15/08/2026
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर Radhey Shayam Charitable Foundation (RSCF) द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VSIET), ग्रेटर नोएडा में भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री कलराज मिश्र जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री वीरेश तिवारी जी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं सदस्य, Grievance Redressal Committee, Noida Authority, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री कलराज मिश्र जी एवं विशिष्ट अतिथि श्री वीरेश तिवारी जी के संस्थान परिसर में आगमन के साथ हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत अतिथियों ने संस्थान में स्थापित EV Lab का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए Drone एवं Go-Kart का भी प्रदर्शन किया गया।
इन आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को Electric Mobility, Drone Technology और Automobile Engineering के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह पहल तकनीकी शिक्षा को प्रयोगात्मक सीख, नवाचार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसके बाद सभागार में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के सभी अंतरों का सामूहिक गायन किया गया तथा भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कलराज मिश्र जी एवं विशिष्ट अतिथि श्री वीरेश तिवारी जी का अंगवस्त्र, चित्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए Radhey Shayam Charitable Foundation के महासचिव श्री सौरभ त्रिपाठी जी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य बलिदानों को स्मरण करने का अवसर है, जिनके कारण भारत स्वतंत्र हुआ। उन्होंने ‘वन्दे मातरम्’ को राष्ट्रभावना का महामंत्र बताते हुए कहा कि यह केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति प्रेम, समर्पण और राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने का जज़्बा प्रदान करने वाली प्रेरणादायी पुकार है।
उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ की भावना युवाओं को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में योगदान देने और भारत के गौरव, संस्कृति एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज के विकसित भारत के संकल्प तक ‘वन्दे मातरम्’ की निरंतर प्रेरणादायी भूमिका को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री कलराज मिश्र जी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के ज्ञान, चरित्र, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा की भावना पर निर्भर है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल रोजगार प्राप्त करने वाले युवा न बनें, बल्कि नए अवसर, नई तकनीक और नए समाधान विकसित करने वाले राष्ट्र निर्माता बनें।
उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को समझना और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र की प्रगति के लिए करना चाहिए तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि श्री वीरेश तिवारी जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से देश की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक परंपराओं को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम और उत्साह से भर दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति, विविधता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
समारोह के दौरान EV Lab, Drone एवं Go-Kart जैसी तकनीकी पहलों और विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस के संदेश को आधुनिक भारत की आकांक्षाओं से जोड़ा। कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर VSIET की ओर से अतिथियों एवं सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ तथा सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
Radhey Shayam Charitable Foundation द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित यह समारोह स्वतंत्रता, भारतीय संस्कृति, युवा शक्ति और तकनीकी नवाचार को एक मंच पर लाने वाला प्रेरणादायी आयोजन रहा। समारोह ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता की विरासत को आगे बढ़ाने का सर्वोत्तम माध्यम ज्ञान, चरित्र, नवाचार, राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी है।
#स्वतंत्रता_दिवस #वन्दे_मातरम्