27/11/2020
💫लक्ष्मण रेखा गुरु वाणी की हो तो रावण कभी नहीं आ सकता....!💫
सत्संग का अर्थ है, गुरुवाणी, केवल गुरुवाणी!
लक्ष्मण रेखा गुरु वाणी की हो तो रावण कभी नहीं आ सकता....!
गुरु वचनों को रखना संभाल के, एक-एक वचन में गहरे राज हैं।।
कहां रखते हो ? भैया मेमोरी कार्ड तो तुम्हारे पास एक ही है। चाहो तो उसमें गंदे वीडियो भरो, अच्छा 16GB का मेमोरी कार्ड किसी के पास है, अब चाहे तो उसमें भागवत की कथा भरो, चाहे तो गुरु का प्रवचन भरो और चाहे तो सरलीन चोपड़ा को भरो और चाहे तो सनीलियोनी को भरो, "it's you coice" तुम्हारी मर्जी! जिनको भरना है भरो पर तुम कोई परमात्मा नहीं हो कि तुम्हारी मेमोरी अनंत है, तुम अंश हो उनके वो सर्वज्ञ हैं तुम अल्पज्ञ हो, वो सर्व शक्तिमान हैं तुम कम शक्तिमान हो, अल्प शक्तिमान हो और इसलिए तुम्हारी मेमोरी लिमिटेड है बड़ी सोच समझ के भरना और एक बात और बता दूं, वो मेमोरी तो जब चाहो भरो जब चाहो डिलीट करो, लगाके मोबाइल में डिलीट! एक बार और कंफर्म करेगा शयोर ? बोला शयोर! टरर.... पर याद रखना ये तुम्हारी मेमोरी है ये जन्मो तक नहीं जाती।
एक जनम के मेमोरी को मिटाने में जनम-जनम गुजर जाते हैं। इसलिए भरना ही बड़ी सलीके से तरीके से सावधानी से.... ये कान है तुम्हारे भगवान की कथा सुनकर के नंद नंदन श्याम सुंदर और अपने गुरु को अपने ह्रदय से सिंहासन पर बिठाने के लिए, ये डस्टबिन नहीं है जो वहां खरगोश लेकर खड़ा है कंगारू ऐसे कि थूक दो, जूठा डाल दो, जो गारवेज है उसमें डाल दो... ये डस्टबिन नहीं है ये कान। परमात्मा ने बड़ी करुणा करके दिया है बहरा नहीं बनाया। नहीं तो जन्मजात गूंगे, अंधे और बहरे लोग पैदा होते हैं।
किसी के आंख ठीक है तो कान नहीं, कान है तो आंख नहीं और किसी के सब हैं तो कौवा टक टका टक टक... मेन सर्किट उड़ा हुआ है, कुछ पता नहीं! तुम्हें सब मिला, कान भी मिले जिह्वा भी मिली, सर्किट भी उड़ा नहीं है ठीक-ठाक है पर इसे डस्टबिन बनाए पड़े हैं, उसने क्या किया ? रहने दे भाई तेरे से कम परेशान कर रहा है तुम्हारे चरित्र मुझे जितना कभी-कभी परेशान कर जाते हैं मक्खी मच्छर बेचारे क्या करेंगे ? ये आवाज मुझे पसंद नहीं है एक आवाज वहां हो रहा है एक यहां हो रहा है, हां! इसलिए कह रहा हूं तुम्हारा सब ठीक है। भगवान की अहैतुकी कृपा है तुम पर, कान भी ठीक, नासिका भी ठीक, आंख भी ठीक दिमाग भी ठीक! उलूल जुलुल चीज मेमोरी में भर मत लेना, ये डिलीट नहीं होती और है 16GB ही। एक बार भर गया तो डिलीट होना बहुत मुश्किल है। इसलिए भरते समय सावधान रहना बड़ी सजगता से अपनी एक-एक GB, एक-एक MB, एक-एक KB का प्रयोग करना, एक-एक KB का प्रयोग करना सजगता के साथ। क्या आना चाहिए इसमें और क्या नहीं आना चाहिए, छन्ना पत्र लगा देना फिल्टर। आउटसाइर्डस नॉट अलाउड, नो ऐडमिशन विदाउट परमिशन.... ये विवेक का और गुरु वाणी का छन्ना पत्र लगा देना क्या अंदर लेना है, क्या इसके अंदर लेना है, क्या इसके अंदर लेना है... ये छन्ना पत्र लगा देना, फिल्टर लगा देना।
💫 अंकुर दीक्षित जी💫