10/10/2025
एक वो था, जो अंग्रेज़ों की दलाली करता था...
एक आज का है, जो अडानी की दलाली करता है।
तब चुप थे जब भारत लूट रहा था,
अब चुप हैं जब भारत बेच रहा है।
कभी खाकी निक्कर में ‘हुकूमत’ के तलवे चाटते थे,
आज सूट-बूट में पूंजीपतियों की गोदी में बैठे हैं।
नाम बदला है, चाल नहीं।
'राष्ट्रभक्ति' का ढोल वही है, बस पीठ थपथपाने वाले बदल गए हैं।
✍️ Akkī Meeɳa
🇮🇳💰🤐