12/08/2026
श्री प्रतापराव जाधव, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय एवं राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि शासकीय कार्यप्रणाली का स्वाभाविक हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कार्यालयी कार्य, पत्राचार एवं टिप्पणियों में अधिकाधिक हिंदी के प्रयोग तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन देने पर बल दिया। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने ‘अप्रतिम आयुष’ पुस्तिका का भी विमोचन किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग को दिए जा रहे महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना के साथ हिंदी का प्रयोग कार्यालय से आगे सार्वजनिक जीवन एवं दैनिक संवाद में भी बढ़ना चाहिए।
वैद्य राजेश कोटेचा जी, सचिव, आयुष मंत्रालय ने मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए आधिकारिक कार्य, पत्राचार, प्रकाशन, वेबसाइट, सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क गतिविधियों में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को हिंदी के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जानकारी भी दी।
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Prataprao Jadhav Press Information Bureau - PIB, Government of India MyGovIndia