ही सकते हैं।
उसके बाद हम धरना स्थल पर जाकर विधिवत रूप से इस आंदोलन का समापन करवाएं।
किसी की भी भावनाओं को आहत करने का मेरा कोई मंतव्य नहीं है। शुद्ध हृदय से ये मेरा प्रस्ताव है। कृपया आंदोलन का सम्मान करने वाला हर आम और खास साथी वहां पहुंचे।
ये मीटिंग हम पंचकुला में भी कर सकते हैं परंतु शायद बिना किसी पैड पर लिखे बिना किसी परमिशन के हम वहां ना इकट्ठे हो पाएं। अगर संभव है या पंचकुला के साथियों के सहयोग से बिना प्रशासन की अनुमति के किसी जगह पर maas gathering, चाय पानी की व्यवस्था संभव है तो सबसे पहली चॉइस पंचकुला ही रहेगी।
इसलिए स्थान खाली छोड़ा गया है। यहां संभव ना हो पाए तो अन्य जिलों में अगर साथी इस आयोजन को करने की हां भरते हैं तो कर सकते हैं उनका भी पूरा आर्थिक व मानसिक सहयोग किया जाएगा।
कल शाम 8 बजे तक जगह फाइनल करके बता दी जाएगी।
धन्यवाद🙏🙏🙏